
ट्रंप ने कार्यवाहक खुफिया प्रमुख को 2020 चुनाव के रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की खुली छूट दी
व्हाइट हाउस के एक कार्य बल द्वारा खुफिया एजेंसियों से दस्तावेज़ जुटाए जाने के बीच राष्ट्रपति ने कहा कि कार्यवाहक निदेशक जो चाहें, अवर्गीकृत कर सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (ओडीएनआई) के कार्यवाहक प्रमुख बिल पुल्टे को किसी भी रिकॉर्ड को अवर्गीकृत करने का व्यापक अधिकार है, जिसमें 2020 के चुनाव से जुड़े दस्तावेज़ भी शामिल हैं। यह बयान ऐसे समय आया जब एनबीसी न्यूज़ ने खबर दी कि व्हाइट हाउस का एक नया कार्य बल सीआईए, एफबीआई, न्याय विभाग और एनएसए सहित खुफिया एजेंसियों से हज़ारों पन्नों के दस्तावेज़ एकत्र कर रहा है, ताकि उनमें से कुछ को सार्वजनिक किया जा सके। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "जब तक वह वहाँ हैं, मैंने कहा, 'तुम जो चाहो अवर्गीकृत कर सकते हो'।"
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर इसे पारदर्शिता का कदम बताया और कहा कि ट्रंप "इतिहास के सबसे पारदर्शी राष्ट्रपति" हैं। वहीं, डेमोक्रेटिक सांसदों और मतदान अधिकार समूहों का कहना है कि यह प्रयास नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले झूठे चुनावी धोखाधड़ी के दावों को फिर से हवा देने की रणनीति का हिस्सा है। ट्रंप लंबे समय से 2020 के चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली के निराधार आरोप लगाते रहे हैं और कांग्रेस पर सख्त मतदाता पहचान विधेयक (सेव एक्ट) पारित करने का दबाव बना रहे हैं, जिसके बारे में उनका कहना है कि इससे रिपब्लिकन पार्टी को नवंबर में "गारंटीशुदा" जीत मिलेगी।
खुफिया विशेषज्ञों और पूर्व अधिकारियों के अनुसार, राजनीतिक उद्देश्यों के लिए संवेदनशील खुफिया सूचनाओं का चयनात्मक अवर्गीकरण स्रोतों और पद्धतियों को खतरे में डाल सकता है तथा अमेरिकी खुफिया समुदाय की विश्वसनीयता को क्षति पहुँचा सकता है। पुल्टे, जिनके पास राष्ट्रीय सुरक्षा का कोई अनुभव नहीं है और जो वर्तमान में संघीय आवास वित्त एजेंसी के भी प्रमुख हैं, पहले ही सैकड़ों खुफिया पदों में कटौती की कथित कार्रवाई कर चुके हैं। इस बीच, ओडीएनआई के लिए ट्रंप के स्थायी नामित व्यक्ति जे क्लेटन की पुष्टि सुनवाई स्थगित कर दी गई है; सीनेट खुफिया समिति के अध्यक्ष टॉम कॉटन 15 जुलाई की तारीख पर विचार कर रहे हैं।
यह घटनाक्रम ट्रंप के उस रुख से मेल खाता है जिसमें वे चुनावी प्रक्रिया पर संदेह पैदा करने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल करते रहे हैं। मंगलवार को ही उन्होंने कोलोराडो की पूर्व काउंटी क्लर्क टीना पीटर्स से मुलाकात की, जिन्हें 2020 के चुनाव में ट्रंप के झूठे दावों के समर्थन में वोटिंग मशीनों से छेड़छाड़ का दोषी ठहराया गया था। ज़ेटियो की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद भी अपनी पसंद के वर्गीकृत दस्तावेज़ अपने पास रखने की योजना बना रहे हैं, और ओवल ऑफिस में एक दस्तावेज़ दिखाते हुए कह चुके हैं, "यह वाला अच्छा रहेगा!"
दक्षिण एशिया के लिए इस पूरे प्रकरण का अर्थ यह है कि अमेरिकी खुफिया तंत्र का राजनीतिक इस्तेमाल वैश्विक खुफिया साझेदारी में विश्वास को कमज़ोर कर सकता है, जिसमें भारत जैसे करीबी रणनीतिक साझेदार भी शामिल हैं। फिलहाल, कार्य बल दस्तावेज़ एकत्र कर रहा है और क्लेटन की सुनवाई की तारीख तय नहीं है, जबकि पुल्टे के पास अवर्गीकरण का अधिकार बरकरार है।
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.50 | critical |
|---|---|---|
| इज़राइली प्रेस | +0.50 | aligned |
Trump is undermining trust in institutions with this unilateral move, opening the door to partisan interpretations of electoral facts.
The lack of oversight and potential bias of the declassification is emphasized, presenting it as an attack on transparency and the credibility of the system.
Trump shows leadership and transparency in defending electoral integrity, acting with determination against forces that would hide the truth.
The decision is presented as a necessary act of strength to restore truth, personifying in Trump the will to protect democracy.
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