
एयरबस A380: पंखों में दरार के बाद 16 सुपरजंबो की तत्काल जांच
यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी (ईएएसए) ने एयरबस A380 के विंग स्पार में दरार मिलने पर 16 विमानों की आपात जांच का आदेश दिया, जिनमें 15 अमीरात और एक क्वांटास का विमान शामिल है।
22 जून 2026 को ईएएसए ने एक आपातकालीन वायुयोग्यता निर्देश जारी कर 16 एयरबस A380 विमानों की तत्काल जांच अनिवार्य कर दी। यह कदम दिसंबर 2025 के एक पूर्व निर्देश के तहत नियमित रखरखाव जांच के दौरान विंग मिड स्पार में दरार पाए जाने के बाद उठाया गया। विंग स्पार पंख के साथ चलने वाली एक संरचनात्मक बीम है जो उड़ान के दौरान वायुगतिकीय भार का बड़ा हिस्सा वहन करती है। प्रभावित 16 में से पांच अमीरात एयरलाइन के विमानों की जांच अगली उड़ान से पहले ही शुरू करने का आदेश दिया गया, जो बुधवार से प्रारंभ हो गई। शेष 11 विमानों को 25 उड़ान चक्रों (एक चक्र = एक उड़ान, टेकऑफ और लैंडिंग) के भीतर जांचना है।
दरारें ऐसे स्थान पर मिली हैं जो पंख की संरचनात्मक अखंडता को कम कर सकती हैं। एयरबस ने उन सभी A380 की पहचान कर ली है जिनका “उत्पादन इतिहास समान” है। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर ईएएसए के साथ मरम्मत की आवश्यकता पर चर्चा होगी। यह पहला मौका नहीं है जब A380 के पंखों में संरचनात्मक समस्या सामने आई है। 2012 में पंख की त्वचा को आंतरिक रिब से जोड़ने वाले ब्रैकेट में दरार के बाद पूरे वैश्विक बेड़े की जांच हुई थी, जिसके चलते महंगा मरम्मत कार्यक्रम चला और बाद में उत्पादित विमानों में डिजाइन बदलाव किए गए। 2019 और 2022 में भी विंग स्पार से जुड़ी जांच और मरम्मत की खबरें आईं।
प्रभावित विमानों में 15 अमीरात एयरलाइन के हैं, जो दुनिया का सबसे बड़ा A380 संचालक है और सक्रिय सुपरजंबो बेड़े के आधे से अधिक का परिचालन करता है। एक विमान क्वांटास का है, जो इस समय जर्मनी के ड्रेसडेन में भारी रखरखाव के लिए पहले से मौजूद था। क्वांटास ने कहा कि इस निर्देश से उसकी उड़ानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अमीरात ने बयान में कहा कि वह 48 घंटों के भीतर जांच शुरू कर देगी और कोई भी आवश्यक मरम्मत पूरी होने के बाद ही विमान को सेवा में वापस लाएगी। एयरलाइन ने परिचालन कार्यक्रम में व्यवधान कम करने के लिए एयरबस और नियामकों के साथ निकट संपर्क बनाए रखने की बात कही। भारतीय विमानन क्षेत्र पर इस घटनाक्रम का प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं है, क्योंकि किसी भारतीय एयरलाइन के बेड़े में A380 शामिल नहीं है, लेकिन वैश्विक स्तर पर यह सुपरजंबो की दीर्घकालिक संरचनात्मक चुनौतियों को रेखांकित करता है।
अगला तथ्यात्मक पड़ाव पांच विमानों की तत्काल जांच के नतीजे और ईएएसए-एयरबस के बीच मरम्मत संबंधी निर्णय होंगे। यदि दरारें गंभीर पाई जाती हैं, तो शेष 11 विमानों के लिए भी मरम्मत आदेश आ सकता है। फिलहाल एयरबस का कहना है कि निर्धारित जांच और मरम्मत पूरी होने तक विमान सुरक्षित हैं। इस मामले में आगे कोई वैश्विक बेड़ा-व्यापी निर्देश आता है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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एयरबस 16 ए380 विमानों का निरीक्षण करेगी, क्योंकि नियमित रखरखाव के दौरान विंग स्पार में दरारें पाई गईं। यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी ने तत्काल जांच के आदेश दिए, जिनमें पांच विमानों की तुरंत जांच होगी। प्रभावित विमानों में से पंद्रह एमिरेट्स और एक क्वांटास द्वारा संचालित हैं।
ए380 बेड़े के लिए नई सुरक्षा चिंताएं उभरी हैं, क्योंकि एक महत्वपूर्ण विंग स्पार में दरारें पाई गईं। एयरबस ईएएसए के निर्देश पर 16 विमानों का निरीक्षण करेगी, जिनमें पांच की तत्काल जांच होगी। नियमित जांच के दौरान मिली ये दरारें भारी वायुगतिकीय भार सहने वाली बीम को प्रभावित करती हैं, जिससे सुपरजंबो की दीर्घकालिक मजबूती पर सवाल उठते हैं।
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