
गाजा में युद्धविराम के बावजूद इजरायली हमले जारी, तीन फिलिस्तीनियों की मौत
दीर अल-बलाह में ड्रोन हमले में एक बच्चे समेत तीन लोग मारे गए, जबकि इजरायली सेना ने मध्य गाजा में सुरक्षा घेरा 150 मीटर और बढ़ा दिया।
गाजा पट्टी के मध्य में स्थित दीर अल-बलाह शहर में सोमवार सुबह इजरायली ड्रोन हमले में तीन फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए, जिनमें एक आठ वर्षीय बालक भी शामिल है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह हमला स्थानीय समयानुसार साढ़े नौ बजे अल-बराका सड़क पर नागरिकों की भीड़ को निशाना बनाकर किया गया। इजरायली सेना ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई 'जिहादी आतंकवादियों' के खिलाफ थी, हालांकि उसने परिणामों का मूल्यांकन जारी रहने की बात कही। यह घटना अक्तूबर 2025 से लागू अमेरिकी मध्यस्थता वाले युद्धविराम के बावजूद हुई, जिसके तहत अब तक 1,045 फिलिस्तीनी और चार इजरायली सैनिक मारे जा चुके हैं।
इजरायली सैन्य सूत्रों और चश्मदीदों के अनुसार, इसी दौरान सेना ने मध्य गाजा में नुसेरात शरणार्थी शिविर के पास सलाह अल-दीन सड़क पर सैन्य वाहनों को आगे बढ़ाया और तथाकथित 'येलो लाइन' को पश्चिम की ओर 150 मीटर खिसका दिया। यह रेखा इजरायल द्वारा गाजा के भीतर एकतरफा घोषित सुरक्षा पट्टी है, जिस तक फिलिस्तीनियों की पहुंच नहीं है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पिछले सप्ताह दावा किया कि उनकी सेना अब गाजा के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से को नियंत्रित करती है, जबकि गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े 60 प्रतिशत क्षेत्र पर कब्जे की ओर इशारा करते हैं।
हमास प्रशासन और फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्र इन कार्रवाइयों को युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन बताते हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नियुक्त गाजा शांति बोर्ड के दूत निकोलाय म्लादेनोव का कहना है कि दोनों पक्ष समझौते का उल्लंघन कर रहे हैं। इजरायली सेना का रुख है कि वह केवल उन लड़ाकों को निशाना बना रही है जो उसकी सेनाओं के लिए खतरा हैं या जिन्होंने 7 अक्तूबर 2023 के हमले में भाग लिया था। इसी क्रम में रविवार को इस्लामिक जिहाद के एक सदस्य को मार गिराने का दावा किया गया, जिस पर इजरायली नागरिकों के अपहरण में शामिल होने का आरोप है।
दक्षिण एशियाई परिप्रेक्ष्य से देखें तो यह संघर्ष एक ऐसे क्षेत्र में अस्थिरता को गहरा रहा है जो पहले से ही ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्गों के लिए संवेदनशील है। भारत समेत कई देशों ने युद्धविराम का स्वागत किया था, लेकिन जमीनी स्तर पर लगातार हो रही झड़पें और बुनियादी ढांचे का विनाश मानवीय संकट को और विकराल बना रहा है। गाजा में अब तक 73,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और लगभग 90 प्रतिशत नागरिक बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुका है।
मौजूदा स्थिति में युद्धविराम की कोई स्पष्ट कार्यान्वयन समय-सीमा या निगरानी तंत्र सक्रिय नहीं दिखता। इजरायली सेना लगभग प्रतिदिन हवाई हमले कर रही है और जमीनी घुसपैठ जारी है, जबकि हमास प्रशासन इसे संघर्ष विराम का उल्लंघन बताकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग कर रहा है। पश्चिमी तट में भी हिंसा जारी है, जहां रामल्लाह में इजरायली गोलीबारी में एक फिलिस्तीनी किशोर की मौत हुई है। फिलहाल, किसी ठोस राजनीतिक पहल या वार्ता की सूचना नहीं है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ
युद्धविराम के बावजूद, इजरायली कब्जे वाली सेना ने दीर अल-बलाह पर हवाई हमला कर तीन फिलिस्तीनियों को मार डाला, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। कब्जे वाली सेनाएं इलाके पर अपना नियंत्रण बढ़ा रही हैं और मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन लगातार उल्लंघनों को चुपचाप देख रहा है।
ज़ायोनी कब्ज़ाधारी ने गाजा युद्धविराम के एक नए उल्लंघन में तीन फिलिस्तीनियों को मार डाला, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। ये हमले क्षेत्रीय विस्तार और व्यवस्थित दमन की रणनीति का हिस्सा हैं। इस औपनिवेशिक आक्रमण का एकमात्र वैध जवाब फिलिस्तीनी प्रतिरोध है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
ट्रंप ने दोहा में ईरान से बैठक का दावा किया, तेहरान ने तकनीकी वार्ता से इनकार किया
8 भाषाएँ · 37 स्रोत
Economy & Markets सेयूरोपीय संघ और चीन के बीच व्यापार असंतुलन पर तीन महीने की बातचीत, अक्टूबर तक 'ठोस नतीजों' की समयसीमा
7 भाषाएँ · 15 स्रोत
Technology सेWhatsApp ने शुरू की यूजरनेम रिजर्वेशन, अब बिना नंबर शेयर किए चैट संभव
7 भाषाएँ · 24 स्रोत