Edition of 16:00 CETमंगलवार, 30 जून 2026
311 स्रोत · 17 भाषाएँआज 873 ब्रीफिंग
ताज़ा खबर
पेनल्टी शूटआउट में पैराग्वे से हार, जर्मनी का विश्व कप सपना फिर टूटा; नागल्समैन ने छोड़ने से इनकार किया95वें मिनट में मार्टिनेली का गोल: ब्राजील ने जापान को रोमांचक मुकाबले में हराकर अंतिम-16 में जगह बनाईपेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को हरा पैराग्वे ने रचा विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेरनदीम मकारिम को क्रोमबुक भ्रष्टाचार मामले में 10 वर्ष की सज़ा, एक न्यायाधीश ने दी असहमतिपूर्ण रायअमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय आज जन्मजात नागरिकता पर ऐतिहासिक फैसला सुनाएगायूरोपीय संघ ने इस्पात आयात पर शिकंजा कसा, शुल्क-मुक्त कोटा 47% घटाकर 1.83 करोड़ टन कियामेक्सिको बनाम इक्वाडोर से पहले शोरगुल: सांता फ़े होटल के बाहर प्रशंसकों ने रात भर मचाया हंगामाइज़राइल-लेबनान समझौता: हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण पर टिकी शांति की डगमगाती डोरपेनल्टी शूटआउट में पैराग्वे से हार, जर्मनी का विश्व कप सपना फिर टूटा; नागल्समैन ने छोड़ने से इनकार किया95वें मिनट में मार्टिनेली का गोल: ब्राजील ने जापान को रोमांचक मुकाबले में हराकर अंतिम-16 में जगह बनाईपेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को हरा पैराग्वे ने रचा विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेरनदीम मकारिम को क्रोमबुक भ्रष्टाचार मामले में 10 वर्ष की सज़ा, एक न्यायाधीश ने दी असहमतिपूर्ण रायअमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय आज जन्मजात नागरिकता पर ऐतिहासिक फैसला सुनाएगायूरोपीय संघ ने इस्पात आयात पर शिकंजा कसा, शुल्क-मुक्त कोटा 47% घटाकर 1.83 करोड़ टन कियामेक्सिको बनाम इक्वाडोर से पहले शोरगुल: सांता फ़े होटल के बाहर प्रशंसकों ने रात भर मचाया हंगामाइज़राइल-लेबनान समझौता: हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण पर टिकी शांति की डगमगाती डोर
भू-राजनीति और राजनीतिसोमवार, 29 जून 2026

अली ख़ामेनेई का अंतिम संस्कार: मोजतबा की सार्वजनिक उपस्थिति पर सबकी निगाहें, भारत भेजेगा प्रतिनिधिमंडल

चार जुलाई से शुरू होने वाले इस राजकीय संस्कार में ईरान के नए सर्वोच्च नेता के पहली बार सामने आने की संभावना और भारत-पाकिस्तान समेत कई देशों की भागीदारी क्षेत्रीय कूटनीति को नया आकार दे सकती है।

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार चार जुलाई से नौ जुलाई तक तेहरान, क़ोम और मशहद में आयोजित होगा। ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार, अनुमानित दो करोड़ शोकाकुल इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल हो सकते हैं, जो 1989 में अयातुल्लाह ख़ुमैनी के अंतिम संस्कार के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है। हालाँकि, सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ख़ामेनेई के बेटे और वर्तमान सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई पहली बार सार्वजनिक रूप से नज़र आएंगे। 28 फरवरी को अमेरिकी-इज़राइली हवाई हमले में पिता की मौत के बाद से मोजतबा न तो कैमरे पर दिखे हैं और न ही उनकी कोई ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी हुई है। ईरानी मीडिया ने उनके चेहरे की गंभीर विकृति और पैरों की चोटों की पुष्टि की है, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि वे कोमा में हैं। उनकी अनुपस्थिति ने ईरान के भीतर नेतृत्व संक्रमण और सत्ता की स्थिरता पर अटकलों को बल दिया है।

भारत सरकार के सूत्रों के अनुसार, विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्घेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया है, परंतु नई दिल्ली ने अभी तक उनकी उपस्थिति की पुष्टि नहीं की है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के शामिल होने की पुष्टि की है। वहीं, ईरान के निर्वासित युवराज रज़ा पहलवी ने इसी अवधि के दौरान 'स्वतंत्र ईरान के लिए वैश्विक कार्रवाई सप्ताह' का आह्वान किया है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी सरकार से ईरानी शासन के साथ किसी भी समझौते से बचने की अपील की है।

यह अंतिम संस्कार ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान और अमेरिका के बीच स्विट्ज़रलैंड में दीर्घकालिक शांति वार्ता जारी है और दोनों पक्षों ने पिछले सप्ताह डिजिटल समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। हालाँकि, 26 जून को होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास एक वाणिज्यिक जहाज़ पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों पर जवाबी हमले किए, जिसके बाद ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी अड्डों को निशाना बनाया। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने बग़दाद में कहा कि जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण में है और बाधाएँ दूर होने पर स्थिति सामान्य हो जाएगी। इस बीच, मोजतबा ख़ामेनेई के नाम से जारी बयानों में न्यायपालिका को अमेरिका और इज़राइल के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई तेज़ करने का निर्देश दिया गया है, जिसे ईरानी मीडिया ने राष्ट्रीय अधिकारों की बहाली का आह्वान बताया है।

भारत के लिए यह एक कूटनीतिक संतुलन का अवसर है। फरवरी में ख़ामेनेई की मौत पर भारत ने निंदा नहीं की थी, जिसे लेकर कांग्रेस पार्टी ने सरकार की 'आपराधिक चुप्पी' की आलोचना की थी। भारतीय विश्लेषकों का मानना है कि मोदी का संभावित दौरा वाशिंगटन और तेल अवीव के साथ संबंधों पर प्रभाव डाल सकता है, जबकि गैर-मौजूदगी से तेहरान के साथ ऐतिहासिक संबंधों में दरार आ सकती है। पाकिस्तान की सक्रिय भागीदारी और इराक़ में पवित्र स्थलों पर विशेष आयोजनों की योजना इस आयोजन के व्यापक क्षेत्रीय प्रभाव को रेखांकित करती है। अंतिम संस्कार के बाद नौ जुलाई को मशहद में दफ़न के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि ईरान का नया नेतृत्व सार्वजनिक मंच पर कैसे उभरता है और स्विट्ज़रलैंड में जारी शांति वार्ता का भविष्य क्या दिशा लेता है।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

38%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेसइज़राइली प्रेस
भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस
संदेहउदासीनता

अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियाँ तेहरान, क़ोम और मशहद में चल रही हैं। ध्यान इस बात पर है कि क्या उनके बेटे मोजतबा पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आएंगे, जबकि उनके स्वास्थ्य और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच मोजतबा ने न्यायपालिका से अमेरिका और इज़राइल के ख़िलाफ़ राष्ट्र के अधिकारों की बहाली का आह्वान किया और बहरीन को कड़ी चेतावनी दी।

इज़राइली प्रेस/ सुरक्षा
चेतावनीआक्रोशपरपीड़ासुख

जैसे ही ईरानी शासन अपने पूर्व सर्वोच्च नेता को दफ़नाता है, निर्वासित युवराज ने शासन के अपराधों को उजागर करने और क्रांति के शहीद नायकों को सम्मानित करने के लिए वैश्विक कार्रवाई सप्ताह का आह्वान किया है। अंतिम संस्कार को इस्लामी गणराज्य पर दबाव बढ़ाने के क्षण के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर प्रदर्शनकारियों के नरसंहार का आरोप है। विपक्ष इस अवसर का उपयोग स्वतंत्र ईरान के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में करना चाहता है।

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

और पढ़ें
अंतिम समाचार
पेनल्टी शूटआउट में पैराग्वे से हार, जर्मनी का विश्व कप सपना फिर टूटा; नागल्समैन ने छोड़ने से इनकार किया·95वें मिनट में मार्टिनेली का गोल: ब्राजील ने जापान को रोमांचक मुकाबले में हराकर अंतिम-16 में जगह बनाई·पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को हरा पैराग्वे ने रचा विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर·नदीम मकारिम को क्रोमबुक भ्रष्टाचार मामले में 10 वर्ष की सज़ा, एक न्यायाधीश ने दी असहमतिपूर्ण राय·अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय आज जन्मजात नागरिकता पर ऐतिहासिक फैसला सुनाएगा·यूरोपीय संघ ने इस्पात आयात पर शिकंजा कसा, शुल्क-मुक्त कोटा 47% घटाकर 1.83 करोड़ टन किया·मेक्सिको बनाम इक्वाडोर से पहले शोरगुल: सांता फ़े होटल के बाहर प्रशंसकों ने रात भर मचाया हंगामा·इज़राइल-लेबनान समझौता: हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण पर टिकी शांति की डगमगाती डोर·पेनल्टी शूटआउट में पैराग्वे से हार, जर्मनी का विश्व कप सपना फिर टूटा; नागल्समैन ने छोड़ने से इनकार किया·95वें मिनट में मार्टिनेली का गोल: ब्राजील ने जापान को रोमांचक मुकाबले में हराकर अंतिम-16 में जगह बनाई·पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को हरा पैराग्वे ने रचा विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर·नदीम मकारिम को क्रोमबुक भ्रष्टाचार मामले में 10 वर्ष की सज़ा, एक न्यायाधीश ने दी असहमतिपूर्ण राय·अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय आज जन्मजात नागरिकता पर ऐतिहासिक फैसला सुनाएगा·यूरोपीय संघ ने इस्पात आयात पर शिकंजा कसा, शुल्क-मुक्त कोटा 47% घटाकर 1.83 करोड़ टन किया·मेक्सिको बनाम इक्वाडोर से पहले शोरगुल: सांता फ़े होटल के बाहर प्रशंसकों ने रात भर मचाया हंगामा·इज़राइल-लेबनान समझौता: हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण पर टिकी शांति की डगमगाती डोर·
अपडेट 10:32 am2 भाषाएँ · 6 स्रोत
पिछलाभू-राजनीति और राजनीतिअगला
6 स्रोत|2 भाषाएँ|3 मिनट पढ़ना
सोमवार, 29 जून 2026

अली ख़ामेनेई का अंतिम संस्कार: मोजतबा की सार्वजनिक उपस्थिति पर सबकी निगाहें, भारत भेजेगा प्रतिनिधिमंडल

चार जुलाई से शुरू होने वाले इस राजकीय संस्कार में ईरान के नए सर्वोच्च नेता के पहली बार सामने आने की संभावना और भारत-पाकिस्तान समेत कई देशों की भागीदारी क्षेत्रीय कूटनीति को नया आकार दे सकती है।

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार चार जुलाई से नौ जुलाई तक तेहरान, क़ोम और मशहद में आयोजित होगा। ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार, अनुमानित दो करोड़ शोकाकुल इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल हो सकते हैं, जो 1989 में अयातुल्लाह ख़ुमैनी के अंतिम संस्कार के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है। हालाँकि, सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ख़ामेनेई के बेटे और वर्तमान सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई पहली बार सार्वजनिक रूप से नज़र आएंगे। 28 फरवरी को अमेरिकी-इज़राइली हवाई हमले में पिता की मौत के बाद से मोजतबा न तो कैमरे पर दिखे हैं और न ही उनकी कोई ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी हुई है। ईरानी मीडिया ने उनके चेहरे की गंभीर विकृति और पैरों की चोटों की पुष्टि की है, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि वे कोमा में हैं। उनकी अनुपस्थिति ने ईरान के भीतर नेतृत्व संक्रमण और सत्ता की स्थिरता पर अटकलों को बल दिया है।

भारत सरकार के सूत्रों के अनुसार, विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्घेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया है, परंतु नई दिल्ली ने अभी तक उनकी उपस्थिति की पुष्टि नहीं की है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के शामिल होने की पुष्टि की है। वहीं, ईरान के निर्वासित युवराज रज़ा पहलवी ने इसी अवधि के दौरान 'स्वतंत्र ईरान के लिए वैश्विक कार्रवाई सप्ताह' का आह्वान किया है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी सरकार से ईरानी शासन के साथ किसी भी समझौते से बचने की अपील की है।

यह अंतिम संस्कार ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान और अमेरिका के बीच स्विट्ज़रलैंड में दीर्घकालिक शांति वार्ता जारी है और दोनों पक्षों ने पिछले सप्ताह डिजिटल समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। हालाँकि, 26 जून को होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास एक वाणिज्यिक जहाज़ पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों पर जवाबी हमले किए, जिसके बाद ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी अड्डों को निशाना बनाया। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने बग़दाद में कहा कि जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण में है और बाधाएँ दूर होने पर स्थिति सामान्य हो जाएगी। इस बीच, मोजतबा ख़ामेनेई के नाम से जारी बयानों में न्यायपालिका को अमेरिका और इज़राइल के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई तेज़ करने का निर्देश दिया गया है, जिसे ईरानी मीडिया ने राष्ट्रीय अधिकारों की बहाली का आह्वान बताया है।

भारत के लिए यह एक कूटनीतिक संतुलन का अवसर है। फरवरी में ख़ामेनेई की मौत पर भारत ने निंदा नहीं की थी, जिसे लेकर कांग्रेस पार्टी ने सरकार की 'आपराधिक चुप्पी' की आलोचना की थी। भारतीय विश्लेषकों का मानना है कि मोदी का संभावित दौरा वाशिंगटन और तेल अवीव के साथ संबंधों पर प्रभाव डाल सकता है, जबकि गैर-मौजूदगी से तेहरान के साथ ऐतिहासिक संबंधों में दरार आ सकती है। पाकिस्तान की सक्रिय भागीदारी और इराक़ में पवित्र स्थलों पर विशेष आयोजनों की योजना इस आयोजन के व्यापक क्षेत्रीय प्रभाव को रेखांकित करती है। अंतिम संस्कार के बाद नौ जुलाई को मशहद में दफ़न के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि ईरान का नया नेतृत्व सार्वजनिक मंच पर कैसे उभरता है और स्विट्ज़रलैंड में जारी शांति वार्ता का भविष्य क्या दिशा लेता है।

स्रोतों में मतभेद

भू-राजनीति और राजनीति · 6 स्रोत · 2 भाषाएँ

38%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

न्यूनत्र75%
निंदक25%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेसइज़राइली प्रेस
भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस
संदेहउदासीनता

अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियाँ तेहरान, क़ोम और मशहद में चल रही हैं। ध्यान इस बात पर है कि क्या उनके बेटे मोजतबा पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आएंगे, जबकि उनके स्वास्थ्य और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच मोजतबा ने न्यायपालिका से अमेरिका और इज़राइल के ख़िलाफ़ राष्ट्र के अधिकारों की बहाली का आह्वान किया और बहरीन को कड़ी चेतावनी दी।

इज़राइली प्रेस/ सुरक्षा
चेतावनीआक्रोशपरपीड़ासुख

जैसे ही ईरानी शासन अपने पूर्व सर्वोच्च नेता को दफ़नाता है, निर्वासित युवराज ने शासन के अपराधों को उजागर करने और क्रांति के शहीद नायकों को सम्मानित करने के लिए वैश्विक कार्रवाई सप्ताह का आह्वान किया है। अंतिम संस्कार को इस्लामी गणराज्य पर दबाव बढ़ाने के क्षण के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर प्रदर्शनकारियों के नरसंहार का आरोप है। विपक्ष इस अवसर का उपयोग स्वतंत्र ईरान के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में करना चाहता है।

यह समाचार यहाँ छपा

6 स्रोत · 2 भाषाएँ

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

Economy & Markets से

रूस में ईंधन संकट: पुतिन ने स्वीकारी कमी, आयात और घटिया मानकों पर विचार

4 भाषाएँ · 14 स्रोत

Technology से

WhatsApp में अब बिना नंबर चैट: यूज़रनेम रिज़र्वेशन शुरू, भारतीय सीईओ ने दी जानकारी

10 भाषाएँ · 30 स्रोत

Science & Health से

मध्य अफ्रीकी गणराज्य में हैजा प्रकोप: 24 मौतें, वैश्विक यात्रा स्वास्थ्य चेतावनियाँ

4 भाषाएँ · 7 स्रोत

और पढ़ें