
दक्षिण अफ्रीका ने पांच सप्ताह में 53,000 विदेशी नागरिकों को निर्वासित किया, वैश्विक प्रवासन नीतियों पर दबाव
प्रिटोरिया के अभियान के बाद स्पेन में नियमितीकरण के छिपे आंकड़े और अमेरिका द्वारा ईरानी महिला का मध्य अफ्रीकी गणराज्य भेजा जाना प्रवासन प्रबंधन की जटिलताओं को उजागर करता है।
दक्षिण अफ्रीका सरकार ने घोषणा की है कि ‘प्रवासन प्रबंधन’ अभियान के तहत पिछले पांच सप्ताह में 53,499 विदेशी नागरिकों को निर्वासित या स्वदेश वापस भेजा जा चुका है। न्याय एवं संवैधानिक विकास मंत्री मामोलोको कुबाई के अनुसार, 11 जुलाई तक के आंकड़ों में सर्वाधिक संख्या मलावी के नागरिकों की है, इसके बाद जिम्बाब्वे और मोजाम्बिक के प्रवासी शामिल हैं। यह संख्या 30 जून को हुए प्रवासी-विरोधी प्रदर्शनों से पहले दर्ज किए गए निर्वासनों से दोगुनी से अधिक है, जब लगभग 25,000 लोगों को वापस भेजा गया था। सरकार ने डरबन में एक अस्थायी निर्वासन केंद्र पहले ही स्थापित कर दिया था और अब दूसरा केंद्र बना रही है, ताकि प्रक्रिया को तेज किया जा सके।
दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम नागरिकों की चिंताओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए मानवाधिकारों और गरिमा का पालन करते हुए व्यवस्थित प्रवासन सुनिश्चित करने का प्रयास है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि प्रवासियों को देश की सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का बलि का बकरा नहीं बनाया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारी समूह बेरोजगारी, अपराध और सार्वजनिक सेवाओं के पतन के लिए अवैध प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त सीमा नियंत्रण और सामूहिक निर्वासन की मांग कर रहे हैं। सरकार ने नागरिकों को कानून हाथ में न लेने की हिदायत देते हुए अनधिकृत तलाशी अभियानों के प्रति आगाह किया है, जबकि राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने प्रवासियों पर हमलों की निंदा की है।
यूरोपीय संदर्भ में, स्पेन सरकार ने 12 लाख आवेदनों वाली नियमितीकरण प्रक्रिया पूरी की है, जिससे लगभग 1,60,000 प्रवासी सामाजिक सुरक्षा में योगदानकर्ता के रूप में जुड़ गए हैं। लेकिन श्रम मंत्रालय ने यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की है कि कितने नियमितीकृत प्रवासी बेरोजगारी सूची में शामिल हुए हैं। फ़ुन्कास की वरिष्ठ विश्लेषक मारिया जेसुस फर्नांडीज के अनुसार, मौसमी समायोजित आंकड़े बताते हैं कि मई और जून में विदेशी बेरोजगारों की संख्या में 16,000 की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले वर्षों में इस अवधि में गिरावट दर्ज की जाती थी। उनका अनुमान है कि लगभग 20,000 नए बेरोजगार सीधे नियमितीकरण से जुड़े हैं, हालांकि सरकार का कहना है कि प्रभाव ‘नगण्य’ है।
अमेरिकी नीतियों के तहत, एक ईरानी महिला को मध्य अफ्रीकी गणराज्य भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू हुई, जबकि दो अन्य ईरानी महिलाओं को अस्थायी न्यायिक आदेश से रोक लगा दी गई। आव्रजन वकील सहर जलीली पावेल्स्की के अनुसार, तीनों को पहले ईरान वापसी पर राजनीतिक या धार्मिक उत्पीड़न के जोखिम के कारण कानूनी संरक्षण प्राप्त था। ईरानी-अमेरिकी कानूनी रक्षा कोष के अली रहनमा ने चिंता जताई कि रूस और ईरान के घनिष्ठ सुरक्षा संबंधों के चलते मध्य अफ्रीकी गणराज्य में स्थानांतरण जोखिमपूर्ण हो सकता है। अदालत अब तीसरे देश में स्थानांतरण की वैधता की समीक्षा करेगी, जबकि दक्षिण अफ्रीका में निर्वासन अभियान जारी रहने और स्पेन में बेरोजगारी के आंकड़ों पर स्पष्टता न आने की स्थिति बनी हुई है।
| अरब खाड़ी प्रेस | −0.30 | critical |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.20 | neutral |
| अरब लेवांत-मगरिब प्रेस | −0.10 | neutral |
The South African government violates immigrants' rights with illegal inspections.
By emphasizing civil organizations' warnings and using the term 'illegal' to describe inspections, the bloc builds a frame of abuse of power.
It does not mention the anti-immigrant protests that preceded the campaign, nor the violence and looting that pushed the government to act.
The South African government responds to protests with one of the biggest crackdowns on undocumented migrants, while protesters demand tighter controls.
By presenting the campaign as a 'crackdown' and linking it directly to violent protests, the bloc normalizes government action as a response to a social crisis.
It does not report the warnings from civil organizations about illegal inspections, which would question the legality of the operation.
South African authorities expel tens of thousands of foreigners, but warn private security groups against carrying out illegal inspections.
By separating legitimate government action from illegal vigilante activities, the bloc legitimizes deportation while condemning excesses.
It does not mention the anti-immigrant protests or the violence that preceded the campaign, omitting the social context that pushed the government.
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