
रूस का कीव पर 570 ड्रोन-मिसाइल हमला, 30 मरे; ड्रोन भंडारण की रणनीति पर बल
एक माह की सापेक्ष शांति के बाद रूस ने कीव पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया; विशेषज्ञों का मानना है कि रूस भविष्य के बड़े हमलों के लिए ड्रोन जमा कर रहा है।
रूस ने बुधवार रात से बृहस्पतिवार सुबह तक यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य क्षेत्रों पर लगभग 570 ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया, जिसमें कम से कम 30 नागरिकों की मौत हो गई और 90 से अधिक घायल हुए। यूक्रेनी वायु सेना के अनुसार, 74 मिसाइलों और 496 ड्रोन में से 48 मिसाइलें और 476 ड्रोन मार गिराए गए, फिर भी दर्जनों इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, जिनमें आवासीय भवन, एक एम्बुलेंस स्टेशन और रेड क्रॉस का गोदाम शामिल हैं।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने इस हमले को यूक्रेन द्वारा रूसी ऊर्जा ठिकानों पर किए गए हालिया हमलों का जवाब बताया और कहा कि निशाना सैन्य, ऊर्जा और हवाई अड्डे थे। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इसे नागरिकों पर जानबूझकर किया गया हमला करार देते हुए पश्चिमी सहयोगियों से एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली, विशेषकर पैट्रियट सिस्टम के लाइसेंस और उत्पादन सहयोग की मांग दोहराई। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने इस हमले को 'भयावह' बताया, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अनावश्यक मौतों को रोकने के लिए युद्ध तत्काल समाप्त करने की अपील की।
अमेरिकी थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (आईएसडब्ल्यू) के अनुसार, यह हमला एक माह से बड़े हमलों में आई कमी के बाद हुआ है, जिससे यह परिकल्पना बल पकड़ती है कि रूस भविष्य में अधिक शक्तिशाली और लगातार हमले करने के लिए ड्रोन का भंडारण कर रहा है। स्वीडिश रक्षा विशेषज्ञ हैंस लीवांग का भी मानना है कि रूस जानबूझकर हमलों की संख्या घटाकर बाद में बड़े हमले करने की क्षमता सुनिश्चित कर रहा है, ताकि यूक्रेनी हमलों का करारा जवाब दिया जा सके और वैश्विक ध्यान आकर्षित किया जा सके। आईएसडब्ल्यू ने एक अन्य संभावना यह भी जताई है कि रूस ने जेट इंजन वाले ड्रोन के उत्पादन की ओर रुख किया हो सकता है, जिन्हें मार गिराना कठिन है और जो अधिक नुकसान पहुंचाते हैं।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब नाटो की एक अहम बैठक निकट है और यूरोपीय देश रूस के साथ संभावित सीधे संघर्ष की तैयारी की बात खुलकर कर रहे हैं। अर्जेंटीना के विश्लेषक आंद्रेस रेपेटो के अनुसार, यह हमला यूरोप को एक सीधा संदेश है। दक्षिण एशियाई परिप्रेक्ष्य में, भारतीय विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की तीव्रता से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और बाधित हो सकती है, जिसका सीधा असर भारत जैसी तेल आयातक अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा। यूक्रेन ने भी हाल के महीनों में रूसी ठिकानों, खासकर क्रीमिया प्रायद्वीप को जोड़ने वाले पुलों पर ड्रोन हमले तेज किए हैं, लेकिन रूसी हमलों का पैमाना अब भी कई गुना बड़ा है।
ज़ेलेंस्की ने कहा कि हवाई रक्षा प्रणालियों की आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है और उन्हें अमेरिका से पैट्रियट लाइसेंस पर निर्णय का इंतजार है। कीव में शुक्रवार को शोक दिवस घोषित किया गया, जबकि मलबे में अब भी कई लोगों के लापता होने की आशंका है। नाटो बैठक में यूक्रेन को 70 अरब यूरो की अतिरिक्त सहायता की घोषणा संभावित है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
अली ख़ामेनेई का सप्ताहव्यापी अंतिम संस्कार शुरू: ईरान की शक्ति प्रदर्शन की कोशिश, नए नेतृत्व पर सवाल
9 भाषाएँ · 31 स्रोत
Economy & Markets सेवैश्विक ऑटो बाजार में दोहरी चाल: इंडोनेशिया में नीतिगत अनिश्चितता, ब्राजील और रूस में मजबूत वृद्धि
4 भाषाएँ · 10 स्रोत
Technology सेएआई युग में मानवीय कौशल और बाल सुरक्षा की नई चुनौतियाँ
6 भाषाएँ · 8 स्रोत