
घाना ने पनामा को अंतिम क्षणों में हराकर विश्व कप 2026 की शानदार शुरुआत की
कालेब यिरेंकी के इंजरी टाइम गोल ने घाना को 1-0 से जीत दिलाई, जबकि पनामा को अपनी पहली विश्व कप बराबरी से वंचित रहना पड़ा।
टोरंटो के बीएमओ फील्ड में बुधवार रात हुई बारिश के बीच घाना ने पनामा को 1-0 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप एल में विजयी शुरुआत की। मैच का एकमात्र गोल निर्धारित समय के पांचवें मिनट में आया, जब 20 वर्षीय कालेब यिरेंकी ने ब्रैंडन थॉमस-असांते के निचले क्रॉस को गोल में पहुंचा दिया। यह क्षण घाना के लिए राहत लेकर आया, जो पूरे खेल में पनामा के दबाव में नजर आ रहा था और पहले हाफ में एक भी शॉट नहीं लगा सका था।
अफ्रीकी और लैटिन अमेरिकी मीडिया ने इस मुकाबले को अलग-अलग नजरिए से देखा। घाना की खबरों में टीम के धैर्य और ‘दिमाग से जीतने’ पर जोर दिया गया—कोच कार्लोस क्वेरोज ने कहा कि उनकी टीम ने बिना गेंद के लंबे समय बिताने के बावजूद रणनीतिक अनुशासन बनाए रखा। वहीं पनामा के कप्तान योएल बार्सेनास ने ‘बहुत दुखी’ और ‘निराश’ होने की बात कही, क्योंकि उनकी टीम ने बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखा था। यूरोपीय विश्लेषणों ने तकनीकी स्तर को कमजोर बताया, लेकिन अंतिम क्षणों के नाटकीय मोड़ को सराहा।
पहले हाफ में पनामा ने 65 प्रतिशत गेंद पर कब्जा रखा और सेसिलियो वॉटरमैन के दूसरे मिनट के प्रयास को घाना के गोलकीपर लॉरेंस अति जिगी ने बचाया। जिगी को चोट के कारण हाफटाइम पर बाहर जाना पड़ा, जिससे घाना की मुश्किलें बढ़ीं। दूसरे हाफ में बारिश तेज हुई और दोनों टीमों को स्पष्ट मौके बनाने में दिक्कत हुई। घाना के एंटोनी सेमेन्यो को मैन ऑफ द मैच चुना गया—उनकी गति और मेहनत ने पनामा की रक्षा को लगातार परेशान किया और निर्णायक काउंटर-अटैक की नींव रखी।
ग्रुप एल के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने क्रोएशिया को 4-2 से हराकर बेहतर गोल अंतर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। इससे घाना दूसरे और पनामा तीसरे स्थान पर है। अब घाना का सामना 23 जून को बोस्टन में इंग्लैंड से होगा, जबकि पनामा को उसी दिन टोरंटो में क्रोएशिया से खेलना है। सेमेन्यो ने इंग्लैंड के खिलाफ ‘मुश्किल मुकाबले’ की चेतावनी दी है और टीम को जमीन पर रहने की सलाह दी है।
भारतीय और एशियाई पाठकों के लिए यह मैच विश्व कप के शुरुआती दौर की अनिश्चितता को दर्शाता है, जहां छोटी टीमें भी बड़े सपने देख सकती हैं। घाना 2010 के बाद पहली बार नॉकआउट चरण में पहुंचने का लक्ष्य लेकर चल रहा है, जबकि पनामा को अपना पहला विश्व कप अंक हासिल करने के लिए अब क्रोएशिया जैसी मजबूत टीम को चुनौती देनी होगी। यिरेंकी का देर से आया गोल सिर्फ तीन अंक नहीं लाया, बल्कि पूरे ग्रुप की गतिशीलता को प्रभावित कर गया।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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घाना ने अतिरिक्त समय में नाटकीय जीत हासिल की, जिससे समर्थकों में उत्साह फैल गया। यिरेनकी के गोल ने ब्लैक स्टार्स के नॉकआउट चरण में पहुंचने के सपने को जीवित रखा।
पनामा ने लंबे समय तक दबदबा बनाया लेकिन फिनिशिंग की कमी के कारण एक बार फिर कीमत चुकानी पड़ी, अंतिम क्षणों में गोल खाकर। यह हार कड़वाहट छोड़ती है, क्योंकि कैनालेरोस ऐतिहासिक पहले विश्व कप अंक से कुछ सेकंड दूर थे और अब आगे बढ़ने की राह कठिन हो गई है।
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