
ग्रुप एच का आखिरी दांव: स्पेन-उरुग्वे भिड़ंत, केप वर्ड की ऐतिहासिक चाल और अर्जेंटीना की निगाहें
विश्व कप 2026 के ग्रुप एच में चारों टीमें अभी भी अगले दौर की दावेदार, शुक्रवार रात होने वाले मुक़ाबले पूरे समीकरण को पलट सकते हैं।
ग्वादलहारा और ह्यूस्टन के मैदानों पर शुक्रवार रात जो कुछ भी होगा, वह सिर्फ़ दो मैचों का नतीजा नहीं होगा—यह एक ऐसे ग्रुप की आखिरी साँस होगी जिसने अब तक हर भविष्यवाणी को धत्ता बताया है। स्पेन चार अंकों के साथ शीर्ष पर है, लेकिन अभी तक उसकी अगले दौर की सीट पक्की नहीं। उरुग्वे और केप वर्ड दो-दो अंक लेकर दूसरे स्थान पर बराबरी पर खड़े हैं, जबकि एक अंक वाला सऊदी अरब भी अभी बाहर नहीं हुआ। ग्रुप एच की यह अनोखी स्थिति है—आखिरी दौर से पहले न कोई टीम क्वालीफ़ाई कर चुकी है, न कोई बाहर हुई है।
यूरोपीय चैंपियन स्पेन ने पहले मैच में केप वर्ड से गोलरहित ड्रॉ के बाद सऊदी अरब को 4-0 से रौंदकर अपनी लय पकड़ी। लामिन यमल और पेद्री जैसे युवा सितारों की चमक के बीच कोच लुइस दे ला फ़ुएंते ने साफ़ कहा कि टीम पहले स्थान के लिए खेलेगी। दूसरी ओर, मार्सेलो बिएल्सा की उरुग्वे लगातार दो ड्रॉ के बाद दबाव में है—उसे स्पेन को हराना ही होगा, वरना तीसरे स्थान के जटिल समीकरण पर निर्भर रहना पड़ेगा। बिएल्सा ने मैच को “फ़ाइनल” बताते हुए कहा कि टीम गेंद पर नियंत्रण और आक्रामकता दिखाएगी, न कि सिर्फ़ बचाव करेगी।
अफ़्रीकी मीडिया और प्रशंसकों की निगाहें केप वर्ड पर टिकी हैं, जो अपने पहले विश्व कप में अब तक की सबसे बड़ी कहानी बन चुका है। गोलकीपर वोज़ीन्हा की अगुआई में टीम ने स्पेन और उरुग्वे दोनों से अंक छीने। अब सऊदी अरब के ख़िलाफ़ जीत उसे सीधे 32 के दौर में पहुँचा सकती है, और यदि स्पेन हारता है तो ग्रुप विजेता भी बन सकती है। एशियाई परिप्रेक्ष्य से देखें तो सऊदी अरब के लिए यह मैच सम्मान और अवसर दोनों का है—उसे बड़े अंतर से जीत चाहिए और उरुग्वे की हार की दुआ भी, तभी वह अगले दौर का सपना देख सकता है।
दक्षिण अमेरिकी संवाददाताओं ने उरुग्वे के खिलाड़ी रोद्रिगो आगिरे के बयान को रेखांकित किया, जिन्होंने “गारा चार्रुआ” यानी उरुग्वे की पारंपरिक जुझारू भावना को हथियार बताया। वहीं स्पेन के निको विलियम्स ने कहा कि टीम “विश्व कप को तहस-नहस करने” को आतुर है और यमल जैसे खिलाड़ी किसी भी पल खेल पलट सकते हैं। इन बयानों से साफ़ है कि दोनों टीमें इस मुक़ाबले को सिर्फ़ एक ग्रुप मैच नहीं, बल्कि अपनी विश्व कप यात्रा का निर्णायक मोड़ मान रही हैं।
इस ग्रुप का नतीजा सिर्फ़ इन चार टीमों तक सीमित नहीं रहेगा। ग्रुप जे में पहले ही शीर्ष स्थान पक्का कर चुकी अर्जेंटीना की निगाहें ठीक इसी ग्रुप पर हैं, क्योंकि उसका 32 के दौर का प्रतिद्वंद्वी यहीं से आएगा। अमेरिकी खेल विश्लेषण संस्थान द एथलेटिक के आँकड़ों के अनुसार केप वर्ड के दूसरे स्थान पर रहने की 55 प्रतिशत संभावना है, लेकिन मैदान पर असली फ़ैसला शुक्रवार रात होगा। जो भी हो, ग्रुप एच का यह अंतिम अध्याय विश्व कप के इतिहास में एक ऐसे ग्रुप के रूप में दर्ज होने जा रहा है जहाँ आखिरी सीटी तक सब कुछ संभव था।
संबंधित लेख
वेनेजुएला में 39 सेकंड के अंतराल पर दो भूकंप, 188 की मौत, हजारों लापता
11 भाषाएँ · 86 स्रोत
खेलजापान और स्वीडन ने 1-1 ड्रॉ के साथ अंतिम-32 में कदम रखा, अब ब्राजील से होगी जापान की परीक्षा
5 भाषाएँ · 25 स्रोत
भू-राजनीति और राजनीतिउत्तर कोरिया ने लंबी दूरी की हथियार प्रणालियों का परीक्षण किया, 'घातक आक्रामक मुद्रा' पर जोर
7 भाषाएँ · 14 स्रोत