
जापान और स्वीडन ने 1-1 ड्रॉ के साथ अंतिम-32 में कदम रखा, अब ब्राजील से होगी जापान की परीक्षा
डलास में खेले गए ग्रुप एफ के निर्णायक मुकाबले में दोनों टीमों को एक-एक अंक से संतोष, जापान दूसरे स्थान पर रहा और स्वीडन सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीम के रूप में आगे बढ़ी।
डलास के एटीएंडटी स्टेडियम में 70,000 से अधिक दर्शकों के सामने जापान और स्वीडन ने 1-1 से मुकाबला ड्रॉ कराया, जिसने दोनों टीमों को 2026 फीफा विश्व कप के अंतिम-32 में पहुंचा दिया। पहले हाफ में सावधानी बरतने वाली दोनों टीमों ने दूसरे हाफ में तेजी दिखाई। जापान के लिए डाइजेन माएदा ने 56वें मिनट में रित्सु दोआन के शानदार पास पर गोल कर टीम को बढ़त दिलाई, लेकिन यह बढ़त केवल छह मिनट टिकी। स्वीडन के एंथनी एलांगा ने 62वें मिनट में बाएं पैर से बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाकर स्कोर बराबर कर दिया। अंतिम क्षणों में स्वीडन ने दबाव बनाया, लेकिन जापानी गोलकीपर ज़ायन सुज़ुकी ने एलांगा और अलेक्जेंडर इसाक के प्रयासों को विफल कर टीम को दूसरे स्थान पर बनाए रखा।
यह परिणाम ग्रुप एफ की जटिल समीकरणों को सुलझाने वाला साबित हुआ। नीदरलैंड ने ट्यूनीशिया को 3-1 से हराकर सात अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि जापान पांच अंकों के साथ दूसरे और स्वीडन चार अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। ट्यूनीशिया बिना किसी अंक के बाहर हो गया। एशियाई मीडिया ने जापान की लगातार तीसरे विश्व कप में नॉकआउट चरण में पहुंचने की क्षमता को रेखांकित किया, वहीं यूरोपीय सूत्रों ने स्वीडन की मानसिक मजबूती पर ध्यान केंद्रित किया, जिसने नीदरलैंड के खिलाफ 5-1 की करारी हार के बाद वापसी की।
जापान के लिए अब सामने ब्राजील की कठिन चुनौती है, जो ग्रुप सी में शीर्ष पर रहा था। अक्टूबर 2025 में एक मैत्री मुकाबले में जापान ने ब्राजील को 3-2 से हराया था, जिससे एशियाई टीम के आत्मविश्वास को बल मिला है। हालांकि, विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले का दबाव अलग होता है, और ब्राजील के पास विनीसियस जूनियर जैसे खिलाड़ी हैं। जापानी कोच हाजिमे मोरियासु ने स्वीकार किया कि ब्राजील बदला लेने की भावना से प्रेरित होगा, लेकिन उन्हें अपनी टीम पर भरोसा है।
स्वीडन ने सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में जगह बनाकर अगले दौर में प्रवेश किया, जहां उसका सामना संभवतः फ्रांस, नॉर्वे, जर्मनी या स्विट्जरलैंड से हो सकता है। कोच ग्राहम पॉटर ने टीम के लचीलेपन की सराहना की और कहा कि अब उन्हें रसद संबंधी चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। दक्षिण एशियाई संदर्भ में, यह मुकाबला इस बात का उदाहरण है कि कैसे एशियाई फुटबॉल की बढ़ती ताकत अब पारंपरिक महाशक्तियों को कड़ी टक्कर दे रही है, हालांकि भारत जैसे देशों के लिए अभी यह स्तर दूर की कौड़ी है।
अगला पड़ाव: जापान 29 जून को ह्यूस्टन में ब्राजील से भिड़ेगा, जबकि स्वीडन को अपने प्रतिद्वंद्वी की घोषणा का इंतजार है। नीदरलैंड का सामना मोरक्को से मोंटेरे में होगा। ग्रुप एफ ने साबित कर दिया कि इस विश्व कप में हर अंक कीमती है और एक ड्रॉ भी सपनों को जिंदा रख सकता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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जापान और स्वीडन के बीच 1-1 से उबाऊ ड्रॉ ने दोनों को अगले दौर में पहुंचा दिया, लेकिन यह मैच टूर्नामेंट के लिए खराब विज्ञापन था। परिणाम दोनों के अनुकूल रहा, फिर भी प्रदर्शन ने स्कॉटलैंड की हल्की उम्मीदों को समाप्त कर दिया।
जापान ने स्वीडन के साथ 1-1 से ड्रॉ खेलकर ग्रुप F में दूसरा स्थान और ब्राजील के साथ सपनों की टक्कर पक्की की। सामुराई ब्लू के पास अब सबसे बड़े मंच पर सेलेकाओ के खिलाफ अपनी ऐतिहासिक मैत्रीपूर्ण जीत को दोहराने का मौका है।
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