
नेतन्याहू को हटाने के लिए पूर्व सेनाध्यक्ष आइज़नकोट का चुनावी अभियान शुरू, 7 अक्टूबर जांच का वादा
गाडी आइज़नकोट ने यशर पार्टी के अभियान की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर तीखा हमला किया और सत्ता में आने पर राज्य जांच आयोग गठित करने का संकल्प लिया।
इज़राइल के पूर्व सैन्य प्रमुख गाडी आइज़नकोट ने मंगलवार को अपनी नवगठित यशर पार्टी के चुनावी अभियान का आगाज़ करते हुए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सत्ता से बेदखल करने का एलान किया। दक्षिण शैरोन क्षेत्रीय परिषद के एक सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में आइज़नकोट ने कहा कि अक्टूबर 2023 में हमास के हमले की विफलताओं की जाँच के लिए राज्य आयोग का गठन किया जाएगा। उन्होंने मौजूदा नेतृत्व पर 'राष्ट्रीय हितों के विपरीत कदम उठाने' और 'जिम्मेदारी लेने से इनकार करने' का आरोप लगाया। यह चुनावी मुकाबला 27 अक्टूबर 2026 को होने वाले आम चुनावों से ठीक चार महीने पहले शुरू हुआ है।
आइज़नकोट के सार्वजनिक बयानों के अनुसार, उनकी पार्टी का मुख्य एजेंडा सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सामाजिक एकता पर केंद्रित है। उन्होंने 'ईमानदार और गरिमामय यहूदी नेतृत्व' की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार 'दृष्टिहीन और रणनीतिविहीन' है। पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों ने अति-रूढ़िवादी यहूदियों को सेना में शामिल करने के लिए राष्ट्रीय सेवा कानून, शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वैज्ञानिक साक्षरता पर जोर, तथा युद्ध से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए कर प्रणाली में बदलाव जैसे प्रस्ताव रखे। सामाजिक कार्यकर्ता एलेक्स रिफ को आप्रवासी अवशोषण योजनाओं का समन्वयक नियुक्त किया गया है, जो पार्टी के संगठित और पेशेवर दृष्टिकोण को दर्शाता है।
इज़राइली मीडिया के सर्वेक्षणों के अनुसार, यशर पार्टी को 120 सदस्यीय नेसेट में 22 सीटें मिलने का अनुमान है, जो नेतन्याहू की लिकुड पार्टी की अनुमानित 24 सीटों के ठीक पीछे है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आइज़नकोट की व्यक्तिगत विश्वसनीयता—गाज़ा युद्ध में उनके बेटे और दो भतीजों की मृत्यु—ने उन्हें एक मजबूत विकल्प के रूप में उभारा है। हालाँकि, वे इज़राइल-फिलिस्तीनी संघर्ष के समाधान पर अब तक मौन रहे हैं, जिससे उनकी विदेश नीति की दिशा अस्पष्ट बनी हुई है। पार्टी ने आंतरिक सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा का केंद्रीय घटक बताते हुए प्रतिक्रियात्मक नीति के बजाय सक्रिय नीति अपनाने की बात कही है।
यह चुनावी घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब नेतन्याहू की लोकप्रियता में गिरावट दर्ज की गई है और 7 अक्टूबर के हमले की विफलता को लेकर जनाक्रोश व्याप्त है। आइज़नकोट स्वयं अक्टूबर 2023 से जून 2024 तक नेतन्याहू के युद्ध मंत्रिमंडल में शामिल रहे, लेकिन बाद में इस्तीफा देकर कटु आलोचक बन गए। उनके अभियान का केंद्रीय नारा है—'अगले अक्टूबर तक 7 अक्टूबर की सरकार को इतिहास में समाप्त कर देना चाहिए।' यह सीधे तौर पर नेतन्याहू के कार्यकाल को निशाना बनाता है और मतदाताओं से बदलाव की अपील करता है।
फिलहाल, इज़राइल में चुनाव प्रचार तेज़ हो गया है, लेकिन किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता दिख रहा। यशर पार्टी ने स्वयं को एक पेशेवर और शासन के लिए तैयार राजनीतिक ढाँचे के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसमें सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और शिक्षा की विस्तृत योजनाएँ शामिल हैं। अगला चरण 27 अक्टूबर को मतदान का है, जिसके बाद गठबंधन वार्ताएँ तय करेंगी कि क्या आइज़नकोट नेतन्याहू के लंबे शासन को समाप्त कर पाते हैं या नहीं।
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पूर्व सैन्य प्रमुख आइज़नकोट ने अपनी यशर पार्टी के अभियान की शुरुआत नेतन्याहू सरकार पर हमला करते हुए की, उन पर विफलताओं की जिम्मेदारी लेने से इनकार करने और विभाजन को गहरा करने का आरोप लगाया। उन्होंने चुने जाने पर 7 अक्टूबर की विफलताओं की राज्य जांच आयोग स्थापित करने का वादा किया और चुनाव को इज़राइल की सुरक्षा और आत्मा के लिए निर्णायक बताया।
इज़राइल के पूर्व सेना प्रमुख गादी आइज़नकोट ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू को हटाने के उद्देश्य से अपना चुनाव अभियान शुरू किया है। वे मौजूदा सरकार को '7 अक्टूबर की सरकार' करार देते हैं और एक नए अध्याय का आह्वान करते हैं।
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