
लंदन में ईरान के लिए पत्रकार पर हमले के दोषियों को सजा, तेहरान की जेल में ब्रिटिश जोड़े की भूख हड़ताल पर संकट
ब्रिटिश अदालत ने ईरानी शासन के इशारे पर किए गए चाकू हमले में दो रोमानियाई नागरिकों को 8 और 12 वर्ष का कारावास दिया, जबकि ईरान में बंद एक ब्रिटिश दंपति की 55 दिनों से चल रही भूख हड़ताल ने चिकित्सकीय आपातकाल की चेतावनी दी है।
ब्रिटेन की सेंट्रल क्रिमिनल कोर्ट ने शुक्रवार को ईरान इंटरनेशनल टेलीविजन के प्रस्तोता पौरिया ज़राती पर मार्च 2024 में हुए चाकू हमले के लिए दो रोमानियाई नागरिकों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। न्यायाधीश बॉबी चीमा-ग्रब के अनुसार, “साक्ष्य अत्यधिक रूप से” इस ओर इशारा करते हैं कि यह हमला ईरानी अधिकारियों के लाभ के लिए किया गया। जॉर्ज स्टाना (25) को 12 वर्ष और नैंडिटो बाडेआ (21) को 8 वर्ष के कारावास की सजा दी गई, जबकि तीसरा संदिग्ध डेविड आंद्रेई अभी भी रोमानिया में आपराधिक कार्यवाही का सामना कर रहा है। अदालत ने पाया कि हमले की योजना कम से कम एक वर्ष पहले बनाई गई थी और इसमें पीड़ित के विंबलडन स्थित आवास की लंबी निगरानी शामिल थी।
ब्रिटिश गृह मंत्री यवेट कूपर ने इस हमले को “घृणित” बताते हुए कहा कि यह सजा “ईरानी शासन और उसके लिए काम करने वालों के लिए स्पष्ट संदेश” है। लंदन पुलिस के आतंकवाद-रोधी अभियान प्रमुख क्रिस राइट ने कहा कि हमला “लक्षित” था और “ईरानी शासन की ओर से” किया गया। दूसरी ओर, ब्रिटेन में ईरान के वरिष्ठ राजनयिक ने तेहरान की संलिप्तता से इनकार किया है। बचाव पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया कि दोनों अभियुक्त अशिक्षित थे और उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि वे ईरान के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन न्यायाधीश ने स्टाना के मामले में यह निष्कर्ष निकाला कि उसे “जानना चाहिए था”।
ब्रिटिश सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह हमला ईरान द्वारा ब्रिटिश धरती पर आलोचनात्मक मीडिया और यहूदी समुदाय को निशाना बनाने के लिए आपराधिक प्रॉक्सी के इस्तेमाल की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। एमआई5 के प्रमुख केन मैक्कलम ने अक्टूबर 2025 में बताया था कि पिछले 12 महीनों में 20 से अधिक “संभावित घातक ईरान-समर्थित षड्यंत्रों” को विफल किया गया। ईरान इंटरनेशनल ने कहा कि उसके पत्रकार “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान द्वारा लगातार धमकी और भयभीत करने के अभियान” का सामना कर रहे हैं, जिसके चलते 2023 में प्रसारण अस्थायी रूप से वाशिंगटन स्थानांतरित करना पड़ा था। पीड़ित ज़राती ने अदालत में दिए बयान में कहा कि हमले के बाद वह “भयभीत और चिंतित” हैं और उन्हें कई बार निवास बदलना पड़ा।
इसी बीच, ईरान की कुख्यात एविन जेल में बंद ब्रिटिश दंपति क्रेग और लिंडसे फोरमैन की भूख हड़ताल ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। दोनों को डेढ़ वर्ष पहले विश्व भ्रमण के दौरान गिरफ्तार किया गया था और जासूसी के आरोप में 10-10 वर्ष की सजा सुनाई गई, जिसे वे पूरी तरह नकारते हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने इसे “चिकित्सकीय आपातकाल” बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की है और राज्य द्वारा बंधक बनाने की गंभीर आशंका जताई है। परिवार ने बताया कि क्रेग 55 दिन और लिंडसे 46 दिन से केवल पानी, थोड़े दूध और शहद पर जीवित हैं, और मई से उनका फोन संपर्क भी कट गया है।
ये दोनों मामले ब्रिटेन और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को रेखांकित करते हैं। लंदन में हमले के तीसरे आरोपी के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया रोमानिया में जारी है, जबकि ब्रिटिश सुरक्षा मंत्री एंजेला ईगल ने कहा कि सरकार “ईरान से खतरे को अत्यंत गंभीरता से लेती है और शासन को जवाबदेह ठहराना जारी रखेगी।” फोरमैन दंपति के परिजनों ने उनसे स्वास्थ्य की रक्षा के लिए भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील करते हुए एक पत्र भेजने की तैयारी की है, जबकि राजनयिक स्तर पर उनकी रिहाई के प्रयासों के ठोस परिणाम अभी सामने नहीं आए हैं।
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.20 | neutral |
|---|---|---|
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | −0.50 | critical |
The UK upholds justice while Iran reveals its true face.
Juxtaposes two events to create a moral contrast: on one side British justice, on the other Iranian cruelty.
Omits that the attacked Iranian journalist might be a figure inconvenient for the regime, and that the London conviction could be seen as a win for Iran.
Iran denounces Western hypocrisy while Britons pay the price of sanctions.
Reverses responsibility: attributes the suffering of Britons to their own government's policies, not to Iran.
Omits that the starvation of Britons in Tehran may be a direct consequence of Iranian actions, such as arbitrary detention or denial of food.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
तेहरान में अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, बदले की गूंज
6 भाषाएँ · 28 स्रोत
Economy & Markets सेवैश्विक बाजारों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़त, लैटिन अमेरिका और एशिया में नए मॉडलों की धूम
4 भाषाएँ · 7 स्रोत
Technology सेव्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर भारत में अटका, सरकार ने सुरक्षा आकलन तक रोक लगाई
3 भाषाएँ · 6 स्रोत