
कनाडा की ऐतिहासिक जीत पर चोट का साया: इस्माइल कोने का पैर टूटा, साथी ने गोल समर्पित किया
वैंकूवर में कतर के खिलाफ 6-0 की जीत के दौरान कनाडाई मिडफील्डर इस्माइल कोने को भयावह चोट लगी, जिसके बाद उनके स्थान पर आए नाथन सलीबा ने गोल कर उनकी जर्सी दिखाकर श्रद्धांजलि दी।
कनाडा ने विश्व कप फुटबॉल में अपनी पहली जीत दर्ज की, लेकिन यह ऐतिहासिक क्षण एक दर्दनाक चोट की छाया में बदल गया। बीसी प्लेस स्टेडियम में मेज़बान टीम ने कतर को 6-0 से रौंद दिया। जोनाथन डेविड ने हैट्रिक (29′, 45+3′, 90+2′) लगाई, साइल लारिन ने 16वें मिनट में खाता खोला, और नाथन सलीबा ने शानदार फ्री-किक से चौथा गोल जोड़ा। पांचवां गोल कतर के मोहम्मद मनाई के आत्मघाती गोल से आया। कतर की मुश्किलें पहले हाफ में ही बढ़ गईं जब होमम अहमद को 33वें मिनट में सीधा लाल कार्ड दिखाकर बाहर भेज दिया गया, जिससे टीम दस खिलाड़ियों पर सिमट गई।
दूसरे हाफ की शुरुआत में ही मैच का सबसे भयावह पल आया। 51वें मिनट में कतर के असीम मादिबो ने पीछे से आकर कनाडा के मिडफील्डर इस्माइल कोने को बुरी तरह फाउल किया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोने की बाईं टांग टूट गई। मैदान पर मौजूद खिलाड़ी और दर्शक स्तब्ध रह गए। कनाडा के कोच जेसी मार्श ने बाद में बताया, “यह हमारी बेंच के ठीक सामने हुआ, सभी ने हड्डी टूटने की आवाज़ सुनी।” कोने को स्ट्रेचर पर ऑक्सीजन देते हुए मैदान से बाहर ले जाया गया, उन्होंने दर्शकों की ओर हाथ हिलाकर आश्वस्त किया। मादिबो को वीएआर रिव्यू के बाद लाल कार्ड दिखाया गया, जिससे कतर नौ खिलाड़ियों पर सिमट गया। बाद में मादिबो ने कनाडा के ड्रेसिंग रूम में जाकर माफी मांगी, लेकिन तब तक कोने को अस्पताल ले जाया जा चुका था, जहां उनकी सर्जरी की तैयारी हुई।
इस घटना ने पूरे स्टेडियम का माहौल बदल दिया। कोने की जगह उतरे सलीबा ने 64वें मिनट में फ्री-किक पर गोल दागा और तुरंत दौड़कर बेंच से कोने की नंबर 8 की जर्सी उठाकर हवा में लहराई। जोनाथन डेविड आंसू रोक नहीं पाए। मैच के बाद कनाडा के कोच मार्श और कतर के कोच जुलेन लोपेतेगी के बीच तीखी बहस भी हुई, हालांकि दोनों ने इस पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा। इंडोनेशिया की राष्ट्रीय टीम के कप्तान जे इद्जेस, जो सासुओलो क्लब में कोने के साथी हैं, ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश भेजा।
इस जीत से कनाडा ग्रुप बी में चार अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच गया, स्विट्ज़रलैंड के भी चार अंक हैं लेकिन गोल अंतर में कनाडा आगे है। बोस्निया और कतर एक-एक अंक के साथ निचले स्थान पर हैं। अब 24 जून को कनाडा का सामना स्विट्ज़रलैंड से होगा, जहां एक ड्रॉ भी उसे ग्रुप विजेता बना सकता है, जबकि कतर को बोस्निया के खिलाफ जीत की सख्त जरूरत होगी। कोने की अनुपस्थिति कनाडा के लिए बड़ा झटका है, लेकिन टीम ने इस सदमे को पीछे छोड़ते हुए नॉकआउट की ओर मजबूत कदम रखा है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 4 भाषाएँ
कनाडा-कतर मैच इस्माइल कोने की भयावह चोट के साये में रहा, जिसका पैर एक टैकल के बाद स्पष्ट रूप से टूट गया। परेशान करने वाली तस्वीरों में उन्हें ऑक्सीजन के साथ स्ट्रेचर पर ले जाते दिखाया गया, जबकि दोनों टीमों के खिलाड़ी निराशा में डूबे थे। कनाडा की ऐतिहासिक 6-0 की जीत इस नाटकीय घटना से पूरी तरह ढक गई।
कनाडा ने कतर को 6-0 से हराकर अपनी पहली विश्व कप जीत का जश्न मनाया, लेकिन इस्माइल कोने की गंभीर चोट ने खुशी को फीका कर दिया। मिडफील्डर को देर से किए गए टैकल के बाद पैर में फ्रैक्चर हुआ, जिसके बारे में कोच ने कहा कि हड्डी टूटने की आवाज़ सुनाई दी। सदमे के बावजूद, मेज़बान देश आगे बढ़ने की अच्छी स्थिति में है।
संबंधित लेख
जॉर्डन को पछाड़ अल्जीरिया ने जगाई उम्मीदें, ग्रुप जे में अब ऑस्ट्रिया से निर्णायक भिड़ंत
6 भाषाएँ · 26 स्रोत
खेल13 साल बाद मिल्वौकी से मियामी तक: जियानिस का ऐतिहासिक ट्रेड और ड्राफ्ट की सरगर्मी
9 भाषाएँ · 14 स्रोत
रक्षा एवं सुरक्षाकिम जोंग उन का ऐलान: उत्तर कोरिया परमाणु राज्य की स्थिति का प्रयोग करेगा, सैन्य निर्माण तेज
7 भाषाएँ · 16 स्रोत