
डायलिसिस रोक, शांति से सोए मैड मैक्स के विलेन: क्येल निल्सन की आखिरी जंग
76 वर्षीय स्वीडिश अभिनेता और पूर्व भारोत्तोलक ने चार साल की बीमारी के बाद अपने दर्द पर नियंत्रण पाकर अंतिम सांस ली, परिवार ने बताया कि उन्होंने 'अपने तरीके से' विदाई ली।
पिछले रविवार को ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड स्थित अपने घर में क्येल निल्सन ने एक ऐसा फ़ैसला लिया जो किसी फ़िल्मी क्लाइमेक्स से कम नहीं था। साढ़े चार साल से किडनी की आखिरी स्टेज की बीमारी से जूझ रहे 76 वर्षीय अभिनेता ने हफ़्ते में तीन दिन होने वाली डायलिसिस को बंद करने का निर्णय लिया। परिवार के फ़ेसबुक पोस्ट के मुताबिक, यह कोई हताशा नहीं बल्कि 'अपने दर्द और शरीर पर फिर से नियंत्रण पाने' का सचेत चुनाव था। इसके बाद के दिन 'खुशी, कृतज्ञता, शांति और स्वीकार्यता' से भरे रहे और 2 जुलाई की रात निल्सन अपने बच्चों के बीच सोते हुए चुपचाप चले गए।
यह वही क्येल निल्सन थे जिन्हें दुनिया 'मैड मैक्स 2' (1981) के ख़ौफ़नाक खलनायक लॉर्ड ह्यूमंगस के रूप में जानती है। 1949 में स्वीडन के गोथेनबर्ग में जन्मे निल्सन पहले एक ओलंपिक स्तर के भारोत्तोलक थे। 1980 में मॉस्को ओलंपिक की तैयारी के लिए स्वीडिश एथलीटों को प्रशिक्षित करने ऑस्ट्रेलिया पहुंचे, तो वहीं अभिनेत्री केट फ़र्ग्यूसन से मुलाक़ात हुई और ज़िंदगी ने करवट ली। शादी के बाद फ़र्ग्यूसन ने ही उन्हें अभिनय के लिए प्रेरित किया। उनकी लोहे-सी गढ़ी काया ने निर्देशक जॉर्ज मिलर का ध्यान खींचा और हॉकी मास्क पहने, बर्बर गिरोह के सरदार लॉर्ड ह्यूमंगस का किरदार उन्हें सौंप दिया गया। मेल गिब्सन के साथ इस फ़िल्म में निल्सन का संवाद भले ही कम था, लेकिन उनकी दहशत भरी मौजूदगी ने पोस्ट-एपोकैलिप्टिक सिनेमा का एक अमिट चेहरा रच दिया।
'मैड मैक्स 2' ने दुनिया भर में एक कल्ट फ़िल्म का दर्जा हासिल किया। भारत में भी अस्सी के दशक में वीडियो कैसेट और बाद में टेलीविज़न प्रसारण के ज़रिए इस फ़िल्म ने एक्शन प्रेमियों की एक पूरी पीढ़ी को प्रभावित किया। लॉर्ड ह्यूमंगस, जिसे फ़िल्म में 'द अयातोल्लाह ऑफ़ रॉक एन रोला' भी कहा गया, अराजकता और क्रूरता का प्रतीक बन गया। निल्सन ने इसके बाद 'द पाइरेट मूवी' और 'द एज ऑफ़ पावर' जैसी कुछ और फ़िल्मों में काम किया, लेकिन जल्द ही अभिनय से दूरी बना ली और एक सॉफ़्टवेयर कंपनी में काम करने लगे। 34 साल बाद 2023 में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई फ़िल्म 'हाउलिन रिफ़्रेन' से छोटी-सी वापसी की, मगर पहचान हमेशा ह्यूमंगस की ही रही।
उनके निधन की ख़बर ने अर्जेंटीना के 'टोडो नोटिसियास' से लेकर रूस के 'कोमर्सेंट', ब्राज़ील के 'बैंड' और नाइजीरियाई 'ट्रिब्यून' तक अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियाँ बटोरीं। लैटिन अमेरिकी मीडिया ने उनके एथलीट से अभिनेता बनने के सफ़र को रेखांकित किया, जबकि यूरोपीय अख़बारों ने उनकी स्वीडिश जड़ों और चिकित्सकीय भविष्यवाणियों को झुठलाने की ज़िद पर ज़ोर दिया। परिवार के उस संदेश ने, जिसमें बताया गया कि 2022 में डॉक्टरों ने कहा था कि वह क्रिसमस तक नहीं बचेंगे, लेकिन उन्होंने चार और क्रिसमस मनाए, दुनिया भर के प्रशंसकों को भावुक कर दिया। उनके प्रतिनिधि क्रिस कारबॉ ने उन्हें 'अद्भुत इंसान' बताया जिन्होंने भारोत्तोलन प्रशिक्षक के रूप में अनगिनत लोगों को प्रेरित किया।
शायद सबसे स्थायी छवि नकाबपोश खलनायक की नहीं, बल्कि उस शख़्स की है जिसने सालों की पीड़ा के बाद लड़ाई रोककर शांति को गले लगाया। परिवार ने लिखा कि वह अपने करियर, दो देशों के बीच बुनी ज़िंदगी और लोगों को प्रेरित करने के मौक़े के लिए आभारी थे। जिस तरह कभी डॉक्टरों ने उनकी टाँगें काटने की सलाह दी थी और उन्होंने कठोर व्यायाम से फिर चलना सीख लिया, उसी अदम्य इरादे के साथ उन्होंने अंतिम विदाई भी अपनी शर्तों पर ली। लॉर्ड ह्यूमंगस का मुखौटा भले ही डरावना हो, लेकिन उसके पीछे का चेहरा एक शांत, आत्मनिर्भर इंसान का था जिसने 'अपने तरीके से' जाना चुना।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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The news of Kjell Nilsson's death is absent from the provided materials for this bloc. No narrative frame can be reconstructed.
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