
ट्रंप ने पनामा नहर पर चीन के कब्जे की आशंका जताई, कूटनीतिक विवाद गहराया
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पनामा नहर के नियंत्रण को लेकर चीन पर आरोप लगाते हुए कहा कि वाशिंगटन ऐसा नहीं होने देगा, जबकि पनामा और चीन ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को नॉर्थ डकोटा के मेडोरा में थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन पर कहा कि चीन पनामा नहर पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहा है और वाशिंगटन ऐसा नहीं होने देगा। उन्होंने 1977 की टोरिजोस-कार्टर संधियों के तहत नहर का नियंत्रण पनामा को सौंपने के ऐतिहासिक फैसले को 'मूर्खतापूर्ण गलती' बताया और आरोप लगाया कि नियंत्रण हस्तांतरण के बाद पनामा ने पारगमन शुल्क चार गुना बढ़ा दिया। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि स्पेन ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग नहीं करने दिया और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही रिकॉर्ड स्तर पर है, जिससे तेल की कीमतें गिर रही हैं।
पनामा नहर अमेरिकी आपूर्ति श्रृंखला के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, जो सालाना लगभग 40 प्रतिशत अमेरिकी कंटेनर यातायात का संचालन करती है। ट्रंप पहले भी कई बार नहर को 'वापस लेने' की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं और जनवरी 2025 में उन्होंने आर्थिक या सैन्य बल के इस्तेमाल से इंकार नहीं किया था। अमेरिकी विदेश नीति विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक व्यापार मार्गों पर चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर वाशिंगटन में चिंता है, विशेषकर लैटिन अमेरिका में, जहां चीनी कंपनियों ने बुनियादी ढांचे में निवेश किया है।
पनामा सरकार ने ट्रंप के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इस वर्ष की शुरुआत में, पनामा ने संयुक्त राष्ट्र में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें राजदूत अल्वारो डी अल्बा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर किसी अन्य राज्य की संप्रभुता के खिलाफ बल प्रयोग या धमकी पर रोक लगाता है। फरवरी में, पनामा के सर्वोच्च न्यायालय ने हांगकांग स्थित हचिसन समूह की स्थानीय सहायक कंपनी पनामा पोर्ट्स कंपनी (पीपीसी) के साथ 1997 के रियायत समझौते को असंवैधानिक करार दिया, जिसके बाद सरकार ने बाल्बोआ और क्रिस्टोबाल बंदरगाहों का अस्थायी नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।
चीन ने पनामा के इस कदम को अनुचित बताया और आरोप लगाया कि पनामा 'वर्चस्व' के आगे झुक गया है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मार्च में कहा था कि बीजिंग और पनामा सिटी के संबंधों में किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। हांगकांग और मकाऊ मामलों के राज्य परिषद कार्यालय ने पनामा के अदालती फैसले को सीके हचिसन होल्डिंग्स के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन बताया, और कंपनी ने पनामा के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। चीनी अधिकारियों ने बिना अमेरिका का नाम लिए, 'दबाव और धमकी' के आगे समर्पण करने के लिए पनामा की आलोचना की और संभावित राजनीतिक व आर्थिक परिणामों की चेतावनी दी।
यह विवाद वैश्विक समुद्री व्यापार के लगभग 5-6 प्रतिशत हिस्से को संभालने वाली पनामा नहर के भू-राजनीतिक महत्व को रेखांकित करता है। अमेरिका और चीन के बीच लैटिन अमेरिका में प्रभाव की प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है, जहां बुनियादी ढांचा परियोजनाएं रणनीतिक केंद्र बन गई हैं। फिलहाल, पीपीसी का मुकदमा पनामा की अदालतों में लंबित है, और राजनयिक स्तर पर दोनों पक्षों के बीच तनाव जारी है। आगामी कदमों में कानूनी प्रक्रिया का समापन और संभावित द्विपक्षीय वार्ता शामिल हो सकती है, लेकिन अभी तक किसी ठोस समाधान की घोषणा नहीं हुई है।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.60 | critical |
|---|---|---|
| अरब खाड़ी प्रेस | 0.00 | neutral |
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | +0.10 | neutral |
Latin America defends Panama's sovereignty and rejects Trump's accusation as neocolonial interference.
The threat is universalized: Trump's accusation is framed as concerning not just Panama but the entire region, turning a bilateral episode into a matter of principle for all Latin American countries.
The context of actual Chinese activities in the region and any basis for the accusation is omitted, focusing solely on the emotional reaction against the United States.
The Gulf observes the canal dispute with detachment, assessing its effects on trade and regional stability.
A pragmatic and detached tone is adopted, reducing the emotional weight of the news and framing it as normal great-power friction, without taking sides.
The historical dimension of US control over the canal and possible repercussions for Arab countries dependent on trade routes is omitted.
India analyzes the Panama Canal dispute as a reflection of US-China rivalry, focusing on implications for Asia.
An analytical and detached approach is adopted, framing the news in a context of strategic competition and assessing long-term effects on trade routes and security.
The local Panamanian perspective and the historical dimension of canal control are omitted, focusing only on great-power dynamics.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
राजकोषीय अनुशासन और डेटा-आधारित नीतियों से उभरती अर्थव्यवस्थाओं को मिल रहा सहारा
4 भाषाएँ · 10 स्रोत
Technology सेसरकारी जांच के बाद ओपनएआई का GPT-5.6 लॉन्च, वर्क एजेंट से ऑफिस पर फोकस
7 भाषाएँ · 12 स्रोत
Science & Health सेसऊदी अरब की इज़राइल को दरकिनार करने की योजना, कनाडा का व्यापारिक रुख और खाड़ी में स्वास्थ्य-तकनीकी विस्तार
2 भाषाएँ · 5 स्रोत