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भू-राजनीति और राजनीतिमंगलवार, 30 जून 2026

संविधान बदलकर सत्ता में बने रहने की कोशिशें: अल सल्वाडोर से कांगो तक की कहानी

अल सल्वाडोर में नायब बुकेले ने 2027 के चुनाव के लिए पर्चा भरा, वहीं कांगो में राष्ट्रपति शिसेकेदी तीसरे कार्यकाल की राह बना रहे हैं और सेनेगल में संसद ने राष्ट्रपति की शक्तियां सीमित कर दीं।

लैटिन अमेरिकी और अफ्रीकी राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हाल के वर्षों में कई देशों में सत्ता विस्तार के लिए संवैधानिक संशोधनों का सहारा लिया गया है। अल सल्वाडोर में राष्ट्रपति नायब बुकेले ने सत्तारूढ़ दल न्यूवास आइडियाज़ की प्राथमिकताओं में अपनी उम्मीदवारी दर्ज कराई, जिससे 2027 के चुनावों में लगातार तीसरे कार्यकाल का मार्ग प्रशस्त हुआ। यह कदम 2025 के उस संवैधानिक सुधार के बाद संभव हुआ जिसने असीमित पुनर्निर्वाचन की अनुमति दी और वर्तमान कार्यकाल को घटाकर तीन वर्ष कर दिया। उपराष्ट्रपति फेलिक्स उलोआ ने भी अपना नामांकन दाखिल किया, और पार्टी के भीतर किसी विरोध की संभावना नहीं है।

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में भी इसी प्रकार का घटनाक्रम सामने आया है, जहां सीनेट ने एक संवैधानिक संशोधन विधेयक अपनाया जो राष्ट्रपति फेलिक्स शिसेकेदी के पिछले कार्यकालों को शून्य मानते हुए तीसरे कार्यकाल का रास्ता खोल सकता है। कांगो के नीति विश्लेषकों का कहना है कि यह प्रक्रिया संसद में सत्तारूढ़ गठबंधन के भारी बहुमत के कारण तेज़ी से आगे बढ़ रही है, जबकि कैथोलिक चर्च की राष्ट्रीय धर्माध्यक्षीय समिति और विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। शिसेकेदी ने पूर्वी कांगो में जारी संघर्ष का हवाला देते हुए 2028 के चुनाव टालने की संभावना जताई थी और कहा था कि यदि जनता चाहे तो वे तीसरे कार्यकाल के लिए तैयार हैं। अफ्रीकी नीति विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से पहले से ही कमज़ोर संस्थाओं और जनता के भरोसे (मात्र 12 प्रतिशत चुनावी प्रक्रियाओं पर भरोसा) को और धक्का लग सकता है, जिससे राजनीतिक अस्थिरता और सशस्त्र समूहों को बल मिलने की आशंका है।

सेनेगल में सत्ता संघर्ष ने एक अलग रूप ले लिया है, जहां संसद ने राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करने वाले संवैधानिक सुधारों को भारी बहुमत से पारित किया। सत्तारूढ़ पास्टेफ पार्टी के बहुमत वाली संसद ने विधायी जांच के दायरे को बढ़ाया, प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े समझौतों को संसद के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य किया और एक नए संवैधानिक न्यायालय के गठन का प्रावधान किया। राष्ट्रपति बासीरू दियोमाये फेय और पूर्व प्रधानमंत्री उस्मान सोंको के बीच बढ़ते मतभेदों के बीच यह कदम उठाया गया; सोंको को मई में प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद संसद अध्यक्ष चुन लिया गया था। विपक्षी दलों और नागरिक समाज संगठनों ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है, जबकि सरकार ने इन सुधारों को जनमत संग्रह में ले जाने की घोषणा की है, हालांकि तारीख तय नहीं हुई।

लैटिन अमेरिकी मीडिया की कुछ टिप्पणियों में बुकेले के कदम को लोकतंत्र के साथ विश्वासघात बताया गया है और इसकी तुलना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप, अर्जेंटीना के किर्श्नर परिवार तथा वेनेज़ुएला के शासन से की गई है। बुकेले को अपराध के ख़िलाफ़ सख़्त नीतियों के कारण 80 प्रतिशत से अधिक लोकप्रियता प्राप्त है, लेकिन मानवाधिकार संगठन बिना मुकदमे के सामूहिक गिरफ़्तारियों और कारागार स्थितियों की आलोचना करते रहे हैं। अल सल्वाडोर में प्राइमरी 12 जुलाई को होनी है, जबकि कांगो में संविधान संशोधन प्रक्रिया जारी है और सेनेगल में जनमत संग्रह की तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

51%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
लैटिन अमेरिकी प्रेसउप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस
लैटिन अमेरिकी प्रेस
आक्रोशचेतावनी

अल सल्वाडोर में, बुकेले का लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए प्रयास, जो एक अनुकूलित संवैधानिक सुधार द्वारा संभव हुआ, लोकतंत्र के साथ विश्वासघात के रूप में निंदित है। सत्ता में बने रहने के लिए नियमों का हेरफेर देशद्रोही कृत्य करार दिया गया है, जो संस्थाओं को खोखला करता है और अंतहीन सत्तावाद का मार्ग प्रशस्त करता है।

उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस/ फ़्रांसीसीभाषी
संदेहचेतावनी

डीआरसी में तीसरे कार्यकाल के लिए शिसेकेडी का प्रयास देश के लिए इसके लाभों पर गंभीर संदेह पैदा करता है। एक संवैधानिक संशोधन विधेयक जनमत संग्रह के माध्यम से कार्यकाल सीमा को रीसेट कर देगा, स्पष्ट प्रतिबंध को दरकिनार करते हुए। इस कदम को संदेह के साथ देखा जा रहा है: राष्ट्रीय आपातकाल को संबोधित करने के बजाय, यह व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति करता प्रतीत होता है, जिससे और अस्थिरता का जोखिम है।

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पोप का लाम्पेदुसा दौरा: अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस पर प्रवासियों के लिए प्रार्थना और राजनीतिक संदेश·कांगो में बुंदिबुग्यो इबोला का सबसे बड़ा प्रकोप, 1,500 से अधिक मामले·कोलंबिया की जीत से पूरी हुई 16 की तस्वीर, पुर्तगाल-स्पेन और ब्राजील-नॉर्वे जैसे मुकाबले·जर्मनी में अति-दक्षिणपंथी AfD के सम्मेलन के विरुद्ध सड़कों पर हजारों प्रदर्शनकारी, यातायात ठप·कच्चा तेल सस्ता, फिर भी पंप पर राहत नहीं: वैश्विक ईंधन बाज़ार का विरोधाभास·250वें स्वतंत्रता दिवस पर अमेरिका में राजनीतिक ध्रुवीकरण और भीषण गर्मी का साया·अमेरिका-ईरान समझौते की आंच में गाजा: युद्धविराम के बावजूद जारी हिंसा और उपेक्षा का संकट·ट्रंप ने अपने हस्ताक्षर वाली 100 डॉलर की नई नोट की तस्वीर साझा की, विवाद गहराया·पोप का लाम्पेदुसा दौरा: अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस पर प्रवासियों के लिए प्रार्थना और राजनीतिक संदेश·कांगो में बुंदिबुग्यो इबोला का सबसे बड़ा प्रकोप, 1,500 से अधिक मामले·कोलंबिया की जीत से पूरी हुई 16 की तस्वीर, पुर्तगाल-स्पेन और ब्राजील-नॉर्वे जैसे मुकाबले·जर्मनी में अति-दक्षिणपंथी AfD के सम्मेलन के विरुद्ध सड़कों पर हजारों प्रदर्शनकारी, यातायात ठप·कच्चा तेल सस्ता, फिर भी पंप पर राहत नहीं: वैश्विक ईंधन बाज़ार का विरोधाभास·250वें स्वतंत्रता दिवस पर अमेरिका में राजनीतिक ध्रुवीकरण और भीषण गर्मी का साया·अमेरिका-ईरान समझौते की आंच में गाजा: युद्धविराम के बावजूद जारी हिंसा और उपेक्षा का संकट·ट्रंप ने अपने हस्ताक्षर वाली 100 डॉलर की नई नोट की तस्वीर साझा की, विवाद गहराया·
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मंगलवार, 30 जून 2026

संविधान बदलकर सत्ता में बने रहने की कोशिशें: अल सल्वाडोर से कांगो तक की कहानी

अल सल्वाडोर में नायब बुकेले ने 2027 के चुनाव के लिए पर्चा भरा, वहीं कांगो में राष्ट्रपति शिसेकेदी तीसरे कार्यकाल की राह बना रहे हैं और सेनेगल में संसद ने राष्ट्रपति की शक्तियां सीमित कर दीं।

लैटिन अमेरिकी और अफ्रीकी राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हाल के वर्षों में कई देशों में सत्ता विस्तार के लिए संवैधानिक संशोधनों का सहारा लिया गया है। अल सल्वाडोर में राष्ट्रपति नायब बुकेले ने सत्तारूढ़ दल न्यूवास आइडियाज़ की प्राथमिकताओं में अपनी उम्मीदवारी दर्ज कराई, जिससे 2027 के चुनावों में लगातार तीसरे कार्यकाल का मार्ग प्रशस्त हुआ। यह कदम 2025 के उस संवैधानिक सुधार के बाद संभव हुआ जिसने असीमित पुनर्निर्वाचन की अनुमति दी और वर्तमान कार्यकाल को घटाकर तीन वर्ष कर दिया। उपराष्ट्रपति फेलिक्स उलोआ ने भी अपना नामांकन दाखिल किया, और पार्टी के भीतर किसी विरोध की संभावना नहीं है।

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में भी इसी प्रकार का घटनाक्रम सामने आया है, जहां सीनेट ने एक संवैधानिक संशोधन विधेयक अपनाया जो राष्ट्रपति फेलिक्स शिसेकेदी के पिछले कार्यकालों को शून्य मानते हुए तीसरे कार्यकाल का रास्ता खोल सकता है। कांगो के नीति विश्लेषकों का कहना है कि यह प्रक्रिया संसद में सत्तारूढ़ गठबंधन के भारी बहुमत के कारण तेज़ी से आगे बढ़ रही है, जबकि कैथोलिक चर्च की राष्ट्रीय धर्माध्यक्षीय समिति और विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। शिसेकेदी ने पूर्वी कांगो में जारी संघर्ष का हवाला देते हुए 2028 के चुनाव टालने की संभावना जताई थी और कहा था कि यदि जनता चाहे तो वे तीसरे कार्यकाल के लिए तैयार हैं। अफ्रीकी नीति विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से पहले से ही कमज़ोर संस्थाओं और जनता के भरोसे (मात्र 12 प्रतिशत चुनावी प्रक्रियाओं पर भरोसा) को और धक्का लग सकता है, जिससे राजनीतिक अस्थिरता और सशस्त्र समूहों को बल मिलने की आशंका है।

सेनेगल में सत्ता संघर्ष ने एक अलग रूप ले लिया है, जहां संसद ने राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करने वाले संवैधानिक सुधारों को भारी बहुमत से पारित किया। सत्तारूढ़ पास्टेफ पार्टी के बहुमत वाली संसद ने विधायी जांच के दायरे को बढ़ाया, प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े समझौतों को संसद के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य किया और एक नए संवैधानिक न्यायालय के गठन का प्रावधान किया। राष्ट्रपति बासीरू दियोमाये फेय और पूर्व प्रधानमंत्री उस्मान सोंको के बीच बढ़ते मतभेदों के बीच यह कदम उठाया गया; सोंको को मई में प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद संसद अध्यक्ष चुन लिया गया था। विपक्षी दलों और नागरिक समाज संगठनों ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है, जबकि सरकार ने इन सुधारों को जनमत संग्रह में ले जाने की घोषणा की है, हालांकि तारीख तय नहीं हुई।

लैटिन अमेरिकी मीडिया की कुछ टिप्पणियों में बुकेले के कदम को लोकतंत्र के साथ विश्वासघात बताया गया है और इसकी तुलना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप, अर्जेंटीना के किर्श्नर परिवार तथा वेनेज़ुएला के शासन से की गई है। बुकेले को अपराध के ख़िलाफ़ सख़्त नीतियों के कारण 80 प्रतिशत से अधिक लोकप्रियता प्राप्त है, लेकिन मानवाधिकार संगठन बिना मुकदमे के सामूहिक गिरफ़्तारियों और कारागार स्थितियों की आलोचना करते रहे हैं। अल सल्वाडोर में प्राइमरी 12 जुलाई को होनी है, जबकि कांगो में संविधान संशोधन प्रक्रिया जारी है और सेनेगल में जनमत संग्रह की तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है।

स्रोतों में मतभेद

भू-राजनीति और राजनीति · 3 स्रोत · 2 भाषाएँ

51%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

समर्थक17%
न्यूनत्र17%
निंदक66%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
लैटिन अमेरिकी प्रेसउप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस
लैटिन अमेरिकी प्रेस
आक्रोशचेतावनी

अल सल्वाडोर में, बुकेले का लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए प्रयास, जो एक अनुकूलित संवैधानिक सुधार द्वारा संभव हुआ, लोकतंत्र के साथ विश्वासघात के रूप में निंदित है। सत्ता में बने रहने के लिए नियमों का हेरफेर देशद्रोही कृत्य करार दिया गया है, जो संस्थाओं को खोखला करता है और अंतहीन सत्तावाद का मार्ग प्रशस्त करता है।

उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस/ फ़्रांसीसीभाषी
संदेहचेतावनी

डीआरसी में तीसरे कार्यकाल के लिए शिसेकेडी का प्रयास देश के लिए इसके लाभों पर गंभीर संदेह पैदा करता है। एक संवैधानिक संशोधन विधेयक जनमत संग्रह के माध्यम से कार्यकाल सीमा को रीसेट कर देगा, स्पष्ट प्रतिबंध को दरकिनार करते हुए। इस कदम को संदेह के साथ देखा जा रहा है: राष्ट्रीय आपातकाल को संबोधित करने के बजाय, यह व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति करता प्रतीत होता है, जिससे और अस्थिरता का जोखिम है।

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