
एक चर्च, एक मोमबत्ती और एलिजा नाम का बच्चा: विश्व कप के बीच गाक्पो की अकथनीय पीड़ा
नीदरलैंड्स के स्टार स्ट्राइकर कोडी गाक्पो ने अपने अजन्मे बेटे की मौत के बाद निजता मांगी है, जबकि उनकी पार्टनर नोआ वान डेर बिज ने चर्च में एक ऐसी मुलाकात का ज़िक्र किया जो दुख में भी एक नाज़ुक उम्मीद की तरह है।
शनिवार की एक इंस्टाग्राम स्टोरी में एक कंबल और बुनी हुई टोपी पर रखे दो हाथों की तस्वीर थी। नोआ वान डेर बिज ने लिखा, “टूटे दिल के साथ हम यह दर्दनाक खबर साझा कर रहे हैं कि गर्भावस्था के दौरान हमारा बच्चा गुज़र गया।” यह संदेश उनके साथी, लिवरपूल और नीदरलैंड्स के फॉरवर्ड कोडी गाक्पो के विश्व कप अभियान के ठीक बीच आया। कुछ ही घंटों में यह खबर अमेरिका, यूरोप, एशिया और अरब जगत के अखबारों की सुर्खियों में थी — एक निजी शोक जो तुरंत वैश्विक हो गया।
गाक्पो इस समय उत्तरी अमेरिका में नीदरलैंड्स की टीम के साथ हैं, जहां उन्होंने ग्रुप चरण में स्वीडन के खिलाफ दो गोल किए और टीम को नॉकआउट में पहुंचाया। लेकिन इस बार मैदान की चमक के पीछे एक अलग ही कहानी है। नोआ ने बाद में एक और तस्वीर पोस्ट की: एक जलती मोमबत्ती और क्रॉस। उन्होंने बताया कि वे अपने दो साल के बेटे सैमुअल के साथ चर्च गए, वहां मोमबत्ती जलाई, फिर बाहर खेल के मैदान में गए। वहां सिर्फ एक और बच्चा था — उसका नाम एलिजा था। नोआ ने लिखा, “ईश्वर का इससे खूबसूरत संकेत नहीं हो सकता था। उसने हमें याद दिलाया कि हमारा छोटा बच्चा कभी दूर नहीं है।” यह वह क्षण था जिसने दुनिया भर के पाठकों को एक ठहराव दिया — एक ऐसा संयोग जो शोक को किसी गहरी निजी आस्था से जोड़ता है।
भारतीय और दक्षिण एशियाई दर्शकों के लिए यह घटना एक परिचित भावनात्मक सत्य को छूती है: परिवार और व्यक्तिगत क्षति का बोझ, चाहे खिलाड़ी कितना भी बड़ा मंच क्यों न हो। भारतीय मीडिया ने भी इस खबर को प्रमुखता से उठाया, और सोशल मीडिया पर संवेदनाएं उमड़ पड़ीं। यह कोई पहला मौका नहीं है जब किसी फुटबॉलर को विश्व कप के दौरान ऐसी त्रासदी झेलनी पड़ी हो — 2022 में क्रिस्टियानो रोनाल्डो और जॉर्जिना रॉड्रिग्ज ने भी अपने नवजात बेटे को खोया था, हालांकि वह घटना टूर्नामेंट से महीनों पहले की थी। लेकिन गाक्पो का मामला इस मायने में अलग है कि यह नॉकआउट मैच से ठीक दो दिन पहले सामने आया, जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
रॉयल डच फुटबॉल एसोसिएशन (KNVB) ने एक बयान में कहा कि गाक्पो ने अपनी पार्टनर से बातचीत के बाद टीम के साथ बने रहने का फैसला किया है। लिवरपूल क्लब ने भी समर्थन का संदेश दिया। यूरोपीय और लैटिन अमेरिकी अखबारों ने इस फैसले को “पेशेवर धैर्य” और “निजी दुख के बीच कर्तव्य” के रूप में देखा, जबकि अरब और एशियाई मीडिया ने मोरक्को के खिलाफ आगामी मुकाबले के संदर्भ में इसे रखा — एक ऐसा मैच जो अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक इंसानी कहानी का हिस्सा बन गया है।
सोमवार को मॉन्टेरी, मेक्सिको में जब नीदरलैंड्स की टीम मैदान पर उतरेगी, तो स्टेडियम की रोशनी में एक खिलाड़ी ऐसा होगा जिसके कंधों पर नारंगी जर्सी के साथ एक अदृश्य वजन भी होगा। नोआ की पोस्ट में जलती मोमबत्ती और चर्च के खेल के मैदान में मिला एलिजा नाम का बच्चा — ये तस्वीरें अब सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि उन सभी की याद बन गई हैं जिन्होंने इस खबर को पढ़ा।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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दंपति ने अपने बच्चे के गर्भपात के साथ एक गहरी क्षति का अनुभव किया। अपने दुःख में, उन्होंने चर्च की यात्रा और खेल के मैदान में एलिजा नाम के एक बच्चे से मुलाकात में सांत्वना पाई, इसे एक दैवीय संकेत माना कि उनका बेटा हमेशा पास है। उन्होंने इस कठिन समय में गोपनीयता का अनुरोध किया है।
विश्व कप दो व्यक्तिगत क्षतियों से प्रभावित रहा: फ्रांसीसी कोच की मां की मृत्यु और डच स्ट्राइकर की साथी का गर्भपात। उत्सव और शोक के इस विरोधाभास को 'एक शादी और दो अंतिम संस्कार' वाक्यांश में पकड़ा गया है। जहां डेसचैम्प्स अंतिम संस्कार के लिए घर लौटे, वहीं गाक्पो ने सोशल मीडिया पर अपने परिवार की त्रासदी साझा की।
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