
पेपे के शुरुआती गोल से कोटे डी आइवर की पकड़ मजबूत, कुराकाओ की उम्मीदों को झटका
फिलाडेल्फिया के लिंकन फाइनेंशियल फील्ड में ग्रुप ई के निर्णायक मुकाबले में निकोलस पेपे ने सातवें मिनट में गोल कर कोटे डी आइवर को अंतिम-16 की ओर बड़ा कदम बढ़ाया, जबकि कुराकाओ की ऐतिहासिक यात्रा पर संकट के बादल मंडरा गए।
मैच के सातवें मिनट में ही कुराकाओ की रक्षापंक्ति की एक चूक ने कोटे डी आइवर को निर्णायक बढ़त दिला दी। पीछे से गेंद को नियंत्रित करने की कोशिश में हुई गलती का फायदा उठाते हुए यान डियोमांडे ने बाईं ओर से अंतिम पंक्ति तक दौड़ लगाई और गेंद को पीछे खिसकाया, जहां निकोलस पेपे ने बिना किसी रोक-टोक के उसे गोल के भीतर पहुंचा दिया। यह शुरुआती प्रहार ही पूरे मुकाबले की दिशा तय करता दिखा, क्योंकि इसके बाद अफ्रीकी टीम ने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा।
कुराकाओ ने हालांकि बिना संघर्ष के हार नहीं मानी। दूसरे ही मिनट में ताहिथ चोंग ने सामने से जोरदार प्रहार किया, जिसे गोलकीपर याहिया फोफाना ने मुक्कों से बाहर किया। 14वें मिनट में डिफेंडर जुरिएन गारी का शॉट पोस्ट के बेहद करीब से बाहर निकला। पहले हाफ के मध्य में गारी को सिर में चोट लगने के कारण खेल रोकना पड़ा और रेफरी ग्लेन नायबर्ग ने हाइड्रेशन ब्रेक भी दिया। कोटे डी आइवर ने इस दौरान कई मौके बनाए—18वें मिनट में फ्रैंक केसी और अमाद डियालो आपस में भिड़ गए, जबकि दसवें मिनट में डियालो का मुड़कर मारा गया शॉट थोड़े से अंतर से लक्ष्य से भटक गया।
यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए विपरीत परिस्थितियों में आया। कोटे डी आइवर ने अपना पहला मैच इक्वाडोर के खिलाफ 1-0 से जीता था, लेकिन जर्मनी के हाथों 2-1 की हार ने उसकी स्थिति को अनिश्चित बना दिया था। तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद इस टीम को अगले दौर में पहुंचने के लिए जीत या कम से कम ड्रॉ की दरकार थी। दूसरी ओर, विश्व कप में पदार्पण कर रहे कुराकाओ ने जर्मनी से 7-1 की करारी हार के बाद इक्वाडोर को गोलरहित बराबरी पर रोककर अपना पहला ऐतिहासिक अंक हासिल किया था। गोलकीपर एलॉय रूम ने उस मैच में 15 बचाव कर टीम की उम्मीदों को जिंदा रखा था, लेकिन यहां उन्हें शुरुआती झटके से उबरने का मौका नहीं मिला।
दोनों कोचों ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी थी। डिक एडवोकाट की कुराकाओ टीम ने 5-4-1 के व्यावहारिक खांचे में खुद को ढाला, जिसमें लिएंड्रो बाकुना और जुनिन्हो बाकुना मध्य में संयोजन की भूमिका में थे। एमर्स फाए की कोटे डी आइवर ने केसी और इब्राहिम संगारे को डबल पिवट के रूप में उतारा, जबकि आक्रमण की जिम्मेदारी पेपे, डियालो और बोनी पर थी। अफ्रीकी पक्ष का गेंद पर नियंत्रण और लगातार दबाव उनकी श्रेष्ठता को रेखांकित कर रहा था, लेकिन कुराकाओ की जवाबी चालें भी खतरा पैदा कर रही थीं।
इस जीत के साथ कोटे डी आइवर के सात अंक हो जाएंगे और वह ग्रुप ई में जर्मनी के बाद दूसरे स्थान पर रहते हुए अंतिम-16 में प्रवेश कर लेगा। कुराकाओ की गणितीय संभावनाएं अब पूरी तरह दूसरे मैच—जर्मनी बनाम इक्वाडोर—के नतीजे पर निर्भर होंगी, लेकिन एक गोल से पिछड़ने के बाद उसका सफर लगभग समाप्त माना जा रहा है। फिलाडेल्फिया का यह मुकाबला डेब्यूटेंट के सपनों को तोड़ते हुए अफ्रीकी दिग्गज को नॉकआउट की ओर ले जाने वाला साबित हो सकता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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पेपे के शुरुआती गोल ने आइवरी कोस्ट को अंतिम 32 के करीब पहुंचा दिया, जबकि पहली बार खेल रहे कुराकाओ की उम्मीदें धूमिल हो गईं। रिपोर्टिंग में समूह ई के समीकरणों और दोनों टीमों की व्यावहारिक स्थिति पर जोर है।
कुराकाओ की रक्षात्मक गलती ने पेपे को शुरुआती बढ़त दिला दी, और लाइव अपडेट हर मिनट का हिसाब रख रहे हैं। रिपोर्टिंग तटस्थ और तेज़ है, केवल घटनाक्रम पर केंद्रित है।
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