
स्वीडिश अदालत ने गूगल पर 1.3 अरब यूरो का जुर्माना लगाया, प्राइसरनर को मिलेगा हर्जाना
स्वीडन के पेटेंट और बाजार न्यायालय ने गूगल को अपनी मूल्य तुलना सेवा को गैरकानूनी तरजीह देने के लिए प्राइसरनर को 14.3 अरब क्रोनर (लगभग 1.3 अरब यूरो) का भुगतान करने का आदेश दिया।
स्वीडन के पेटेंट और बाजार न्यायालय ने बुधवार को एक ऐतिहासिक फैसले में गूगल को आदेश दिया कि वह कीमत तुलना सेवा प्राइसरनर को 14.3 अरब स्वीडिश क्रोनर (लगभग 1.3 अरब यूरो) का हर्जाना अदा करे। अदालत ने पाया कि गूगल ने कई वर्षों तक अपने स्वयं के मूल्य तुलना सेवा को खोज परिणामों में गैरकानूनी रूप से तरजीह दी, जिससे प्राइसरनर को नुकसान हुआ। यह राशि स्वीडन, डेनमार्क और ब्रिटेन के बाजारों में हुए नुकसान के लिए निर्धारित की गई है, जिसमें ब्याज भी शामिल है।
गूगल ने इस फैसले पर असहमति जताते हुए कहा कि वह कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। कंपनी का दावा है कि 2017 में शॉपिंग विज्ञापनों में किए गए बदलाव प्रभावी रहे हैं। दूसरी ओर, प्राइसरनर की मूल कंपनी क्लार्ना के संचार प्रमुख डैन ग्रीव्स ने कहा कि यह फैसला "स्वस्थ और अधिक प्रतिस्पर्धी बाजार" का समर्थन करता है। प्राइसरनर के वकील पोंटस शेर्प के अनुसार, अदालत ने माना कि गूगल का दुरुपयोग 2017 के बाद भी जारी रहा, लेकिन दावे का एक हिस्सा समय-सीमा से बाहर होने के कारण खारिज कर दिया गया और दुरुपयोग रुकने के बाद के नुकसान के लिए कोई मुआवजा नहीं दिया गया।
यह मामला यूरोपीय संघ के प्रतिस्पर्धा कानून के तहत गूगल के खिलाफ पहले से चल रही कार्रवाइयों से जुड़ा है। यूरोपीय आयोग ने 2017 में ही फैसला सुनाया था कि गूगल ने अपनी प्रमुख खोज सेवा का दुरुपयोग कर अपनी शॉपिंग सेवा को फायदा पहुँचाया, जिसे 2021 और 2024 में यूरोपीय संघ की अदालतों ने बरकरार रखा। स्वीडिश अदालत का यह निर्णय उसी कानूनी आधार पर आधारित है और यह स्वीडन के प्रतिस्पर्धा मामलों में अब तक का सबसे बड़ा हर्जाना है। न्यायाधीश लिंडा कुलबर्ग ने कहा कि यह एक जटिल मामला था और प्राइसरनर को पूर्ण सफलता नहीं मिली, फिर भी दिया गया मुआवजा अभूतपूर्व है।
वैश्विक स्तर पर, गूगल को कई देशों में प्रतिस्पर्धा-विरोधी व्यवहार के लिए जुर्माने का सामना करना पड़ा है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने भी गूगल पर एंड्रॉयड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम और प्ले स्टोर बिलिंग में अपनी प्रमुख स्थिति के दुरुपयोग के लिए जुर्माना लगाया था और तीसरे पक्ष के ऐप स्टोर तथा वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों की अनुमति देने के आदेश दिए थे। विशेषज्ञों के अनुसार, स्वीडन का यह फैसला दक्षिण एशिया सहित अन्य बाजारों में भी इसी तरह के निजी क्षतिपूर्ति दावों को कानूनी बल प्रदान कर सकता है, जहाँ गूगल की खोज सेवा का वर्चस्व है।
गूगल इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकता है, और कंपनी ने कहा है कि वह अपने कानूनी विकल्पों की समीक्षा कर रही है। इस बीच, यूरोपीय आयोग गूगल की डिजिटल विज्ञापन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी प्रथाओं की जाँच जारी रखे हुए है। यह मामला यह भी दर्शाता है कि प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघन के बाद निजी कंपनियाँ किस तरह हर्जाने की माँग कर सकती हैं, जो बड़ी तकनीकी कंपनियों के लिए विनियामक जोखिम को और बढ़ा सकता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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स्वीडन की एक अदालत ने गूगल को जोरदार झटका देते हुए प्राइसरनर को रिकॉर्ड रकम अदा करने का आदेश दिया है, क्योंकि उसने अपनी सर्च दबदबे का दुरुपयोग किया। इस फैसले को क्लार्ना के स्वामित्व वाली स्थानीय मूल्य-तुलना साइट की जीत के रूप में देखा जा रहा है। गूगल द्वारा अपनी सेवा को बढ़ावा देने की प्रथा को अवैध करार दिया गया है।
स्वीडन की एक अदालत ने गूगल को क्लार्ना के स्वामित्व वाली मूल्य-तुलना सेवा प्राइसरनर को 1.3 अरब यूरो का भुगतान करने का आदेश दिया है, क्योंकि उसने अवैध रूप से अपने स्वयं के तुलना उपकरण को तरजीह दी। इस फैसले में स्वीडन, डेनमार्क और यूनाइटेड किंगडम में हुए नुकसान के साथ-साथ अर्जित ब्याज भी शामिल है। गूगल को कई वर्षों तक प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुँचाने का दोषी पाया गया है।
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