
मरीन ले पेन का राजनीतिक भविष्य अदालत के फैसले पर टिका: 2027 की राह में रुकावट या खुला मार्ग?
पेरिस अपील अदालत 7 जुलाई को ईयू फंड दुरुपयोग मामले में सुनाएगी फैसला; यदि पांच साल की अयोग्यता बरकरार रही तो ले पेन राष्ट्रपति चुनाव से बाहर हो जाएंगी।
पेरिस अपील अदालत 7 जुलाई को मरीन ले पेन की उस सजा पर सुनवाई करेगी जो यह तय करेगी कि वह 2027 के फ्रांसीसी राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार हो सकती हैं या नहीं। मार्च 2025 में निचली अदालत ने यूरोपीय संसद के धन के कथित दुरुपयोग के लिए ले पेन को चार साल की जेल (दो साल निलंबित) और पांच साल के लिए सार्वजनिक पद धारण करने से रोकने का दंड सुनाया था। अभियोजन पक्ष ने अपील में भी यही मांग दोहराई है। यदि अपील अदालत इस प्रतिबंध को बरकरार रखती है, तो ले पेन चौथी बार राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर हो जाएँगी।
ली पेन ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी स्थिति में इलेक्ट्रॉनिक ब्रेसलेट के साथ चुनाव प्रचार नहीं करेंगी। फ्रांसीसी मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'मैं तभी उम्मीदवार बनूंगी जब पूरी तरह स्वतंत्र होकर प्रचार कर सकूं।' पार्टी ने 30 वर्षीय जॉर्डन बार्डेला को वैकल्पिक उम्मीदवार के रूप में तैयार किया है। जर्मन प्रेस के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने फैसले के दिन की मीडिया रणनीति पहले ही तय कर ली है—ले पेन शाम के समाचार में अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगी जबकि बार्डेला अगले दिन बयान देंगे। फ्रांसीसी विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला न केवल ले पेन के भविष्य बल्कि पार्टी की संस्थागत मजबूती की भी परीक्षा है।
बार्डेला के सामने भी चुनौतियाँ हैं। इतालवी रिपोर्टों के अनुसार, हाल ही में कई यूरोपीय देशों में उनकी पार्टी के पूर्व सांसदों के खिलाफ यूरोपीय संघ धन के दुरुपयोग की जाँच में तलाशी ली गई है। इसके बावजूद, जनमत सर्वेक्षणों में बार्डेला की लोकप्रियता ले पेन से भी ऊपर है; एक सर्वेक्षण में उन्हें 36% मतदाताओं का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, फ्रांसीसी राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठता है कि क्या उनका सीमित अनुभव राष्ट्रपति अभियान की कठिनाइयों को झेल पाएगा।
दक्षिणपंथी नेशनल रैली पार्टी पिछले एक दशक में हाशिए से निकलकर फ्रांस की मुख्य विपक्षी ताकत बन चुकी है। यूरोपीय संदर्भ में देखें तो इस फैसले का असर पूरे महाद्वीप के दक्षिणपंथी आंदोलनों पर पड़ सकता है। मलेशियाई मीडिया के अनुसार, यह फैसला फ्रांसीसी न्यायपालिका की विश्वसनीयता और राजनीतिक मामलों में उसकी भूमिका को लेकर भी बहस छेड़ सकता है।
अदालत का फैसला मंगलवार दोपहर 1:30 बजे सुनाया जाएगा, जिसके बाद शाम 8 बजे ले पेन टीएफ1 चैनल पर अपनी भावी योजना का खुलासा करेंगी। तब तक फ्रांस और यूरोप की निगाहें इस बात पर टिकी रहेंगी कि क्या मरीन ले पेन का राजनीतिक सफर यहीं समाप्त होता है या एक नया अध्याय शुरू होता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 4 भाषाएँ
Continental Europe follows with apprehension the ruling that will decide Marine Le Pen's fate. The Paris Court of Appeal's decision is seen as a watershed not only for the far-right leader but for the entire National Rally. The discourse focuses on immediate political implications and the party's future.
Atlantic press focuses on the denial of Trump's request to delay the payment to E. Jean Carroll. The matter is framed as a legal failure for the president, emphasizing the finality of the judgment. There is no reference to the Le Pen case, which is ignored.
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