
पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को हरा पैराग्वे ने रचा विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर
चार बार की चैंपियन जर्मनी को पहली बार विश्व कप पेनल्टी शूटआउट में हार झेलनी पड़ी, जबकि पैराग्वे ने 1-1 की बराबरी के बाद 4-3 से जीत दर्ज कर अंतिम-16 में जगह बनाई।
फॉक्सबरो के जिलेट स्टेडियम में सोमवार रात पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने दो पेनल्टी बचाकर चार बार की विश्व विजेता जर्मनी को उसकी पहली विश्व कप शूटआउट हार की ओर धकेल दिया। काई हैवर्ट्ज़ और निक वोल्टेमाडे के स्पॉट-किक रोकने के बाद, जोनाथन ताह ने अपना प्रयास क्रॉसबार के ऊपर से मारा और जोस कानाले ने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलकर पैराग्वे को 4-3 की जीत दिलाई। यह टूर्नामेंट का अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर था, जहां फीफा रैंकिंग में 41वें स्थान की टीम ने 10वीं रैंक की जर्मनी को बाहर कर दिया।
मैच का नियमित और अतिरिक्त समय 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। पहले हाफ के 42वें मिनट में जूलियो एनसिसो ने मटियास गालार्ज़ा के क्रॉस पर हैडर से पैराग्वे को चौंकाने वाली बढ़त दिलाई। यह पैराग्वे का विश्व कप नॉकआउट मैचों में पहला गोल था। दूसरे हाफ की शुरुआत में जर्मनी ने वापसी की: फ्लोरियन विर्ट्ज़ के क्रॉस पर हैवर्ट्ज़ ने 54वें मिनट में गेंद को दूर कोने में पहुंचाकर स्कोर बराबर कर दिया। अतिरिक्त समय में ताह ने हैडर से गोल किया, लेकिन वीएआर समीक्षा के बाद इसे वाल्डेमर एंटन द्वारा गोलकीपर गिल को धक्का देने के कारण अमान्य करार दिया गया।
यह हार जर्मनी के हालिया विश्व कप संघर्षों की कड़ी में ताजा अध्याय है। 2014 में खिताब जीतने के बाद से टीम लगातार तीसरे टूर्नामेंट में शुरुआती दौर से बाहर हुई है—2018 और 2022 में ग्रुप चरण से विदाई के बाद अब पहले नॉकआउट मैच में ही सफर समाप्त हो गया। जर्मनी ने ग्रुप चरण में कुराकाओ को 7-1 से हराकर जोरदार शुरुआत की थी, लेकिन आइवरी कोस्ट के खिलाफ संघर्ष और इक्वाडोर से हार के बाद टीम की कमजोरियां उजागर हो चुकी थीं। पैराग्वे के खिलाफ 75 प्रतिशत गेंद पर नियंत्रण के बावजूद जर्मनी सधी हुई रक्षा को भेदने में नाकाम रहा।
जर्मन मीडिया ने इस प्रदर्शन को “एक और दुःस्वप्न” करार दिया। बिल्ड अखबार ने टीम को “धीमी, उबाऊ और सुस्त” बताया, जबकि डी ज़ाइट ने “कल्पनाशून्यता” पर सवाल उठाए। पूर्व लिवरपूल प्रबंधक युर्गन क्लॉप ने ताह के अमान्य गोल पर वीएआर की आलोचना करते हुए कहा, “अगर यह गोल गैरकानूनी है तो आर्सेनल इंग्लिश चैंपियन नहीं होगा।” कोच यूलियन नागल्समान ने हार के बाद स्वीकार किया कि टीम अब “प्रथम श्रेणी की टीमों में नहीं रही” और उनके भविष्य पर सवाल उठने लगे। दूसरी ओर, पैराग्वे के कोच गुस्तावो अल्फारो ने खिलाड़ियों के “असाधारण” प्रयास की सराहना की और गिल ने जीत को “सभी पैराग्वेवासियों को समर्पित” किया।
पैराग्वे अब 4 जुलाई को फिलाडेल्फिया में अंतिम-16 मुकाबला खेलेगा, जहां उसका सामना फ्रांस और स्वीडन के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा। यह टीम के इतिहास का केवल दूसरा विश्व कप नॉकआउट मैच जीत है; 2010 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने के बाद अब उसके पास उस प्रदर्शन की बराबरी करने का मौका है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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पराग्वे के कोच ने जर्मनी पर जीत को असाधारण बताया और एक शीर्ष दावेदार का सामना करने के तनाव को स्वीकार किया। अतिरिक्त समय तक 1-1 की बराबरी के बाद, पेनल्टी पर 4-3 से जीत में गोलकीपर ऑरलैंडो गिल के दो निर्णायक बचाव शामिल रहे।
पराग्वे ने जर्मनी को पेनल्टी पर हराकर टूर्नामेंट के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक दिया। जर्मन मीडिया ने इसे 'अगला फुटबॉल दुःस्वप्न' करार दिया, क्योंकि टीम पहली बार विश्व कप शूटआउट हारी। यह हार एक समय की प्रभावशाली फुटबॉल राष्ट्र के लिए एक और जल्दी बाहर होने का प्रतीक है।
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