
यूरोप में भीषण गर्मी से 1,300 से अधिक मौतें, स्पेन में जून में रिकॉर्ड 1,028 मौतें
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, जून के अंत में यूरोप में आई भीषण गर्मी ने 1,300 से अधिक अतिरिक्त मौतों का कारण बना, जबकि स्पेन ने अकेले जून में 1,028 गर्मी-संबंधी मौतें दर्ज कीं।
यूरोप में जून के अंतिम सप्ताह में आई रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की लहर ने पूरे महाद्वीप में 1,300 से अधिक लोगों की जान ले ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने 28 जून को बताया कि 21 जून से अब तक उच्च तापमान से जुड़ी ये अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं। स्पेन के कार्लोस तृतीय स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार, अकेले जून में ही 1,028 मौतें गर्मी के कारण हुईं, जो पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में दोगुनी से अधिक हैं। फ्रांस में भी लगभग 1,000 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं। जर्मनी, पोलैंड, चेक गणराज्य, स्लोवाकिया, हंगरी, ब्रिटेन और स्विट्जरलैंड में तापमान ने सर्वकालिक या जून माह के रिकॉर्ड तोड़ दिए। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के सेंटिनल-3 उपग्रह ने स्पेन और फ्रांस के कुछ हिस्सों में भूमि की सतह का तापमान 55 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया।
मृतकों में अधिकांश बुजुर्ग थे। स्पेन के आंकड़ों के अनुसार, 1,028 में से 1,022 मौतें 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की थीं, जिनमें 720 लोग 85 वर्ष से ऊपर के थे। फ्रांस में भी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि अधिकतर पीड़ित वरिष्ठ नागरिक थे। इस गर्मी की लहर ने यूरोप की स्वास्थ्य प्रणालियों पर दबाव डाला और बुनियादी ढांचे को प्रभावित किया। फ्रांस और हंगरी में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को नदियों का पानी अत्यधिक गर्म होने के कारण रिएक्टर बंद करने पड़े। कई देशों में स्कूल बंद किए गए और बाहरी कार्यों के समय में बदलाव किया गया।
हालांकि, मौतों की सटीक संख्या को लेकर अनुमानों में अंतर है। स्पेन का आंकड़ा स्वास्थ्य मंत्रालय की ‘मोमो’ निगरानी प्रणाली पर आधारित है, जो वास्तविक मौतों की तुलना ऐतिहासिक औसत से करती है, न कि प्रत्यक्ष चिकित्सा प्रमाणन पर। फ्रांस की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने भी अनंतिम आंकड़ों के आधार पर लगभग 1,000 मौतों की सूचना दी है। डब्ल्यूएचओ का 1,300 से अधिक का अनुमान पूरे यूरोप के लिए है, जिसमें डूबने से हुई मौतें भी शामिल हो सकती हैं। दूसरी ओर, इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि यूरोप में रहने वाला कोई भी इंडोनेशियाई नागरिक इस गर्मी की चपेट में नहीं आया। इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान एजेंसी बीएमकेजी ने स्पष्ट किया कि भूमध्यरेखीय क्षेत्र में स्थित इंडोनेशिया में तकनीकी रूप से गर्मी की लहर नहीं मानी जाती, क्योंकि वहाँ तापमान में लगातार पाँच दिनों तक 5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि जैसी शर्तें पूरी नहीं होतीं। यह दृष्टिकोण दक्षिण एशिया सहित अन्य उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के लिए भी प्रासंगिक है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह गर्मी की लहर ‘ओमेगा ब्लॉक’ नामक दुर्लभ वायुमंडलीय पैटर्न के कारण आई, जिसने गर्म हवा को एक क्षेत्र में फँसा दिया। विश्व मौसम आरोपण समूह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के बिना जून में इतनी भीषण गर्मी ‘लगभग असंभव’ होती। यूरोपीय इमारतें, जो सर्दियों में गर्मी बनाए रखने के लिए डिज़ाइन की गई हैं, और एयर कंडीशनिंग की कमी (केवल 20% घरों में) ने स्थिति को और विकट बना दिया। फिलहाल, गर्मी की लहर का प्रकोप कम हुआ है, लेकिन स्पेन के मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में फिर से अत्यधिक गर्म हवा के आने की चेतावनी दी है। मौतों के अंतिम आंकड़े आने में समय लगेगा।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.30 | critical |
|---|---|---|
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | 0.00 | neutral |
Europe finds itself unprepared: its way of life built for cold collapses in the face of heat it cannot manage.
The narrative generalizes a single weather event to question the entire cultural and infrastructural setup of the continent, turning a climatic fact into a systemic critique.
The article does not mention the specific death toll (1300) or any concrete measures taken by European governments. It focuses on structural critique rather than immediate response.
The planet is heating up: ocean data confirm an alarming trend that goes beyond European borders.
The discourse shifts focus from the single European event to a global phenomenon, using scientific data to universalize the problem and reduce the specificity of the tragedy.
The article omits any reference to the European heatwave deaths, focusing instead on ocean temperatures. This avoids engaging with the immediate human impact in Europe.
The heat is a cost to manage: every family can choose the cheapest solution to cool down.
The narrative turns a collective emergency into a matter of individual choice and spending, depoliticizing the problem and shifting responsibility onto the consumer.
The article omits any mention of the death toll, public health measures, or the role of governments in heatwave response. It ignores the systemic failure highlighted by other blocs.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
खामेनेई के अंतिम संस्कार में करोड़ों की भीड़, उत्तराधिकारी मोजतबा गायब, ट्रंप की टिप्पणी से तनाव
9 भाषाएँ · 31 स्रोत
Economy & Markets सेवैश्विक बाजारों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़त, लैटिन अमेरिका और एशिया में नए मॉडलों की धूम
4 भाषाएँ · 7 स्रोत
Technology सेचीन की रोबोट फैक्ट्री लाइवस्ट्रीम ने बदली AI की तस्वीर: दक्षता और तैनाती का नया दौर
2 भाषाएँ · 4 स्रोत