
अफ़ग़ान तालिबान ने पाकिस्तान में ISIS ठिकानों पर हमले किए, पाकिस्तान ने चार ड्रोन मार गिराए
दो दिन पहले पाकिस्तानी हवाई हमलों में अफ़ग़ान नागरिकों की मौत के बाद सीमा पार तनाव और बढ़ा, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आतंकवाद को पनाह देने के आरोप लगाए।
अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने मंगलवार रात पाकिस्तान के बलूचिस्तान और ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांतों में कथित इस्लामिक स्टेट ख़ुरासान (ISIS-K) के ठिकानों पर हवाई हमले किए। अफ़ग़ान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये केंद्र अफ़ग़ानिस्तान में नागरिकों पर हमलों की योजना और समन्वय के लिए इस्तेमाल हो रहे थे। पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग (आईएसपीआर) ने इसके जवाब में दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अफ़ग़ानिस्तान से भेजे गए चार “प्रारंभिक ड्रोन” को तुरंत पहचानकर नष्ट कर दिया और चेतावनी दी कि किसी भी और उकसावे का “करारा जवाब” दिया जाएगा।
यह ताज़ा सैन्य कार्रवाई रविवार को पाकिस्तान द्वारा अफ़ग़ानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनर प्रांतों में किए गए हवाई हमलों के ठीक बाद हुई है। अफ़ग़ान तालिबान प्रशासन के अनुसार, पाकिस्तानी हमलों में कम से कम 36 नागरिक मारे गए और 160 से अधिक घायल हुए, जबकि संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने 28 नागरिकों की मौत की पुष्टि की। पाकिस्तान ने इन हमलों को आतंकवादी ठिकानों पर केंद्रित बताते हुए 29 आतंकवादियों के मारे जाने का दावा किया। अफ़ग़ानिस्तान ने इस्लामाबाद में अपने राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया और पाकिस्तानी कार्रवाई को “कायरतापूर्ण” और “बर्बर” बताया।
दक्षिण एशिया में बढ़ते इस तनाव पर भारत ने पाकिस्तानी हवाई हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे “अफ़ग़ान संप्रभुता पर सीधा हमला” और “क्षेत्रीय शांति के लिए ख़तरा” करार दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह पाकिस्तान की “लापरवाही भरी आदत” और आंतरिक विफलताओं को सीमा पार हिंसा से छिपाने का प्रयास है। वहीं, चीन ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता के प्रयास जारी रखे हैं, हालांकि अक्टूबर 2025 में हुए संघर्षविराम के बावजूद सीमा पर रुक-रुक कर झड़पें जारी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र पाकिस्तान का यह दावा है कि अफ़ग़ानिस्तान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और अन्य समूहों को पनाह देता है, जबकि काबुल इसे पाकिस्तान की आंतरिक समस्या बताता है। अफ़ग़ान वायुसेना के पास लड़ाकू विमान नहीं हैं, लेकिन उसके पास हेलीकॉप्टर और ड्रोन हैं, जिनका इस्तेमाल पहले भी सीमा पार हमलों में किया जा चुका है। फ़िलहाल, दोनों ओर से सैन्य बयानबाज़ी तेज़ है और किसी तत्काल वार्ता की संभावना नहीं दिखती, जिससे सीमा पर और हिंसा भड़कने का ख़तरा बना हुआ है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ
पाकिस्तानी हवाई हमलों में अफगान प्रांतों में कम से कम 28 नागरिक मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, संयुक्त राष्ट्र के अनुसार। तालिबान सरकार ने इस हमले को कायरतापूर्ण क्रूरता बताया। सीमा तनाव फिर से भड़क गया है, तालिबान ने पाकिस्तान में ISIS के ठिकानों पर हमला करके जवाब दिया।
अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में ISIS के ठिकानों पर ड्रोन हमलों का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरन क्षेत्र के एक स्कूल को ISIS लड़ाकों द्वारा छिपने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। ये हमले सीमा पार तनाव में एक नई वृद्धि को दर्शाते हैं।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
ट्रंप ने कतर से उपहार में मिले नए एयर फोर्स वन की पहली उड़ान भरी
10 भाषाएँ · 26 स्रोत
Economy & Markets सेवैश्विक ऑटो बाजार में चीनी कंपनियों की धमक: BYD टेस्ला को पीछे छोड़ने को तैयार, यूरोपीय दिग्गज संकट में
3 भाषाएँ · 13 स्रोत
Technology सेभारत ने व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर रोका, टेलीग्राम और सिग्नल पर भी शिकंजा
4 भाषाएँ · 16 स्रोत