
नीदरलैंड्स ने ट्यूनीशिया को 3-1 से हराकर ग्रुप एफ में शीर्ष स्थान हासिल किया, मोरक्को से होगा मुकाबला
कैटिया इत्ज़ेल गार्सिया की ऐतिहासिक रेफरींग के बीच नीदरलैंड्स ने शुरुआती झटकों से जीत दर्ज की और अब मोंटेरे में मोरक्को से भिड़ेगा।
कैनसस सिटी के एरोहेड स्टेडियम में नीदरलैंड्स ने ट्यूनीशिया को 3-1 से हराकर ग्रुप एफ में अजेय रहते हुए शीर्ष स्थान पक्का कर लिया। इस जीत के साथ ही यूरोपीय टीम ने ब्राज़ील से शुरुआती नॉकआउट में भिड़ंत टाल दी और अब उसका सामना मोरक्को से होगा। मैदान पर लगातार बारिश के बीच खेले गए इस मुक़ाबले की सबसे बड़ी सुर्ख़ी रहीं मैक्सिकन रेफरी कैटिया इत्ज़ेल गार्सिया, जो किसी पुरुष विश्व कप में मुख्य रेफरी की भूमिका निभाने वाली पहली लैटिन अमेरिकी महिला बनीं।
मैच की शुरुआत ही धमाकेदार रही। तीसरे मिनट में डेन्ज़ेल डमफ़्रीज़ के ख़तरनाक सेंटर को ट्यूनीशिया के एलिएस स्खीरी ने ग़लत दिशा में क्लियर कर अपने ही गोल में डाल दिया। चार मिनट बाद ब्रायन ब्रोबी ने वर्जिल वान डाइक के हेडर को गोल में बदलकर स्कोर 2-0 कर दिया। नीदरलैंड्स का यह आक्रामक अंदाज़ पूरे पहले हाफ़ पर हावी रहा और ट्यूनीशिया की रक्षापंक्ति लगातार दबाव में नज़र आई।
दूसरे हाफ़ में ट्यूनीशिया ने वापसी की कोशिश की। 54वें मिनट में हज़ेम मस्तूरी ने कॉर्नर पर शानदार हेडर से गोल कर स्कोर 2-1 कर दिया। इसी दौरान दूसरे मैदान पर जापान ने स्वीडन के ख़िलाफ़ बढ़त बना ली थी, जिससे नीदरलैंड्स की ग्रुप लीडरशिप पर क्षणिक दबाव बना। लेकिन आठ मिनट बाद ही जान पॉल वान हेके ने एक और कॉर्नर पर ज़ोरदार हेडर से गोल कर टीम को राहत दी और स्कोर 3-1 कर दिया। इसके बाद कोमान ने मेम्फ़िस डेपाय को उतारकर आगामी मैचों के लिए लय बनाने का मौक़ा दिया।
रेफरी गार्सिया ने पूरे मैच में अधिकारपूर्ण निर्णय लिए और किसी विवाद को जन्म नहीं दिया। उनके कंधों पर मैक्सिकन ध्वज के रंगों वाली वर्दी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को और प्रतीकात्मक बना दिया। वैश्विक स्तर पर यह घटनाक्रम खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करता है, जिसकी गूँज दक्षिण एशिया सहित हर उस क्षेत्र में सुनाई दे रही है जहाँ खेल प्रशासन में समावेशिता पर बहस जारी है।
इस नतीजे के साथ नीदरलैंड्स सात अंक लेकर ग्रुप एफ में शीर्ष पर रहा। जापान पाँच अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा और अब उसे ह्यूस्टन में ब्राज़ील से खेलना होगा। स्वीडन चार अंक लेकर सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीम के रूप में अगले दौर में पहुँचा, जबकि ट्यूनीशिया बिना किसी अंक के बाहर हो गया। नीदरलैंड्स का अगला मुक़ाबला सोमवार को मोंटेरे के एस्टाडियो बीबीवीए में मोरक्को से होगा, जो इस स्टेडियम में विश्व कप का आख़िरी मैच होगा।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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नीदरलैंड ने ट्यूनीशिया को 3-1 से हराकर ग्रुप में अजेय बढ़त बनाई और अब मॉन्टेरी में मोरक्को का इंतजार कर रहा है। यह मैच ऐतिहासिक रहा क्योंकि मैक्सिकन रेफरी कातिया इत्ज़ेल गार्सिया पुरुष विश्व कप मैच में अंपायरिंग करने वाली पहली महिला बनीं। 'ऑरेंज मशीन' ने 'कार्थेज के ईगल्स' को कुचल दिया और अपनी प्रबल दावेदारी पेश की।
नीदरलैंड ने ट्यूनीशिया को 3-1 से हराकर ग्रुप एफ में शीर्ष स्थान हासिल किया और अंतिम 32 में प्रवेश किया। ब्रायन ब्रोबी और जान पॉल वान हेके के गोलों ने जीत सुनिश्चित की, जबकि हज़ेम मस्तूरी ने ट्यूनीशिया के लिए एक सांत्वना गोल किया। डच टीम अब नॉकआउट चरण की तैयारी कर रही है।
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