
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और KDDI पर साइबर हमले: Apple-Tesla के गोपनीय दस्तावेज़ और करोड़ों ईमेल खातों की जानकारी लीक
भारत की टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और जापान की KDDI पर हुए साइबर हमलों में वैश्विक तकनीकी आपूर्ति श्रृंखलाओं की संवेदनशीलता उजागर हुई, जिसमें रैनसमवेयर समूह ने Apple और Tesla से जुड़े 2 लाख से अधिक दस्तावेज़ और 1.42 करोड़ ईमेल खातों की जानकारी सार्वजनिक की।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने सोमवार को पुष्टि की कि उसके सिस्टम पर कुछ सप्ताह पहले साइबर हमला हुआ, जिसके बाद रैनसमवेयर समूह ‘वर्ल्ड लीक्स’ ने डार्क वेब पर 630 गीगाबाइट से अधिक के 2 लाख से अधिक दस्तावेज़ प्रकाशित किए। इनमें Apple की फ़ैक्टरी डेटा फ़ोल्डर, तकनीकी विनिर्देश, कर्मचारियों के पासपोर्ट की प्रतियाँ और Tesla के ‘प्रोजेक्ट हाइलैंड’ व ‘NV36 चार्जपोर्ट कंट्रोलर’ जैसे घटकों के व्यापारिक रहस्य चिह्नित ब्लूप्रिंट शामिल हैं। कंपनी ने बताया कि तत्काल प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए और किसी व्यावसायिक इकाई का संचालन प्रभावित नहीं हुआ।
इसी दौरान जापान की दूरसंचार कंपनी KDDI ने मंगलवार को घोषणा की कि उसके ईमेल सिस्टम में सेंध लगने से 1.42 करोड़ ईमेल पतों और पासवर्डों के सेट संभावित रूप से लीक हुए हैं। हमले में तृतीय-पक्ष सॉफ़्टवेयर की कमज़ोरियों का फ़ायदा उठाया गया, जिससे STNet, JCOM, Nifty और Biglobe जैसी छह इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियाँ प्रभावित हुईं। KDDI ने प्रभावित उपयोगकर्ताओं से पासवर्ड बदलने का आग्रह किया है और क्षति की सीमा की जाँच जारी है।
दोनों घटनाएँ एशिया की तकनीकी आपूर्ति श्रृंखलाओं पर बढ़ते साइबर जोखिमों को रेखांकित करती हैं। भारत में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, जो देश में बनने वाले लगभग एक-तिहाई iPhone का उत्पादन करती है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण केंद्र बनाने की रणनीति की आधारशिला है। वहीं KDDI जापान के सबसे बड़े दूरसंचार समूहों में से एक है। शोधकर्ताओं के अनुसार, टाटा मामले में हमलावरों ने फिरौती की माँग की थी, हालाँकि कंपनी ने इस पर टिप्पणी से इनकार किया। Apple ने आंतरिक जाँच शुरू कर दी है और पूर्ण विश्लेषण जारी है; Tesla ने अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ राजशेखर राजहरिया ने लीक हुए डेटा की समीक्षा कर बताया कि इसमें कई वर्षों के ईमेल, इवेंट लॉग और विदेशी कर्मचारियों के दस्तावेज़ शामिल हैं। एक अन्य शोधकर्ता राकेश कृष्णन ने पुष्टि की कि फ़ाइलें कम से कम 10 जून से डार्क वेब पर उपलब्ध थीं। टाटा को पहले से ही अपनी एक iPhone पुर्ज़ा फ़ैक्टरी के पास कृषि भूमि संदूषण के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला में दोहरी चुनौती उत्पन्न हुई है।
अगला पुष्टि योग्य मील का पत्थर दोनों कंपनियों की आंतरिक जाँच रिपोर्ट और संभावित नियामक हस्तक्षेप होंगे। फ़िलहाल किसी भी मामले में लीक हुए डेटा के दुरुपयोग की सूचना नहीं है, लेकिन प्रभावित उपयोगकर्ताओं और कारोबारी भागीदारों को सुरक्षा उपायों की समीक्षा के निर्देश जारी किए गए हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, जो Apple और Tesla का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है, पर साइबर हमले के बाद 2 लाख से अधिक फाइलें लीक हुईं, जिनमें डिज़ाइन दस्तावेज़ और घटक विनिर्देश शामिल हैं। कंपनी ने घटना की पुष्टि की और प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल सक्रिय किए, जबकि शोधकर्ताओं ने World Leaks समूह को जिम्मेदार ठहराया। इस उल्लंघन से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यापार रहस्यों की सुरक्षा पर चिंताएँ बढ़ गई हैं।
Apple के लिए एक प्रमुख भारतीय विनिर्माण भागीदार, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, को एक साइबर उल्लंघन का सामना करना पड़ा है जिससे Apple और Tesla के गोपनीय रहस्य उजागर हो सकते हैं। हफ्तों पहले पता चली इस घटना की अब Apple की साइबर सुरक्षा टीम जांच कर रही है, जिससे भारत के बढ़ते तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
संबंधित लेख
GTA VI की प्री-ऑर्डर की आधी रात: 13 साल का इंतज़ार, एक डिजिटल डिब्बा और वाइस सिटी की वापसी
10 भाषाएँ · 21 स्रोत
भू-राजनीति और राजनीतिट्रंप ने कहा- ईरान ने होर्मुज में शुल्क न लेने का वादा किया, अन्यथा वार्ता समाप्त
7 भाषाएँ · 23 स्रोत
खेलरोनाल्डो का ऐतिहासिक दोहरा गोल, छह विश्व कप में स्कोर करने वाले पहले खिलाड़ी बने
7 भाषाएँ · 18 स्रोत