
फ्रांस-स्वीडन मुकाबले में एमबाप्पे का गोल ऑफसाइड, पहला हाफ गोलरहित
न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले जा रहे विश्व कप 2026 के 32वें दौर के मुकाबले में फ्रांस और स्वीडन के बीच कड़ी टक्कर, एमबाप्पे का गोल ऑफसाइड करार।
न्यूयॉर्क/न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में मंगलवार रात फ्रांस और स्वीडन के बीच विश्व कप 2026 के 32वें दौर का मुकाबला शुरुआती 20 मिनट में ही नाटकीय मोड़ ले चुका है। फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे ने 20वें मिनट में गेंद को जाल में पहुंचाया, लेकिन वीडियो रिप्ले में वह मामूली ऑफसाइड पाए गए और डच रेफरी डैनी मैकेली ने गोल को नकार दिया। इससे पहले स्वीडन ने दूसरे ही मिनट में अलेक्जेंडर इसाक के जरिए पहला शॉट लिया, जिसे गोलकीपर माइक मेन्यां ने आसानी से पकड़ लिया। फ्रांस की ओर से लुकास डिन्हे और ब्रैडली बारकोला ने भी निशाना साधा, लेकिन स्कोर 0-0 पर बरकरार है।
दोनों टीमों ने अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में कदम रखा। फ्रांस के कोच दिदिएर देसां ने 4-2-3-1 फॉर्मेशन में एमबाप्पे को अकेला स्ट्राइकर बनाया, जबकि ओसमान डेम्बेले और माइकल ओलिसे ने विंग से साथ दिया। स्वीडन के ग्राहम पॉटर ने 3-4-2-1 प्रणाली अपनाई, जिसमें विक्टर ग्योकेरस आगे और इसाक व एंथनी एलांगा उनके पीछे उतरे। शुरुआती आंकड़े बता रहे हैं कि स्वीडन ने पहले 15 मिनट में गेंद पर अधिक नियंत्रण रखा और ऊंची प्रेसिंग से फ्रांसीसी डिफेंस को असहज किया, लेकिन धीरे-धीरे फ्रांस ने लय पकड़ ली।
ग्रुप चरण में फ्रांस ने शानदार प्रदर्शन किया था। उसने सेनेगल को 3-1, इराक को 3-0 और नॉर्वे को 4-1 से हराकर ग्रुप I में पूरे नौ अंक लिए और 10 गोल दागे। एमबाप्पे और डेम्बेले चार-चार गोल के साथ टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोररों में शामिल हैं। दूसरी ओर, स्वीडन ग्रुप F में तीसरे स्थान पर रहकर अंतिम 32 में पहुंचा। उसने ट्यूनीशिया को 5-1 से हराया, लेकिन नीदरलैंड से 1-5 से हार और जापान से 1-1 ड्रॉ के बाद मुश्किल से अगले दौर में जगह बनाई।
यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि विश्व कप में यह उनकी पहली भिड़ंत है। कुल मिलाकर दोनों 24 बार आमने-सामने आए हैं, जिसमें फ्रांस ने 12 जीत दर्ज की हैं। देसां ने मैच से पहले कहा था कि नॉकआउट में कोई दूसरा मौका नहीं मिलता, इसलिए टीम को बिना डर के खेलना होगा। स्वीडन के पास इसाक और ग्योकेरस जैसे खतरनाक फॉरवर्ड हैं, जो काउंटर-अटैक में फ्रांस को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इस मैच का विजेता अंतिम 16 में पैराग्वे से भिड़ेगा, जिसने एक दिन पहले जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराकर बड़ा उलटफेर किया था। फ्रांस के लिए यह देसां के कार्यकाल का 19वां नॉकआउट मैच है और वह टीम को तीसरी विश्व कप ट्रॉफी दिलाने के इरादे से उतरे हैं। फिलहाल सबकी निगाहें दूसरे हाफ पर टिकी हैं, जहां एक गोल पूरा समीकरण बदल सकता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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लैटिन अमेरिकी प्रेस इस मैच को एक प्रमुख खेल आयोजन के रूप में पेश करती है, जिसमें समय और प्रसारण की व्यावहारिक जानकारी दी जाती है। यह फ्रांस की पसंदीदा स्थिति और ग्रुप चरण में उसके शानदार प्रदर्शन को उजागर करती है, जबकि स्वीडन की अनिश्चित राह का उल्लेख करती है। लहजा तटस्थ और वर्णनात्मक है, तमाशे पर केंद्रित है।
महाद्वीपीय यूरोपीय कवरेज, विशेष रूप से इटली से, मैच को सतर्क संदेह के साथ देखती है। फ्रांस की पसंदीदा स्थिति को स्वीकार करते हुए, यह चेतावनी देती है कि स्वीडन की आक्रामक तिकड़ी कम मजबूत फ्रांसीसी रक्षा की परीक्षा ले सकती है। कथा विश्लेषणात्मक है, सामरिक कमजोरियों पर केंद्रित है।
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