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खेलमंगलवार, 30 जून 2026

पेनल्टी शूटआउट में नीदरलैंड को हराकर मोरक्को ने विश्व कप अंतिम-16 में बनाई जगह

रोनाल्ड कोमन की रक्षात्मक रणनीति विफल रही, मोरक्को ने 1-1 की बराबरी के बाद 3-2 से जीत दर्ज कर कनाडा के खिलाफ अगले दौर का टिकट पक्का किया।

मॉन्टेरी के एस्टादियो बीबीवीए में मोरक्को ने नीदरलैंड को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के अंतिम-16 में प्रवेश कर लिया। अतिरिक्त समय तक मुकाबला 1-1 से बराबर रहने के बाद मोरक्को के गोलकीपर यासीन बोनू ने क्रिसेंसियो समरविले का पेनल्टी बचाया और इस्माइल सैबारी ने निर्णायक किक लगाकर टीम को आगे बढ़ाया। यह हार नीदरलैंड के लिए लगातार दूसरे विश्व कप में पेनल्टी शूटआउट से बाहर होने का दर्द लेकर आई।

नीदरलैंड के कोच रोनाल्ड कोमन ने इस मैच में पांच रक्षकों की लाइन उतारी, जो उनकी सामान्य आक्रामक शैली से बिल्कुल अलग थी। इस रणनीति से टीम ने ग्रुप चरण के मुकाबले कम मौके दिए, लेकिन आक्रमण में धार गायब रही। मोरक्को ने 70 प्रतिशत गेंद पर नियंत्रण रखा और अधिक शॉट लगाए। नीदरलैंड ने पहले गोल किया, परंतु चोट के समय में मोरक्को ने बराबरी का गोल दागकर मैच को अतिरिक्त समय और फिर पेनल्टी तक खींच लिया।

मैच के बाद कोमन ने अपनी रणनीति का जोरदार बचाव किया। उन्होंने कहा, “इस रक्षात्मक तरीके से हमने स्वीडन और ट्यूनीशिया जैसी टीमों के मुकाबले कहीं कम गोल खाए। अगर मुझे दोबारा मौका मिले तो मैं फिर यही करूंगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह डर की वजह से नहीं, बल्कि विपक्षी टीम के विश्लेषण के आधार पर लिया गया फैसला था। हालांकि, डच मीडिया के तीखे सवालों पर कोमन ने कहा, “आप बाहर से फुटबॉल देखते हैं, मैं टीम के साथ हूं।” उन्होंने अपने भविष्य पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लेने की बात कही, लेकिन संकेत दिए कि वह पद छोड़ सकते हैं।

मोरक्को के कोच मोहम्मद ओआहबी ने इस जीत को टीम की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, “मोरक्को ने अब पूरी दुनिया का सम्मान अर्जित कर लिया है।” ओआहबी ने खुलासा किया कि नीदरलैंड की लाइनअप देखकर उन्हें आखिरी समय में रणनीति बदलनी पड़ी और टीम को अधिक गहराई में बचाव करना पड़ा। उन्होंने मैक्सिकन प्रशंसकों के समर्थन के लिए आभार जताया और वादा किया कि 2030 विश्व कप में मोरक्को के लोग मेक्सिको का उत्साहवर्धन करेंगे।

इस जीत के साथ मोरक्को अब ह्यूस्टन में शनिवार को कनाडा से भिड़ेगा, जबकि नीदरलैंड की टीम विश्व कप से बाहर हो चुकी है। कोमन के संभावित इस्तीफे की अटकलों के बीच, वह हांग म्युंग-बो, स्टीव क्लार्क और साबरी लामूची के बाद टूर्नामेंट छोड़ने वाले चौथे कोच बन सकते हैं।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

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दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेसभारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस
दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस
संदेहउदासीनता

दक्षिण-पूर्व एशियाई मीडिया में नीदरलैंड के कोच के रक्षात्मक रणनीति पर माफी न मांगने पर ध्यान केंद्रित किया गया। रिपोर्टों में बताया गया कि कोमैन ने पाँच रक्षकों के साथ खेलने को सही ठहराया, लेकिन उनके इस रुख को हठधर्मिता के रूप में देखा गया।

भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस
आक्रोशसंदेह

भारतीय और दक्षिण एशियाई मीडिया ने कोमैन को पत्रकारों पर भड़कने वाले अड़ियल कोच के रूप में दिखाया। कहानी में इस बात पर जोर दिया गया कि पाँच रक्षकों पर सवाल उठने पर वे आपा खो बैठे, और उन्हें हार की जिम्मेदारी लेने से इनकार करने वाले के रूप में पेश किया गया।

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पेनल्टी शूटआउट में नीदरलैंड को हराकर मोरक्को ने विश्व कप अंतिम-16 में बनाई जगह

रोनाल्ड कोमन की रक्षात्मक रणनीति विफल रही, मोरक्को ने 1-1 की बराबरी के बाद 3-2 से जीत दर्ज कर कनाडा के खिलाफ अगले दौर का टिकट पक्का किया।

मॉन्टेरी के एस्टादियो बीबीवीए में मोरक्को ने नीदरलैंड को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के अंतिम-16 में प्रवेश कर लिया। अतिरिक्त समय तक मुकाबला 1-1 से बराबर रहने के बाद मोरक्को के गोलकीपर यासीन बोनू ने क्रिसेंसियो समरविले का पेनल्टी बचाया और इस्माइल सैबारी ने निर्णायक किक लगाकर टीम को आगे बढ़ाया। यह हार नीदरलैंड के लिए लगातार दूसरे विश्व कप में पेनल्टी शूटआउट से बाहर होने का दर्द लेकर आई।

नीदरलैंड के कोच रोनाल्ड कोमन ने इस मैच में पांच रक्षकों की लाइन उतारी, जो उनकी सामान्य आक्रामक शैली से बिल्कुल अलग थी। इस रणनीति से टीम ने ग्रुप चरण के मुकाबले कम मौके दिए, लेकिन आक्रमण में धार गायब रही। मोरक्को ने 70 प्रतिशत गेंद पर नियंत्रण रखा और अधिक शॉट लगाए। नीदरलैंड ने पहले गोल किया, परंतु चोट के समय में मोरक्को ने बराबरी का गोल दागकर मैच को अतिरिक्त समय और फिर पेनल्टी तक खींच लिया।

मैच के बाद कोमन ने अपनी रणनीति का जोरदार बचाव किया। उन्होंने कहा, “इस रक्षात्मक तरीके से हमने स्वीडन और ट्यूनीशिया जैसी टीमों के मुकाबले कहीं कम गोल खाए। अगर मुझे दोबारा मौका मिले तो मैं फिर यही करूंगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह डर की वजह से नहीं, बल्कि विपक्षी टीम के विश्लेषण के आधार पर लिया गया फैसला था। हालांकि, डच मीडिया के तीखे सवालों पर कोमन ने कहा, “आप बाहर से फुटबॉल देखते हैं, मैं टीम के साथ हूं।” उन्होंने अपने भविष्य पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लेने की बात कही, लेकिन संकेत दिए कि वह पद छोड़ सकते हैं।

मोरक्को के कोच मोहम्मद ओआहबी ने इस जीत को टीम की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, “मोरक्को ने अब पूरी दुनिया का सम्मान अर्जित कर लिया है।” ओआहबी ने खुलासा किया कि नीदरलैंड की लाइनअप देखकर उन्हें आखिरी समय में रणनीति बदलनी पड़ी और टीम को अधिक गहराई में बचाव करना पड़ा। उन्होंने मैक्सिकन प्रशंसकों के समर्थन के लिए आभार जताया और वादा किया कि 2030 विश्व कप में मोरक्को के लोग मेक्सिको का उत्साहवर्धन करेंगे।

इस जीत के साथ मोरक्को अब ह्यूस्टन में शनिवार को कनाडा से भिड़ेगा, जबकि नीदरलैंड की टीम विश्व कप से बाहर हो चुकी है। कोमन के संभावित इस्तीफे की अटकलों के बीच, वह हांग म्युंग-बो, स्टीव क्लार्क और साबरी लामूची के बाद टूर्नामेंट छोड़ने वाले चौथे कोच बन सकते हैं।

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संदेहउदासीनता

दक्षिण-पूर्व एशियाई मीडिया में नीदरलैंड के कोच के रक्षात्मक रणनीति पर माफी न मांगने पर ध्यान केंद्रित किया गया। रिपोर्टों में बताया गया कि कोमैन ने पाँच रक्षकों के साथ खेलने को सही ठहराया, लेकिन उनके इस रुख को हठधर्मिता के रूप में देखा गया।

भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस
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भारतीय और दक्षिण एशियाई मीडिया ने कोमैन को पत्रकारों पर भड़कने वाले अड़ियल कोच के रूप में दिखाया। कहानी में इस बात पर जोर दिया गया कि पाँच रक्षकों पर सवाल उठने पर वे आपा खो बैठे, और उन्हें हार की जिम्मेदारी लेने से इनकार करने वाले के रूप में पेश किया गया।

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