
चीन ने ताइवान के पूर्वी जल में नई तटरक्षक टुकड़ी तैनात की, पश्चिमी चिंताओं के बावजूद गश्त जारी
बीजिंग ने जापान-फिलीपींस समुद्री सीमा वार्ता को अपनी संप्रभुता का मामला बताते हुए दूसरी बार पूर्वी ताइवान जल में कानून प्रवर्तन गश्त शुरू की, जिसे ताइपे ने उकसावा करार दिया।
चीन ने शनिवार, 4 जुलाई 2026 को ताइवान के पूर्वी तट पर एक नई तटरक्षक गश्ती टुकड़ी तैनात कर दी, जिसने पिछले सप्ताहों से वहां मौजूद दाशान समूह का स्थान ले लिया। बीजिंग के अनुसार, शियुशान नामक यह बेड़ा ‘चीन के अधिकार क्षेत्र वाले जल’ में नियमित कानून प्रवर्तन गश्त जारी रखेगा। ताइवान की तटरक्षक एजेंसी ने बताया कि उसके दो पोत हुआलियन स्थित प्रमुख वायुसेना अड्डे से 54 समुद्री मील पूर्व में चीनी जहाजों की निगरानी कर रहे हैं और किसी भी अवरोध पर ‘सभी आवश्यक उपायों से उन्हें बलपूर्वक खदेड़ने’ की चेतावनी दी है।
यह कदम जापान और फिलीपींस द्वारा अपनी समुद्री सीमाओं पर औपचारिक वार्ता शुरू करने की घोषणा के बाद उठाया गया है। बीजिंग का कहना है कि ये वार्ताएं ताइवान के पूर्व में चीन के दावे वाले जल को प्रभावित करती हैं, इसलिए जून में पहली गश्त इसी की प्रतिक्रिया थी। चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने 2 जुलाई को अंग्रेजी में एक ‘कानूनी राय’ जारी कर स्पष्ट किया कि जापान और फिलीपींस को इस मुद्दे पर ताइवान से नहीं, बल्कि चीन से बातचीत करनी चाहिए, और अन्य देशों को इन दोनों की सहायता करने से बचना चाहिए।
ताइपे इस गश्त को ‘कानूनी युद्ध’ (लॉफेयर) का हिस्सा मानता है, जिसके जरिए बीजिंग अपने कार्यों को कानूनी आधार देने का प्रयास कर रहा है। ताइवान ने अपने पूर्वी तट पर मौजूद जहाजों को निर्देश दिया है कि वे चीनी तटरक्षक के किसी भी बोर्डिंग या निरीक्षण अनुरोध को अनदेखा करें, और जरूरत पड़ने पर ताइवानी तटरक्षक हस्तक्षेप करेगा। वहीं, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन की सरकारों ने इस घटनाक्रम पर चिंता जताई है, जिससे यह विवाद द्विपक्षीय तनाव से आगे बढ़कर व्यापक कूटनीतिक टकराव का रूप ले रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, बीजिंग एक साथ दो मोर्चों पर दबाव बना रहा है: पूर्वी ताइवान जल में तटरक्षक गश्त के जरिए अपने क्षेत्रीय दावे को मजबूत करना, और दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस के साथ उच्च-स्तरीय वार्ता के दौरान मनीला से ‘शब्दों को कर्म में बदलने’ का आग्रह कर संबंध स्थिर करने की कोशिश करना। यह दोहरी रणनीति क्षेत्र में चीन की समुद्री महत्वाकांक्षाओं को कानूनी और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर आगे बढ़ाने का संकेत देती है।
फिलहाल, चीनी तटरक्षक ने पूर्वी ताइवान जल में गश्त को ‘नियमित’ बताते हुए इसे जारी रखने की घोषणा की है, जबकि ताइवानी पोत निगरानी बनाए हुए हैं। जापान-फिलीपींस सीमा वार्ता पर चीन की कानूनी राय ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कानूनी बहस का विषय बना दिया है। आगामी सप्ताहों में पश्चिमी राजधानियों की ओर से कड़े राजनयिक बयान आने की संभावना है, लेकिन फिलहाल किसी ठोस वार्ता की सूचना नहीं है।
| चीनी प्रेस | +1.00 | aligned |
|---|---|---|
| इज़राइली प्रेस | −0.30 | critical |
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.70 | critical |
Beijing reaffirms its sovereignty and presents the patrols as routine maritime security measures.
Normalizes the action by describing it as a scheduled and legal rotation, omitting negative reactions.
Omits the negative reactions from Taiwan and Western countries, as well as the 'lawfare' accusation.
Taipei denounces the Chinese intrusion and promises a firm response, while the West watches with concern.
Creates a symmetrical opposition between China's and Taiwan's statements, emphasizing the expulsion threat to heighten tension.
Omits the description of the patrols as routine and the diplomatic context with the Philippines.
The West criticizes Chinese unilateralism and warns against escalation, supporting Taiwan's position.
Isolates China as an actor acting despite international opposition, using the term 'lawfare' to delegitimize its actions.
Omits the Chinese characterization of the patrols as routine and the context of dialogue with the Philippines.
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