
विंबलडन 2026: अर्जेंटीना का सूखा जारी, नवोन की हार के साथ पुरुष एकल में पूरी टीम पहले दौर से बाहर
मारियानो नवोन के चार सेटों में इतालवी फ्लावियो कोबोली से हारने के बाद अर्जेंटीना के सभी नौ पुरुष खिलाड़ी विंबलडन के पहले दौर में ही बाहर हो गए, जो 2010 के बाद सबसे खराब सामूहिक प्रदर्शन है।
लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब में बुधवार को अर्जेंटीना के आखिरी उम्मीद मारियानो नवोन का सफर भी थम गया, जब वे इटली के फ्लावियो कोबोली से 1-6, 7-6(5), 3-6, 7-6(8) से हार गए। यह मुकाबला मंगलवार को रोशनी की कमी के कारण स्थगित हुआ था और बुधवार को दोबारा शुरू हुआ, जहाँ कोबोली ने चौथे सेट के टाईब्रेक में 8-8 की बराबरी के बाद लगातार दो अंक लेकर जीत दर्ज की। इस हार के साथ ही अर्जेंटीना के सभी नौ पुरुष एकल खिलाड़ी पहले ही दौर में बाहर हो गए, जो 2010 के बाद पहली बार हुआ है। महिला वर्ग में एकमात्र अर्जेंटीनी सोलाना सिएरा ने दूसरे दौर में अमेरिका की कोको गॉफ को कड़ी टक्कर दी, लेकिन 6-3, 3-6, 7-6(7) से हारकर बाहर हो गईं।
अर्जेंटीना की यह सामूहिक विफलता घास की सतह पर उनकी ऐतिहासिक कमजोरी को रेखांकित करती है। अर्जेंटीना के मीडिया ने इसे 16 साल बाद दोहराया गया नकारात्मक रिकॉर्ड बताया, जब 2010 में पाँच खिलाड़ी पहले दौर में हारे थे। इस बार दल में नौ खिलाड़ी थे, जो 2009 के बाद सबसे बड़ी संख्या थी, लेकिन क्वींस क्लब के ताजा चैंपियन फ्रांसिस्को सेरुंडोलो भी स्पेन के जौमे मुनार से सीधे सेटों में हार गए। टोमास एचेवेरी इटली के लोरेंजो सोनेगो से चार सेटों में हारे, जबकि रोमन बुरुचागा ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स डी मिनौर के सामने पहला सेत जीतने के बाद भी संघर्ष नहीं कर सके। सोमवार को सेबास्टियन बाएज, थियागो तिरांते और अन्य भी बाहर हो गए थे।
इतालवी प्रेस ने कोबोली के संघर्षपूर्ण प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित किया, जिन्होंने स्वीकार किया कि रोलां गैरों की फाइनल के बाद घास पर यह उनका दूसरा मैच था और वे घबराए हुए थे। उन्होंने कहा, "मैंने मुश्किल क्षणों का सामना करने के तरीके से खुश हूँ।" वहीं ब्रिटिश और अमेरिकी मीडिया ने गॉफ और सिएरा के बीच रोमांचक मुकाबले को उभारा, जिसमें गॉफ ने टाईब्रेक में 4-7 से पिछड़ने के बाद लगातार छह अंक जीतकर मैच अपने नाम किया। गॉफ ने बाद में कहा, "मैं बस खुद को याद दिला रही थी कि मैं एक बेहतरीन रिटर्नर हूँ।"
वैश्विक संदर्भ में देखें तो यह विंबलडन शीर्ष खिलाड़ियों के लिए मिली-जुली चुनौतियाँ लेकर आया है। इटली के यानिक सिनर ने पहले दौर में संघर्ष करते हुए जीत दर्ज की, जबकि डेनियल मेदवेदेव और आर्यना सबालेंका ने आसान जीत हासिल की। भारतीय उपमहाद्वीप के दर्शकों के लिए यह टूर्नामेंट अब अर्जेंटीना की अनुपस्थिति में भी शीर्ष सितारों की आगे की लड़ाई पर केंद्रित रहेगा। अर्जेंटीना के लिए यह प्रदर्शन 2002 में डेविड नलबैंडियन की ऐतिहासिक फाइनल तक पहुँचने की यादों को और भी दूर ले गया है।
अगले दौर में कोबोली का सामना ऑस्ट्रेलिया के जेम्स डकवर्थ से होगा, जबकि गॉफ तीसरे दौर में पहुँच गई हैं। अर्जेंटीना की टीम अब युगल मुकाबलों में बची हुई उम्मीदों पर टिकी है, जहाँ मैक्सिमो गोंजालेज जैसे खिलाड़ी अभी भी प्रतिस्पर्धा में हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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अर्जेंटीना का विंबलडन अभियान एक ऐतिहासिक सामूहिक विफलता के साथ समाप्त हुआ, जिसमें 2010 के बाद पहली बार सभी नौ पुरुष खिलाड़ी पहले दौर में बाहर हो गए। घास की सतह एक बार फिर दुर्गम बाधा साबित हुई, जिसने अनुकूलन की गहरी समस्या को उजागर किया। मारियानो नवोने और सोलाना सिएरा की हार ने एक नकारात्मक रिकॉर्ड को पक्का कर दिया जो इस सतह पर अर्जेंटीना टेनिस के भविष्य पर तत्काल सवाल खड़े करता है।
फ्लेवियो कोबोली ने धीमी शुरुआत के बाद मारियानो नवोने को चार सेटों में हराकर विंबलडन के दूसरे दौर में प्रवेश किया। नौवीं वरीयता प्राप्त इतालवी खिलाड़ी ने रात भर मैच स्थगित रहने के बाद लचीलापन दिखाया और टाईब्रेक में कड़ी जीत दर्ज की। अब उनका सामना ऑस्ट्रेलियाई जेम्स डकवर्थ से होगा, और घास पर गहरी दौड़ का आत्मविश्वास है।
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