
काबो वर्दे के राष्ट्रपति ने अर्जेंटीना पर 1-0 की जीत का दावा किया, अफ्रीकी टीम 'असंभव' को चुनौती देने को तैयार
विश्व कप के पहले नॉकआउट में पदार्पण कर रहे काबो वर्दे ने स्पेन और उरुग्वे जैसी दिग्गज टीमों को रोकने के बाद अब लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना के खिलाफ आत्मविश्वास से भरी भविष्यवाणियां की हैं।
काबो वर्दे के राष्ट्रपति जोसे मारिया नेवेस ने बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "मुझे लगता है कि काबो वर्दे अर्जेंटीना को 1-0 से हरा सकता है।" यह बयान शुक्रवार को मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में होने वाले विश्व कप के अंतिम-32 मुकाबले से पहले आया, जहां दस द्वीपों का यह अटलांटिक राष्ट्र पहली बार नॉकआउट चरण में पहुंचा है। राष्ट्रपति ने टीम के जुझारूपन को रेखांकित करते हुए कहा, "हम जीतने के लिए खेल रहे हैं... जब किसी टीम से उम्मीदें कम हों और उसमें जीत की भूख हो, तो यह संभव है।"
यह आत्मविश्वास ग्रुप चरण के प्रदर्शन से उपजा है। काबो वर्दे ने स्पेन के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ से शुरुआत की, जहां 40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा ने 27 शॉट झेले। इसके बाद दो बार की विश्व विजेता उरुग्वे को 2-2 पर रोका और सऊदी अरब के साथ भी गोलरहित बराबरी कर ग्रुप एच में स्पेन के बाद दूसरे स्थान पर रहते हुए अंतिम-32 में जगह बनाई। टीम के कप्तान और सेंट्रल डिफेंडर डिने बोर्जेस ने अर्जेंटीना के मीडिया से कहा, "फुटबॉल में असंभव कुछ नहीं है। हम इस सिद्धांत को अक्षरशः मानते हैं, वरना हम यहां होते ही नहीं।" उन्होंने मेसी को "इतिहास के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक" बताते हुए यह भी जोड़ा कि मैच शुरू होने पर ध्यान सिर्फ अपने काम पर होगा।
पश्चिम अफ्रीकी दृष्टिकोण से यह मुकाबला सिर्फ खेल नहीं है। घाना के ओबेआ स्टीफन ओसेई मेन्साह उर्फ नाना क्वाकू बोन्सम ने दावा किया है कि उन्हें दिव्य दृष्टि में काबो वर्दे की जीत और पुर्तगाल के चैंपियन बनने का संकेत मिला है। वहीं पुर्तगाली मूल के पूर्व कोच जोसे रुई आगुआस, जिन्होंने 2014-16 और 2018-19 में टीम को प्रशिक्षित किया, ने अर्जेंटीना के मीडिया को बताया कि यह टीम "बेहद एकजुट और सामूहिक" है, जिसमें सेंट्रल डिफेंडरों की जोड़ी और नंबर छह की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा, "ये योद्धा हैं, कभी हार नहीं मानते।"
यूरोपीय विश्लेषण स्पेन के अनुभव से मेल खाता है। स्पेन ने काबो वर्दे के खिलाफ 74% कब्जे और 27 शॉट के बावजूद गोल नहीं किया, क्योंकि अफ्रीकी टीम ने गहरी रक्षात्मक पंक्ति बनाकर जगह नहीं दी। स्पेनिश मीडिया ने इसे 2022 में मोरक्को के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ की याद दिलाने वाला बताया, जहां नियंत्रण गोल में नहीं बदला। अब अर्जेंटीना के सामने भी ऐसी ही चुनौती होगी, जबकि काबो वर्दे के कोच बुबिस्ता ने कहा है, "हमारे लिए कुछ भी असंभव नहीं है।"
यह मुकाबला एक खेल से बढ़कर काबो वर्दे के लिए पहचान का प्रतीक बन गया है। मिडफील्डर डेरॉय दुआर्ते ने इसे "सपने जैसा" बताया, जबकि राष्ट्रपति नेवेस ने कहा कि परिणाम चाहे जो हो, टीम "सिर ऊंचा करके और मिशन पूरा होने की भावना के साथ" लौटेगी। अब शुक्रवार की रात तय करेगी कि यह आत्मविश्वास एक और ऐतिहासिक उलटफेर लाता है या अर्जेंटीना का अनुभव भारी पड़ता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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Cape Verde, World Cup debutant, prepares to face defending champion Argentina. The African press highlights the achievement of a small nation daring to challenge football giants, with a mix of pride and realism about the chances of success.
Argentina, defending world champion, prepares to face Cape Verde, a debutant team. The Latin American press extols the superiority of the South American team and the possibility of a clear victory, confident in Argentine talent.
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