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किम जोंग उन ने शी को भेजे संदेश में चीन-उत्तर कोरिया संबंधों को मजबूत करने का संकल्प दोहरायाअमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर एथलीटों पर राज्य प्रतिबंधों को बरकरार रखादोहा में अमेरिका-ईरान तकनीकी वार्ता जारी, उच्च-स्तरीय सीधी बैठक नहींजुलाई 2026: स्ट्रॉबेरी मून की सुनहरी छटा से लेकर कोरियाई रहस्यों तक का सफरइंटर मिलान के डिफेंडर बास्तोनी नाबालिग वेश्यावृत्ति मामले में जांच के दायरे मेंअमेरिका की अग्निपरीक्षा: बोस्निया के ख़िलाफ़ नॉकआउट में यूरोपीय अभिशाप तोड़ने की चुनौतीनेतन्याहू को हटाने के लिए पूर्व सेनाध्यक्ष आइज़नकोट का चुनावी अभियान शुरू, 7 अक्टूबर जांच का वादाफ्रांस में मई की लू से 300 से अधिक मौतें, इटली में आंकड़ों पर विवादकिम जोंग उन ने शी को भेजे संदेश में चीन-उत्तर कोरिया संबंधों को मजबूत करने का संकल्प दोहरायाअमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर एथलीटों पर राज्य प्रतिबंधों को बरकरार रखादोहा में अमेरिका-ईरान तकनीकी वार्ता जारी, उच्च-स्तरीय सीधी बैठक नहींजुलाई 2026: स्ट्रॉबेरी मून की सुनहरी छटा से लेकर कोरियाई रहस्यों तक का सफरइंटर मिलान के डिफेंडर बास्तोनी नाबालिग वेश्यावृत्ति मामले में जांच के दायरे मेंअमेरिका की अग्निपरीक्षा: बोस्निया के ख़िलाफ़ नॉकआउट में यूरोपीय अभिशाप तोड़ने की चुनौतीनेतन्याहू को हटाने के लिए पूर्व सेनाध्यक्ष आइज़नकोट का चुनावी अभियान शुरू, 7 अक्टूबर जांच का वादाफ्रांस में मई की लू से 300 से अधिक मौतें, इटली में आंकड़ों पर विवाद
विज्ञान और स्वास्थ्यबुधवार, 24 जून 2026

पाँच मिनट की सैर से लेकर गहरी नींद तक: दीर्घायु के लिए विज्ञान सम्मत आदतें

नए अध्ययन बता रहे हैं कि मध्य आयु में शुरू की गई साधारण दिनचर्या—जैसे हर घंटे टहलना, शक्ति व्यायाम और तनाव प्रबंधन—जीवन के अंतिम दशकों को भी सक्रिय और स्वस्थ बना सकती है।

अमेरिका में 19,000 से अधिक प्रतिभागियों पर किए गए एक अध्ययन ने गतिहीन जीवनशैली के विरुद्ध एक सरल उपाय प्रस्तुत किया है: हर घंटे मात्र पाँच मिनट की सैर। परिणामों के अनुसार, इस छोटे से व्यवधान से मनोदशा में सुधार, थकान में कमी और कार्य निष्पादन पर कोई नकारात्मक प्रभाव दर्ज नहीं हुआ। प्रतिभागियों ने पाया कि हर 30 मिनट की बजाय हर घंटे की सैर अधिक व्यावहारिक रही, और इससे जुड़े लाभ आवृत्ति के साथ बढ़ते गए। यह निष्कर्ष उस व्यापक वैश्विक चिंता को रेखांकित करता है जिसमें शारीरिक निष्क्रियता को कुल मौतों के लगभग 9 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार माना जाता है।

मध्य आयु के बाद शरीर को सक्रिय रखने के लिए विशेषज्ञ अब केवल एरोबिक गतिविधि ही नहीं, बल्कि शक्ति और लचीलेपन पर भी जोर दे रहे हैं। हार्वर्ड से संबद्ध पुनर्वास विशेषज्ञों ने 50 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए बैठे हुए हैमस्ट्रिंग खिंचाव जैसे सुरक्षित व्यायाम सुझाए हैं, जबकि 72 वर्षीय प्रशिक्षक लिज़ हिलियर्ड ने दीवार के सहारे पुश-अप्स और कुर्सी स्क्वैट्स जैसे छह आंदोलनों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बताया। विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रति सप्ताह 150 मिनट की मध्यम गतिविधि की सिफारिश को अब भोजनोपरांत 10-15 मिनट की सैर से भी जोड़ा जा रहा है, जो रक्त शर्करा नियंत्रण में सहायक हो सकती है।

मस्तिष्क स्वास्थ्य पर केंद्रित शोध ने नींद और तनाव की भूमिका को और स्पष्ट किया है। जर्मनी में 40 प्रतिभागियों पर पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी से किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि 28.5 घंटे की लगातार जागरण के बाद मस्तिष्क की सिनैप्टिक सघनता बढ़ जाती है, जो नींद की होमियोस्टैटिक आवश्यकता को दर्शाता है। वहीं, लैटिन अमेरिकी न्यूरोलॉजिस्ट इस बात पर बल देते हैं कि 40 की उम्र में अपनाई गई आशावादिता, सामाजिक जुड़ाव और धूम्रपान-मद्यपान से परहेज़ जैसी आदतें 80 वर्ष की आयु में भी मस्तिष्क को सक्रिय रख सकती हैं। मनोचिकित्सक डायाफ्रामिक श्वास जैसे तत्काल व निःशुल्क उपकरण को चिंता प्रबंधन का सबसे सुलभ साधन बता रहे हैं।

स्वास्थ्य परिणामों में लैंगिक असमानताएँ भी उभर कर सामने आई हैं। ब्रिटेन के आँकड़े बताते हैं कि पुरुषों की औसत आयु महिलाओं से चार वर्ष कम है और 75 वर्ष से पहले मृत्यु की संभावना 60 प्रतिशत अधिक है, जिसके पीछे निम्न स्वास्थ्य साक्षरता और सांस्कृतिक रूढ़ियाँ प्रमुख कारण हैं। दूसरी ओर, मैक्सिको के राष्ट्रीय स्वायत्त विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने चेताया है कि धूम्रपान का प्रभाव महिलाओं के छोटे वक्ष और हार्मोनल व्यवधान के कारण दोगुना हो सकता है। दक्षिण एशिया में, बांग्लादेश के चिकित्सक मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को शारीरिक लक्षणों—जैसे अचानक श्रवण हानि या धड़कन—के रूप में प्रकट होने और उपचार में सामाजिक झिझक की ओर इशारा करते हैं।

इन सबके बीच, जनसांख्यिकीय पूर्वानुमान एक नई वास्तविकता प्रस्तुत करते हैं: स्पेन के विज्ञान प्रसारक पेरे एस्टुपिन्या के अनुसार, आज के 60 वर्षीय लोगों में से हर दो में से एक 90 वर्ष पार करेगा। ऐसे में, कार्यस्थलों पर गतिविधि अवकाश को प्रोत्साहित करने, आयुवाद का मुकाबला करने और सुलभ मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की नीतिगत पहल अगला आवश्यक कदम बन जाती है। शोधकर्ता इस बात पर सहमत हैं कि दीर्घायु की तैयारी 30 या 40 की उम्र से ही आरंभ कर देनी चाहिए, न कि सेवानिवृत्ति के बाद।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

50%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
रूसी और सीआईएस प्रेसलैटिन अमेरिकी प्रेस
रूसी और सीआईएस प्रेस/ राजकीय
उदासीनताव्यावहारिकता

शोधकर्ताओं ने पाया कि एक रात की नींद न लेने से मानव मस्तिष्क में सिनैप्टिक मार्कर बढ़ जाते हैं। 40 स्वयंसेवकों पर किए गए अध्ययन में, जो 28 घंटे जागते रहे और पीईटी स्कैन से गुज़रे, SV2A प्रोटीन में वृद्धि देखी गई। बाद की नींद इन स्तरों को सामान्य कर देती है, जो एक ऐसे नियामक तंत्र की ओर इशारा करता है जिसे पहले ठीक से नहीं समझा गया था।

लैटिन अमेरिकी प्रेस
चेतावनीअत्यावश्यकता

पूरी रात जागना केवल थकाने वाला नहीं है—यह मस्तिष्क के कोशिकीय संतुलन को बिगाड़ देता है। लंबे समय तक जागने से सिनेप्स मजबूत होते हैं, ऊर्जा की माँग बढ़ती है और प्रोटीन जमा होने लगता है। नींद इस होमियोस्टेसिस को बहाल करती है, लेकिन मानव प्रमाण अब जाकर सामने आए हैं, और संदेश साफ है: आराम छोड़ना मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए खतरा है।

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किम जोंग उन ने शी को भेजे संदेश में चीन-उत्तर कोरिया संबंधों को मजबूत करने का संकल्प दोहराया·अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर एथलीटों पर राज्य प्रतिबंधों को बरकरार रखा·दोहा में अमेरिका-ईरान तकनीकी वार्ता जारी, उच्च-स्तरीय सीधी बैठक नहीं·जुलाई 2026: स्ट्रॉबेरी मून की सुनहरी छटा से लेकर कोरियाई रहस्यों तक का सफर·इंटर मिलान के डिफेंडर बास्तोनी नाबालिग वेश्यावृत्ति मामले में जांच के दायरे में·अमेरिका की अग्निपरीक्षा: बोस्निया के ख़िलाफ़ नॉकआउट में यूरोपीय अभिशाप तोड़ने की चुनौती·नेतन्याहू को हटाने के लिए पूर्व सेनाध्यक्ष आइज़नकोट का चुनावी अभियान शुरू, 7 अक्टूबर जांच का वादा·फ्रांस में मई की लू से 300 से अधिक मौतें, इटली में आंकड़ों पर विवाद·किम जोंग उन ने शी को भेजे संदेश में चीन-उत्तर कोरिया संबंधों को मजबूत करने का संकल्प दोहराया·अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर एथलीटों पर राज्य प्रतिबंधों को बरकरार रखा·दोहा में अमेरिका-ईरान तकनीकी वार्ता जारी, उच्च-स्तरीय सीधी बैठक नहीं·जुलाई 2026: स्ट्रॉबेरी मून की सुनहरी छटा से लेकर कोरियाई रहस्यों तक का सफर·इंटर मिलान के डिफेंडर बास्तोनी नाबालिग वेश्यावृत्ति मामले में जांच के दायरे में·अमेरिका की अग्निपरीक्षा: बोस्निया के ख़िलाफ़ नॉकआउट में यूरोपीय अभिशाप तोड़ने की चुनौती·नेतन्याहू को हटाने के लिए पूर्व सेनाध्यक्ष आइज़नकोट का चुनावी अभियान शुरू, 7 अक्टूबर जांच का वादा·फ्रांस में मई की लू से 300 से अधिक मौतें, इटली में आंकड़ों पर विवाद·
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बुधवार, 24 जून 2026

पाँच मिनट की सैर से लेकर गहरी नींद तक: दीर्घायु के लिए विज्ञान सम्मत आदतें

नए अध्ययन बता रहे हैं कि मध्य आयु में शुरू की गई साधारण दिनचर्या—जैसे हर घंटे टहलना, शक्ति व्यायाम और तनाव प्रबंधन—जीवन के अंतिम दशकों को भी सक्रिय और स्वस्थ बना सकती है।

अमेरिका में 19,000 से अधिक प्रतिभागियों पर किए गए एक अध्ययन ने गतिहीन जीवनशैली के विरुद्ध एक सरल उपाय प्रस्तुत किया है: हर घंटे मात्र पाँच मिनट की सैर। परिणामों के अनुसार, इस छोटे से व्यवधान से मनोदशा में सुधार, थकान में कमी और कार्य निष्पादन पर कोई नकारात्मक प्रभाव दर्ज नहीं हुआ। प्रतिभागियों ने पाया कि हर 30 मिनट की बजाय हर घंटे की सैर अधिक व्यावहारिक रही, और इससे जुड़े लाभ आवृत्ति के साथ बढ़ते गए। यह निष्कर्ष उस व्यापक वैश्विक चिंता को रेखांकित करता है जिसमें शारीरिक निष्क्रियता को कुल मौतों के लगभग 9 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार माना जाता है।

मध्य आयु के बाद शरीर को सक्रिय रखने के लिए विशेषज्ञ अब केवल एरोबिक गतिविधि ही नहीं, बल्कि शक्ति और लचीलेपन पर भी जोर दे रहे हैं। हार्वर्ड से संबद्ध पुनर्वास विशेषज्ञों ने 50 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए बैठे हुए हैमस्ट्रिंग खिंचाव जैसे सुरक्षित व्यायाम सुझाए हैं, जबकि 72 वर्षीय प्रशिक्षक लिज़ हिलियर्ड ने दीवार के सहारे पुश-अप्स और कुर्सी स्क्वैट्स जैसे छह आंदोलनों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बताया। विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रति सप्ताह 150 मिनट की मध्यम गतिविधि की सिफारिश को अब भोजनोपरांत 10-15 मिनट की सैर से भी जोड़ा जा रहा है, जो रक्त शर्करा नियंत्रण में सहायक हो सकती है।

मस्तिष्क स्वास्थ्य पर केंद्रित शोध ने नींद और तनाव की भूमिका को और स्पष्ट किया है। जर्मनी में 40 प्रतिभागियों पर पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी से किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि 28.5 घंटे की लगातार जागरण के बाद मस्तिष्क की सिनैप्टिक सघनता बढ़ जाती है, जो नींद की होमियोस्टैटिक आवश्यकता को दर्शाता है। वहीं, लैटिन अमेरिकी न्यूरोलॉजिस्ट इस बात पर बल देते हैं कि 40 की उम्र में अपनाई गई आशावादिता, सामाजिक जुड़ाव और धूम्रपान-मद्यपान से परहेज़ जैसी आदतें 80 वर्ष की आयु में भी मस्तिष्क को सक्रिय रख सकती हैं। मनोचिकित्सक डायाफ्रामिक श्वास जैसे तत्काल व निःशुल्क उपकरण को चिंता प्रबंधन का सबसे सुलभ साधन बता रहे हैं।

स्वास्थ्य परिणामों में लैंगिक असमानताएँ भी उभर कर सामने आई हैं। ब्रिटेन के आँकड़े बताते हैं कि पुरुषों की औसत आयु महिलाओं से चार वर्ष कम है और 75 वर्ष से पहले मृत्यु की संभावना 60 प्रतिशत अधिक है, जिसके पीछे निम्न स्वास्थ्य साक्षरता और सांस्कृतिक रूढ़ियाँ प्रमुख कारण हैं। दूसरी ओर, मैक्सिको के राष्ट्रीय स्वायत्त विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने चेताया है कि धूम्रपान का प्रभाव महिलाओं के छोटे वक्ष और हार्मोनल व्यवधान के कारण दोगुना हो सकता है। दक्षिण एशिया में, बांग्लादेश के चिकित्सक मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को शारीरिक लक्षणों—जैसे अचानक श्रवण हानि या धड़कन—के रूप में प्रकट होने और उपचार में सामाजिक झिझक की ओर इशारा करते हैं।

इन सबके बीच, जनसांख्यिकीय पूर्वानुमान एक नई वास्तविकता प्रस्तुत करते हैं: स्पेन के विज्ञान प्रसारक पेरे एस्टुपिन्या के अनुसार, आज के 60 वर्षीय लोगों में से हर दो में से एक 90 वर्ष पार करेगा। ऐसे में, कार्यस्थलों पर गतिविधि अवकाश को प्रोत्साहित करने, आयुवाद का मुकाबला करने और सुलभ मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की नीतिगत पहल अगला आवश्यक कदम बन जाती है। शोधकर्ता इस बात पर सहमत हैं कि दीर्घायु की तैयारी 30 या 40 की उम्र से ही आरंभ कर देनी चाहिए, न कि सेवानिवृत्ति के बाद।

स्रोतों में मतभेद

विज्ञान और स्वास्थ्य · 2 स्रोत · 2 भाषाएँ

50%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

न्यूनत्र50%
निंदक50%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
रूसी और सीआईएस प्रेसलैटिन अमेरिकी प्रेस
रूसी और सीआईएस प्रेस/ राजकीय
उदासीनताव्यावहारिकता

शोधकर्ताओं ने पाया कि एक रात की नींद न लेने से मानव मस्तिष्क में सिनैप्टिक मार्कर बढ़ जाते हैं। 40 स्वयंसेवकों पर किए गए अध्ययन में, जो 28 घंटे जागते रहे और पीईटी स्कैन से गुज़रे, SV2A प्रोटीन में वृद्धि देखी गई। बाद की नींद इन स्तरों को सामान्य कर देती है, जो एक ऐसे नियामक तंत्र की ओर इशारा करता है जिसे पहले ठीक से नहीं समझा गया था।

लैटिन अमेरिकी प्रेस
चेतावनीअत्यावश्यकता

पूरी रात जागना केवल थकाने वाला नहीं है—यह मस्तिष्क के कोशिकीय संतुलन को बिगाड़ देता है। लंबे समय तक जागने से सिनेप्स मजबूत होते हैं, ऊर्जा की माँग बढ़ती है और प्रोटीन जमा होने लगता है। नींद इस होमियोस्टेसिस को बहाल करती है, लेकिन मानव प्रमाण अब जाकर सामने आए हैं, और संदेश साफ है: आराम छोड़ना मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए खतरा है।

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