
WhatsApp में अब बिना नंबर चैट: यूज़रनेम रिज़र्वेशन शुरू, भारतीय सीईओ ने दी जानकारी
व्हाट्सएप ने सोमवार को यूज़रनेम सुविधा की घोषणा की, जिससे उपयोगकर्ता फ़ोन नंबर साझा किए बिना चैट कर सकेंगे; भारतीय मूल के सीईओ कुणाल शाह ने तुरंत नाम आरक्षित करने की सलाह दी।
व्हाट्सएप ने 29 जून 2026 को यूज़रनेम सुविधा की शुरुआत की घोषणा की, जिससे उपयोगकर्ता अपना फ़ोन नंबर साझा किए बिना दूसरों से जुड़ सकेंगे। यह क़दम मेटा की गोपनीयता-केंद्रित रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत 3 अरब से अधिक उपयोगकर्ताओं को अपनी पहचान छिपाने का विकल्प मिलेगा। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक है और फ़ोन नंबर केवल खाता पंजीकरण व सत्यापन के लिए ज़रूरी रहेगा।
यूज़रनेम आरक्षण की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हुई, जो आने वाले महीनों में चरणबद्ध तरीके से सभी देशों में उपलब्ध होगी। उपयोगकर्ता 'सेटिंग्स > अकाउंट > यूज़रनेम' में जाकर 3 से 35 अक्षरों का विशिष्ट नाम चुन सकते हैं। गोपनीयता को और मज़बूत करने के लिए कोई सार्वजनिक निर्देशिका या सुझाव प्रणाली नहीं होगी—किसी से पहली बार संपर्क करने के लिए उसका सटीक यूज़रनेम जानना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, एक वैकल्पिक 'यूज़रनेम की' (पिन) सुविधा भी दी गई है, जिसे सक्रिय करने पर पहली बार संदेश भेजने वाले को यह कोड भी दर्ज करना होगा। मशहूर हस्तियों और सरकारी संस्थाओं के नामों को प्रतिरूपण रोकने के लिए स्थायी रूप से सुरक्षित रखा गया है।
भारत जैसे बड़े बाज़ारों में, जहाँ व्हाट्सएप के 50 करोड़ से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं, यह बदलाव ख़ासा अहम है। यहाँ फ़ोन नंबर अक्सर आधार और बैंकिंग सेवाओं से जुड़ा होता है, ऐसे में नंबर छिपाने की सुविधा डिजिटल सुरक्षा को बढ़ाएगी। नवनियुक्त भारतीय मूल के सीईओ कुणाल शाह ने स्वयं अपना यूज़रनेम आरक्षित करते हुए उपयोगकर्ताओं से जल्दी करने का आग्रह किया। छोटे व्यवसायों और क्रिएटर्स के लिए यह सुविधा ब्रांड स्थिरता लाएगी—वे इंस्टाग्राम या फ़ेसबुक पर पहले से इस्तेमाल हो रहे यूज़रनेम को व्हाट्सएप पर भी दावा कर सकते हैं, बशर्ते खाता मेटा अकाउंट सेंटर से जुड़ा हो।
यह क़दम व्हाट्सएप को सिग्नल और टेलीग्राम जैसी प्रतिस्पर्धी ऐप्स की बराबरी पर लाता है, जो पहले से यूज़रनेम-आधारित संपर्क की सुविधा देती हैं। यूरोपीय संघ के कड़े डेटा संरक्षण नियमों और वैश्विक स्तर पर बढ़ती गोपनीयता माँग के बीच यह बदलाव समयानुकूल है। कंपनी ने पुष्टि की है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन यथावत रहेगा और मौजूदा चैट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पूर्ण सुविधा वर्ष के अंत तक सभी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगी; तब तक आरक्षण के ज़रिए लोग अपनी पसंद का नाम सुरक्षित कर सकते हैं। अगला पड़ाव: देश-वार क्रमिक रोलआउट, जिसकी सूचना ऐप के भीतर ही दी जाएगी।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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व्हाट्सएप फ़ोन नंबर की जगह यूज़रनेम ला रहा है, जिससे प्राइवेसी बढ़ेगी और संपर्क याद रखना आसान होगा। यह सुविधा आम उपयोगकर्ताओं और कारोबारों दोनों के लिए है, जो बिना निजी जानकारी साझा किए जुड़ने का विवेकपूर्ण तरीका देती है।
व्हाट्सएप प्राइवेसी की रक्षा के लिए यूज़रनेम ला रहा है, लेकिन पंजीकरण के लिए फ़ोन नंबर अनिवार्य रहेगा। इस अपडेट का उद्देश्य अनचाहे संदेशों को कम करना और उपयोगकर्ताओं को यह नियंत्रण देना है कि उनसे कौन संपर्क कर सकता है।
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