
अंतिम क्षणों में बराबरी, फिर पेनल्टी पर मोरक्को की जीत; नीदरलैंड का सपना टूटा
मोंटेरे के एस्टाडियो में खेले गए रोमांचक मुकाबले में मोरक्को ने 1-1 की बराबरी के बाद पेनल्टी शूटआउट में नीदरलैंड को 3-2 से हराकर अंतिम-16 में कनाडा के खिलाफ जगह पक्की की।
इस्माइल सैबारी की निर्णायक पेनल्टी और यासीन बूनू के एक अहम बचाव ने मोरक्को को 2026 फीफा विश्व कप के अंतिम-16 में पहुंचा दिया। मोंटेरे के एस्टाडियो बीबीवीए में सोमवार रात नीदरलैंड के खिलाफ 1-1 से बराबरी के बाद पेनल्टी शूटआउट में 3-2 की जीत दर्ज करते हुए ‘एटलस लायंस’ ने लगातार दूसरे विश्व कप में नॉकआउट चरण में प्रवेश किया। अतिरिक्त समय के पहले मिनट में इस्सा डियोप के हेडर ने स्कोर बराबर किया था, जिसके बाद शूटआउट में बूनू ने क्रिसेंसियो समरविले के प्रयास को रोका और सैबारी ने गेंद को जाल में पहुंचाकर पूरे मोरक्को में जश्न की लहर दौड़ा दी।
मुकाबला शुरू से ही कड़े शारीरिक संघर्ष और रणनीतिक चालों से भरा रहा। नीदरलैंड के कोच रोनाल्ड कोमान ने पांच रक्षकों की अप्रत्याशित संरचना उतारी, जिसे देख मोरक्को के कोच मोहम्मद ओआहबी को आनन-फानन में अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। पहले हाफ में मोरक्को ने दबदबा बनाते हुए अचरफ हकीमी के शॉट को क्रॉसबार से टकराते देखा, जबकि नीदरलैंड के गोलकीपर बार्ट वर्ब्रुगन ने कई बेहतरीन बचाव किए। 72वें मिनट में कोडी गाकपो ने भावनात्मक गोल कर नीदरलैंड को बढ़त दिलाई—कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपने अजन्मे बच्चे को खोया था—लेकिन मोरक्को ने हार नहीं मानी। चोट के समय में स्थानापन्न चेम्सदीन तालबी के क्रॉस पर डियोप ने बिना किसी रोक-टोक के हेडर से गेंद को गोल में पहुंचाकर मैच को अतिरिक्त समय में धकेल दिया।
अतिरिक्त समय में सौफियान रहीमी को वर्ब्रुगन ने अविश्वसनीय बचाव से रोका, लेकिन पेनल्टी शूटआउट में मोरक्को का संयम भारी पड़ा। नील एल अयनाउई और हकीमी के चूकने के बावजूद, रहीमी की पेनल्टी वर्ब्रुगन के हाथ लगने के बाद भी गोल में चली गई और बूनू के निर्णायक बचाव ने जीत की नींव रखी। यह नीदरलैंड की विश्व कप में चौथी पेनल्टी शूटआउट हार थी, जो स्पेन के साथ संयुक्त रूप से सर्वाधिक है। अफ्रीकी मीडिया ने इसे महाद्वीप के लिए एक और बड़ी उपलब्धि बताया, जबकि यूरोपीय विश्लेषकों ने डच टीम की रक्षात्मक मानसिकता को मोरक्को के बढ़ते कद का सम्मान करार दिया।
कोच ओआहबी ने कहा कि 2022 के सेमीफाइनल ने मोरक्को की मानसिकता बदल दी है और अब टीम किसी भी बड़े प्रतिद्वंद्वी के सामने आत्मविश्वास से खेलती है। उन्होंने 70 प्रतिशत गेंद पर नियंत्रण और अधिक शॉट के आंकड़ों का हवाला देते हुए दबदबे को रेखांकित किया। दूसरी ओर, नीदरलैंड के कप्तान वर्जिल वान डाइक ने एक और पेनल्टी निराशा पर अफसोस जताया। इसी दिन जर्मनी भी पैराग्वे से पेनल्टी पर हारकर बाहर हुआ, जिससे यूरोपीय दिग्गजों के लिए यह दिन कड़वी याद बन गया।
अब मोरक्को का सामना 4 जुलाई को ह्यूस्टन में सह-मेजबान कनाडा से होगा। 2022 विश्व कप के ग्रुप चरण में मोरक्को ने कनाडा को 2-1 से हराया था, लेकिन ओआहबी ने आगाह किया कि यह मुकाबला आसान नहीं होगा। अफ्रीकी टीम लगातार दूसरे विश्व कप के अंतिम-16 में पहुंचने वाली नाइजीरिया और घाना के बाद तीसरी अफ्रीकी टीम बन गई है, और उसकी निगाहें अब क्वार्टर फाइनल से आगे बढ़ने पर टिकी हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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मोरक्को ने एक वीरतापूर्ण उपलब्धि हासिल की, एक महाकाव्य मुकाबले के बाद पेनल्टी पर नीदरलैंड को बाहर कर दिया। यह क्वालीफिकेशन साबित करता है कि 2022 का सेमीफाइनल कोई संयोग नहीं था और टीम अब विश्व की सर्वश्रेष्ठ टीमों में शामिल है। एटलस लायंस ने लचीलापन और मानसिक मजबूती दिखाई, जिससे पूरा देश सपने देखने लगा।
टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार नीदरलैंड को मोंटेरे में पागलपन भरी एक रात में मोरक्को ने सनसनीखेज तरीके से बाहर कर दिया। अतिरिक्त समय में बराबरी ने मैच को अतिरिक्त समय और फिर पेनल्टी तक पहुँचाया, जहाँ एक डच चूक ने कमजोर टीम को जीत दिला दी। मोरक्को ने अंतिम-16 का टिकट बुक किया और ऑरेंज को जल्दी घर भेज दिया।
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