
स्पेन का सख्त कदम: विदेशी पेंशनभोगियों को अब साल में दो बार देना होगा जीवित प्रमाण
स्पेन ने विदेश में रहने वाले पेंशनभोगियों के लिए जीवित प्रमाण की आवृत्ति वार्षिक से बढ़ाकर अर्धवार्षिक कर दी है, अगले वर्ष से यह तिमाही होगी; चूक पर पेंशन रोक दी जाएगी।
स्पेन के सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय ने विदेश में बसे पेंशनभोगियों के लिए जीवित प्रमाण (फे डे वीडा) प्रस्तुत करने की आवृत्ति में तत्काल प्रभाव से बदलाव किया है। मार्च 2026 से ऐसे सभी लाभार्थियों को वर्ष में दो बार—जनवरी-मार्च और सितंबर में—यह प्रमाण देना अनिवार्य होगा। अगले वर्ष से इसे बढ़ाकर तीन बार (जनवरी, मई, सितंबर) कर दिया जाएगा। इस आवश्यकता की अनदेखी करने पर पेंशन भुगतान तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा। केवल स्पेन में रहने वाले पेंशनभोगी और क्लासेस पासिवास (सिविल सेवक) के तहत आने वाले लोग इस नई व्यवस्था से मुक्त हैं, जिनके लिए वार्षिक प्रमाण ही पर्याप्त रहेगा।
यह कदम पेंशन प्रणाली की पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमित भुगतान रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। प्रमाण देने के लिए सरकार ने मोबाइल ऐप VIVESS उपलब्ध कराया है, जो बायोमेट्रिक चेहरा पहचान तकनीक से घर बैठे प्रक्रिया पूरी करने और तत्काल रसीद प्राप्त करने की सुविधा देता है। पारंपरिक तरीके जैसे स्थानीय प्राधिकरण से जारी दस्तावेज़ या वाणिज्य दूतावास में व्यक्तिगत उपस्थिति भी मान्य रहेंगे।
वैश्विक स्तर पर सेवानिवृत्ति योजना को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आ रहे हैं। नाइजीरिया के वित्तीय सलाहकार 50 वर्ष की आयु के बाद निवेश पोर्टफोलियो में पूंजी संरक्षण, आय-उत्पादक परिसंपत्तियों और मापा विकास निवेश पर जोर देते हैं। इंडोनेशिया में बैंक मांदिरी तस्पेन 40 वर्ष की आयु को पेंशन तैयारी के लिए उपयुक्त समय मानते हुए ‘लाइफ बिगिन्स एट 40’ कार्यक्रम शुरू कर रहा है, जिसमें सरकारी बॉन्ड और म्यूचुअल फंड जैसे अपेक्षाकृत सुरक्षित साधनों को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, ‘रिटायरमेंट: हाउ टू सेव इनफ, इन्वेस्ट वेल, एंड मेक योर मनी लास्ट’ पुस्तक के लेखक एडवर्ड मैक्वेरी और विलियम बर्नस्टीन वार्षिक आय का 20% बचाने और जीवनशैली मुद्रास्फीति से बचने की सलाह देते हैं।
स्पेन में ही एक अन्य नीतिगत पहलू लंबी सेवा के बाद भी जल्दी सेवानिवृत्ति पर दंड का है। 41.5 से 44.5 वर्ष तक अंशदान करने वाला कर्मचारी यदि 23 माह पहले सेवानिवृत्त होता है तो उसकी पेंशन में स्थायी रूप से 15% की कटौती होगी; 24 माह पर यह 17% हो जाती है। 44.5 वर्ष से अधिक अंशदान पर भी दो वर्ष पहले सेवानिवृत्ति पर 12% की कमी रहेगी। सरकार ने लंबी सेवा वालों के लिए यह दंड हटाने की मांग यह कहते हुए खारिज कर दी कि इससे सालाना 3,358 मिलियन यूरो का अतिरिक्त व्यय होगा।
अगला ठोस पड़ाव सितंबर 2026 का दूसरा जीवित प्रमाण विंडो है, जिसके चूक जाने पर विदेशी पेंशनभोगियों के भुगतान पर सीधा असर पड़ेगा। इस बीच, इंडोनेशियाई बैंक का कार्यक्रम शीघ्र लॉन्च होने वाला है, जो 40 वर्षीय आबादी को पेंशन बचत से जोड़ने का प्रयास करेगा।
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