
इंग्लैंड के सामने कांगो की ऐतिहासिक चुनौती, मेक्सिको से भिड़ंत का टिकट दांव पर
अटलांटा में बुधवार को इंग्लैंड और डीआर कांगो के बीच मुकाबला विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह तय करेगा, जहां विजेता का सामना मेक्सिको से होगा।
इंग्लैंड और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के बीच विश्व कप 2026 के 32वें दौर का यह मुकाबला एक ऐसे मोड़ पर हो रहा है जहां अंग्रेज टीम पर उम्मीदों का बोझ है और अफ्रीकी टीम के पास खोने के लिए कुछ नहीं। ग्रुप एल में शीर्ष पर रहने के बावजूद इंग्लैंड का प्रदर्शन सवालों के घेरे में रहा—क्रोएशिया के खिलाफ 4-2 की शानदार जीत के बाद घाना से गोलरहित ड्रॉ और पनामा पर 2-0 की मेहनती जीत ने प्रशंसकों को निराश किया। दूसरी ओर, डीआर कांगो ने पुर्तगाल को 1-1 की बराबरी पर रोककर और उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराकर पहली बार नॉकआउट चरण में प्रवेश किया है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
यूरोपीय मीडिया में इंग्लिश टीम की क्षमता पर भरोसा तो है, लेकिन जर्मन और फ्रांसीसी विश्लेषक थॉमस टूशेल की रणनीति पर सवाल उठा रहे हैं। टूशेल ने स्वयं स्वीकार किया कि ‘32वें दौर के मैच बहुत कड़े अंतर से तय हो रहे हैं’ और उनकी टीम को सुधार की जरूरत है। हैरी केन तीन गोल के साथ टीम की अगुआई कर रहे हैं और विश्व कप में इंग्लैंड के सर्वकालिक शीर्ष स्कोरर बन गए हैं, लेकिन जूड बेलिंगहम और बुकायो साका जैसे खिलाड़ियों से और अधिक रचनात्मकता की उम्मीद है। रक्षापंक्ति में रीस जेम्स की चोट एक चिंता का विषय है।
अफ्रीकी परिप्रेक्ष्य से, कांगो की टीम बिना किसी दबाव के खेल रही है। कोच सेबेस्टियन डेसाब्रे ने स्पष्ट कहा, ‘हमारा विश्व कप हमारे लक्ष्यों के सापेक्ष पहले ही सफल है, दबाव इंग्लैंड पर है।’ टीम की ताकत उसकी संगठित रक्षा और तेज पलटवार है, जिसमें प्रीमियर लीग में खेलने वाले योआने विसा, आरोन वान-बिसाका और एक्सल तुआनजेबे जैसे खिलाड़ी अहम भूमिका निभा सकते हैं। कांगो ने पिछले तीन मैचों में एक से अधिक गोल का अंतर नहीं होने दिया है, जो उनकी मजबूत रक्षात्मक संरचना को दर्शाता है।
इसी दिन बेल्जियम और सेनेगल के बीच सिएटल में तथा मेजबान अमेरिका और बोस्निया के बीच सैन फ्रांसिस्को में भी मुकाबले होंगे, लेकिन सबकी निगाहें अटलांटा पर टिकी हैं। इंग्लैंड-कांगो विजेता का सामना अगले दौर में मेक्सिको से होगा, जिसने इक्वाडोर को 2-0 से हराकर पहले ही क्वार्टर फाइनल की राह पक्की कर ली है। यह मुकाबला न केवल इंग्लैंड के खिताबी दावे की परीक्षा लेगा, बल्कि अफ्रीकी फुटबॉल की बढ़ती ताकत का भी प्रमाण बन सकता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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England are under pressure: the match against Congo is a must-win. Anything less than victory would be a disgrace for Tuchel's side. The favorites must prove their worth, while the underdog has nothing to lose.
England face Congo as favorites, but coach Tuchel warns that the opponents have nothing to lose. After the surprise eliminations of Germany and the Netherlands, England do not want to be next. The match is a hurdle, but the underdog has a chance to surprise.
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