
गाज़ा के चिकित्सक की हिरासत पर वैश्विक दबाव, सांस्कृतिक मंचों से भी उठी आवाज़
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने डॉ. हुसाम अबू सफ़िया की रिहाई की मांग की, जबकि इंडोनेशिया में एक मोनोलॉग नाटक और यूरोपीय शहरों में प्रदर्शनों ने गाज़ा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर हमलों को केंद्र में रखा।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इज़राइली हिरासत में बंद फ़लस्तीनी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हुसाम अबू सफ़िया की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए उनकी शारीरिक व मानसिक स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। संगठन के अनुसार, दिसंबर 2024 से बिना किसी आरोप या मुक़दमे के बंद डॉ. अबू सफ़िया को गंभीर यातना, एकांत कारावास और ऐसी पिटाई झेलनी पड़ी है कि उनके वकील ने भी उन्हें पहचानने में कठिनाई महसूस की। इज़राइली जेल सेवा ने दुर्व्यवहार के आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि सभी बंदियों को क़ानून के तहत उचित चिकित्सा उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन फ़िज़िशियंस फ़ॉर ह्यूमन राइट्स-इज़राइल (पीएचआर-आई) ने चेतावनी दी है कि डॉक्टर की जान को ख़तरा है और उनके साथ 55 अन्य गाज़ा स्वास्थ्यकर्मी भी बिना आरोपों के हिरासत में हैं।
संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने इस मामले को गाज़ा की स्वास्थ्य प्रणाली के सुनियोजित विनाश यानी ‘मेडिसाइड’ का हिस्सा बताया है। उनके अनुसार, चिकित्सकों, नर्सों और अस्पतालों को जानबूझकर निशाना बनाना, उन्हें हिरासत में लेकर प्रताड़ित करना, पूरी नागरिक आबादी पर दोहरी चोट है। पीएचआर-आई का कहना है कि गाज़ा की स्वास्थ्य व्यवस्था का पुनर्निर्माण तब तक संभव नहीं जब तक उसे चलाने वाले लोग क़ैद, ग़ायब या मृत हैं। इसी संदर्भ में, इंडोनेशिया में ‘दी बालिक लंगित गाज़ा’ (गाज़ा के आसमान के पीछे) नामक मोनोलॉग नाटक का चार शहरों का दौरा शुरू हुआ है, जो एक महिला डॉक्टर की कहानी के ज़रिये युद्ध में ढहती स्वास्थ्य सुविधाओं और खोए परिवार के बीच बची मानवीय ज़िद को रेखांकित करता है।
यूरोप में भी डॉ. अबू सफ़िया का मामला सड़कों पर उतर आया है। स्वीडन के कारोलिंस्का विश्वविद्यालय अस्पताल के मुख्य द्वार पर एक स्वीडिश बाल रोग विशेषज्ञ ने अपनी सफ़ेद कोट और स्टेथोस्कोप पहने हुए प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जिसमें ‘नदी से समुद्र तक’ के नारे लगाए गए। स्थानीय मीडिया ने इसकी आलोचना करते हुए इसे यहूदी और इज़राइली स्वास्थ्यकर्मियों के लिए असुरक्षा का माहौल बनाने वाला क़दम बताया। वहीं बर्लिन में एक दंपति पर ‘यहूदियों को मारो’ और ‘हमास ज़िंदाबाद’ जैसे नारे लगाने वाले दो लोगों के ख़िलाफ़ पुलिस ने वोल्क्सवरहेट्ज़ुंग (लोक-भड़काव) का मामला दर्ज किया है। फ़्रांसीसी पत्रकार नोरा बुसिन्यी की गुप्त पड़ताल बताती है कि किस तरह वामपंथी समूहों में फ़लस्तीनी पीड़ा के प्रति सहानुभूति का इस्तेमाल हमास और हिज़बुल्लाह जैसे संगठनों के प्रति समर्थन जगाने और यहूदी-विरोधी भावनाएँ भड़काने के लिए किया जा रहा है।
ये घटनाक्रम अक्तूबर 2023 में हमास के हमले के बाद शुरू हुए इज़राइली सैन्य अभियान की पृष्ठभूमि में सामने आए हैं, जिसमें गाज़ा की स्वास्थ्य अवसंरचना लगभग ध्वस्त हो चुकी है। पीएचआर-आई के अनुसार, अब तक लगभग 250 स्वास्थ्यकर्मियों को गाज़ा से हिरासत में लिया जा चुका है, जिनमें से छह की इज़राइली हिरासत में मौत हो चुकी है। डॉ. अबू सफ़िया के वकील ने 2 जुलाई को नित्ज़ान जेल में मुलाक़ात के बाद बताया कि वे साँस लेने में तकलीफ़ महसूस कर रहे थे और कई बार बेहोश होते दिखे। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का दबाव बढ़ रहा है, जबकि इंडोनेशिया में नाटक का अगला पड़ाव 12 जुलाई को पालू शहर में होगा और यूरोपीय राजधानियों में विरोध-प्रदर्शन जारी हैं।
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | −0.40 | critical |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.90 | critical |
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | +0.40 | aligned |
| इज़राइली प्रेस | −0.70 | critical |
हम डॉ. हुसाम अबू सफिया की तत्काल रिहाई की मांग करते हैं, जो इज़राइली दुर्व्यवहार के शिकार हैं, और हम सांस्कृतिक मंचों का उपयोग करके गाजा का मानवीय चेहरा दिखाते हैं।
एमनेस्टी की कानूनी निंदा को भावनात्मक नाटकीय कथाओं के साथ जोड़कर, यह गुट अधिकार-आधारित और सहानुभूतिपूर्ण दोनों दर्शकों से अपील करता है।
यह गुट डॉक्टर के हमास से कथित संबंधों का कोई उल्लेख नहीं करता, जो पीड़ित की कथा को जटिल बना सकता है।
इज़राइल जानबूझकर डॉक्टरों को निशाना बना रहा है ताकि गाजा की स्वास्थ्य सेवा को नष्ट किया जा सके; दुनिया को अब कार्रवाई करनी चाहिए ताकि डॉ. हुसाम को बचाया जा सके।
यह गुट एक मरते हुए डॉक्टर की एक अत्यधिक भावनात्मक कहानी का उपयोग करके गाजा की चिकित्सा प्रणाली के व्यापक विनाश को मूर्त रूप देता है, नैतिक तात्कालिकता पैदा करता है।
यह गुट डॉक्टर के हमास से कथित संबंधों या इज़राइल की हिरासत के सुरक्षा संदर्भ पर किसी भी चर्चा को छोड़ देता है, जो शुद्ध पीड़ित की कथा को कमजोर करेगा।
डॉक्टर के मामले का यहूदी-विरोधी कार्यकर्ताओं द्वारा शोषण किया जा रहा है; हमें हमास से उनके दस्तावेजी संबंधों और इन विरोध प्रदर्शनों की घृणास्पद प्रकृति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यह गुट डॉक्टर को हमास से और विरोध प्रदर्शनों को यहूदी-विरोध से जोड़कर दोष-द्वारा-संबंध का उपयोग करता है, जिससे उनकी रिहाई की मांग को अवैध ठहराया जाता है।
यह गुट इज़राइल की हिरासत की व्यापक अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार निंदा और डॉक्टर के मानवीय कार्य को छोड़ देता है, जो नकारात्मक ढांचे का प्रतिकार करेगा।
हम, इज़राइलियों के रूप में, डॉ. हुसाम को बचाना चाहिए; उनकी हिरासत एक गंभीर गलती है जो हमारी अपनी नैतिक स्थिति को नुकसान पहुंचाती है।
यह गुट आलोचना को विश्वसनीयता देने के लिए एक अंदरूनी दृष्टिकोण और व्यक्तिगत गवाही का उपयोग करता है, इसे राष्ट्रीय विवेक के मामले के रूप में प्रस्तुत करता है।
यह गुट हमास द्वारा चिकित्सा सुविधाओं के उपयोग और हिरासत के सुरक्षा तर्क के व्यापक संदर्भ को छोड़ देता है, जो इज़राइल के कार्यों को उचित ठहराएगा।
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