Edition of 06:00 CETशनिवार, 4 जुलाई 2026
311 स्रोत · 17 भाषाएँआज 378 ब्रीफिंग
ताज़ा खबर
ब्रिटेन, इटली और जापान ने अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान के लिए 4.6 अरब पाउंड का अनुबंध कियाकमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद सोने में साप्ताहिक तेजी, फेड और ईसीबी की नीतियों में बढ़ता अंतरवैश्विक कंपनियों में 4.3 लाख नौकरियों की कटौती, एआई और आर्थिक दबाव बने प्रमुख कारणकोलंबिया ने घाना को हराकर पूरी की अंतिम-16 की तस्वीर, अब शुरू होंगे क्वार्टर फाइनल के लिए संघर्षफेरारी ने पहली इलेक्ट्रिक कार की मिली-जुली प्रतिक्रिया के बाद V12 मैनुअल एडिशन पेश कियाब्रिटेन के भावी प्रधानमंत्री बर्नहैम ने पेंशन ट्रिपल लॉक बरकरार रखने और शीघ्र चुनाव से इनकार की घोषणा कीविस्कॉन्सिन झील में तूफान के बीच नौका पलटी, तीन की मौत; मृतक बच्चे होने की आशंकारूस का कीव पर 570 ड्रोन-मिसाइल हमला, 30 मरे; ड्रोन भंडारण की रणनीति पर बलब्रिटेन, इटली और जापान ने अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान के लिए 4.6 अरब पाउंड का अनुबंध कियाकमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद सोने में साप्ताहिक तेजी, फेड और ईसीबी की नीतियों में बढ़ता अंतरवैश्विक कंपनियों में 4.3 लाख नौकरियों की कटौती, एआई और आर्थिक दबाव बने प्रमुख कारणकोलंबिया ने घाना को हराकर पूरी की अंतिम-16 की तस्वीर, अब शुरू होंगे क्वार्टर फाइनल के लिए संघर्षफेरारी ने पहली इलेक्ट्रिक कार की मिली-जुली प्रतिक्रिया के बाद V12 मैनुअल एडिशन पेश कियाब्रिटेन के भावी प्रधानमंत्री बर्नहैम ने पेंशन ट्रिपल लॉक बरकरार रखने और शीघ्र चुनाव से इनकार की घोषणा कीविस्कॉन्सिन झील में तूफान के बीच नौका पलटी, तीन की मौत; मृतक बच्चे होने की आशंकारूस का कीव पर 570 ड्रोन-मिसाइल हमला, 30 मरे; ड्रोन भंडारण की रणनीति पर बल
भू-राजनीति और राजनीतिसोमवार, 29 जून 2026

दक्षिण सीरिया में इज़रायली घुसपैठ के ख़िलाफ़ आबिदीन में जनप्रतिरोध, अरब जगत ने की निंदा

इज़रायली सेना के दक्षिण सीरिया के आबिदीन गाँव में सैन्य चौकी स्थापित करने के प्रयास को ग्रामीणों के प्रतिरोध का सामना करना पड़ा, जिसके बाद गोलाबारी और पलायन हुआ; सीरिया और क्षेत्रीय देशों ने इसकी कड़ी निंदा की।

रविवार को दक्षिणी सीरिया के दर्रा प्रांत के आबिदीन गाँव में इज़रायली सेना की एक टुकड़ी ने तंबू लगाकर स्थायी सैन्य चौकी बनाने का प्रयास किया, तो स्थानीय निवासियों ने सड़कें जाम कर और पत्थर फेंककर उसे रोक दिया। स्थानीय प्रशासन और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इज़रायली बलों ने चेतावनी के तौर पर गोलियाँ चलाईं और बाद में गाँव के बाहरी इलाके में तोपखाने से छह गोले दागे, साथ ही रोशनी वाले फ़्लेयर छोड़े जिससे कई घरों में आग लग गई। रात तक अधिकांश ग्रामीण पलायन कर पड़ोसी बस्तियों में चले गए, जबकि इज़रायली सेना अपने तंबू जलाकर बिना चौकी स्थापित किए पीछे हट गई। यह पहला अवसर है जब किसी आबाद गाँव के भीतर इस स्तर का जनप्रतिरोध देखा गया, जिसे स्थानीय अधिकारी इज़रायल की विस्तारवादी नीति के ख़िलाफ़ एक प्रतीकात्मक मोड़ मान रहे हैं।

सीरिया के विदेश मंत्रालय ने ‘कड़ी से कड़ी शब्दों’ में इस घुसपैठ और गोलाबारी की निंदा करते हुए इसे सीरियाई संप्रभुता और 1974 के विस्थापन समझौते का ‘घोर उल्लंघन’ बताया, और संयुक्त राष्ट्र तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ठोस कार्रवाई की माँग की। वहीं इज़रायली सैन्य प्रवक्ता ने दावा किया कि यह कार्रवाई ‘सुरक्षा क्षेत्र में सशस्त्र लड़ाकों को ख़त्म करने’ के लिए की गई, और रक्षा मंत्री यिसराइल कात्स ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इज़रायल दक्षिणी सीरिया के बफ़र ज़ोन में ‘अनिश्चित काल’ तक बना रहेगा। स्थानीय सीरियाई अधिकारियों ने इज़रायली आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा कि क्षेत्र में हिज़बुल्लाह या किसी सशस्त्र समूह की मौजूदगी का कोई सबूत नहीं है, और ये घुसपैठें नागरिकों को आतंकित करने तथा नई सैन्य वास्तविकता थोपने का प्रयास हैं।

क्षेत्रीय प्रतिक्रियाओं में सऊदी अरब, क़तर, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्की ने अलग-अलग बयानों में इज़रायली कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय क़ानून और 1974 के समझौते का खुला उल्लंघन बताया। सभी ने सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति समर्थन दोहराया और इज़रायल से समझौते का पालन करने को कहा। हमास ने भी इसे ‘फ़लस्तीन, लेबनान और पूरे उम्माह के ख़िलाफ़ आक्रमण का विस्तार’ करार दिया। ग़ौरतलब है कि दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के शासन के पतन के बाद से इज़रायल ने 1974 के विस्थापन समझौते को समाप्त घोषित कर बफ़र ज़ोन पर क़ब्ज़ा कर लिया था, और तब से क़ुनेइत्रा व दर्रा में लगभग रोज़ाना घुसपैठ, घरों की तलाशी, गिरफ़्तारियाँ और कृषि भूमि को समतल करने की घटनाएँ सामने आ रही हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, आबिदीन की घटना इज़रायल की सीमित सुरक्षा कार्रवाइयों से आगे बढ़कर दक्षिणी सीरिया में व्यापक सैन्य उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति को उजागर करती है, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्रोतों के मुताब� एक नया सुरक्षा ढाँचा थोपना है। इससे विस्थापित हो रहे नागरिकों की मानवीय पीड़ा के साथ-साथ 1974 के समझौते का प्रभावी अंत भी स्पष्ट होता है, जो अंतरराष्ट्रीय संधियों के एकतरफ़ा उल्लंघन की मिसाल पेश करता है। दक्षिण एशिया के संदर्भ में यह घटनाक्रम विवादित सीमाओं पर एकपक्षीय सैन्य क़ब्ज़े की प्रवृत्ति को बल दे सकता है, हालाँकि इसका प्रत्यक्ष प्रभाव फ़िलहाल सीरिया तक सीमित है। फ़िलहाल, सीरियाई सरकार ने संयुक्त राष्ट्र से विस्थापन समझौते को लागू कराने की अपील की है, लेकिन इज़रायली रक्षा मंत्री के अनिश्चितकालीन उपस्थिति के बयान के मद्देनज़र ठोस अंतरराष्ट्रीय क़दम की संभावना कम नज़र आती है।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

0%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अरब लेवांत-मगरिब प्रेसईरानी और संबद्ध प्रेस
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
आक्रोशचेतावनी

दमिश्क और अंकारा ने कुनेइत्रा और दारा में इज़रायली घुसपैठ की कड़ी निंदा की है, इसे सीरियाई संप्रभुता और 1974 के विघटन समझौते का खुला उल्लंघन बताया है। वे आक्रामकता रोकने के लिए तत्काल अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करते हैं, जो उनके अनुसार नागरिकों को आतंकित करती है और क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालती है।

ईरानी और संबद्ध प्रेस/ शासन
आक्रोशचेतावनीप्रतिशोधवाद

तेहरान और उसके सहयोगी इन घुसपैठों की ज़ायोनी आक्रामकता के रूप में निंदा करते हैं जो अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानून का उल्लंघन है, और विश्व समुदाय से कब्ज़ा करने वाले शासन को पीछे हटने के लिए मजबूर करने की मांग करते हैं। इस बढ़त को एक व्यापक अस्थिर करने वाली साजिश के हिस्से के रूप में चित्रित किया गया है जो सीरियाई प्रतिरोध और संप्रभुता को कमजोर करती है।

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

और पढ़ें
अंतिम समाचार
ब्रिटेन, इटली और जापान ने अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान के लिए 4.6 अरब पाउंड का अनुबंध किया·कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद सोने में साप्ताहिक तेजी, फेड और ईसीबी की नीतियों में बढ़ता अंतर·वैश्विक कंपनियों में 4.3 लाख नौकरियों की कटौती, एआई और आर्थिक दबाव बने प्रमुख कारण·कोलंबिया ने घाना को हराकर पूरी की अंतिम-16 की तस्वीर, अब शुरू होंगे क्वार्टर फाइनल के लिए संघर्ष·फेरारी ने पहली इलेक्ट्रिक कार की मिली-जुली प्रतिक्रिया के बाद V12 मैनुअल एडिशन पेश किया·ब्रिटेन के भावी प्रधानमंत्री बर्नहैम ने पेंशन ट्रिपल लॉक बरकरार रखने और शीघ्र चुनाव से इनकार की घोषणा की·विस्कॉन्सिन झील में तूफान के बीच नौका पलटी, तीन की मौत; मृतक बच्चे होने की आशंका·रूस का कीव पर 570 ड्रोन-मिसाइल हमला, 30 मरे; ड्रोन भंडारण की रणनीति पर बल·ब्रिटेन, इटली और जापान ने अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान के लिए 4.6 अरब पाउंड का अनुबंध किया·कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद सोने में साप्ताहिक तेजी, फेड और ईसीबी की नीतियों में बढ़ता अंतर·वैश्विक कंपनियों में 4.3 लाख नौकरियों की कटौती, एआई और आर्थिक दबाव बने प्रमुख कारण·कोलंबिया ने घाना को हराकर पूरी की अंतिम-16 की तस्वीर, अब शुरू होंगे क्वार्टर फाइनल के लिए संघर्ष·फेरारी ने पहली इलेक्ट्रिक कार की मिली-जुली प्रतिक्रिया के बाद V12 मैनुअल एडिशन पेश किया·ब्रिटेन के भावी प्रधानमंत्री बर्नहैम ने पेंशन ट्रिपल लॉक बरकरार रखने और शीघ्र चुनाव से इनकार की घोषणा की·विस्कॉन्सिन झील में तूफान के बीच नौका पलटी, तीन की मौत; मृतक बच्चे होने की आशंका·रूस का कीव पर 570 ड्रोन-मिसाइल हमला, 30 मरे; ड्रोन भंडारण की रणनीति पर बल·
अपडेट 10:50 pm2 भाषाएँ · 3 स्रोत
पिछलाभू-राजनीति और राजनीतिअगला
3 स्रोत|2 भाषाएँ|3 मिनट पढ़ना
सोमवार, 29 जून 2026

दक्षिण सीरिया में इज़रायली घुसपैठ के ख़िलाफ़ आबिदीन में जनप्रतिरोध, अरब जगत ने की निंदा

इज़रायली सेना के दक्षिण सीरिया के आबिदीन गाँव में सैन्य चौकी स्थापित करने के प्रयास को ग्रामीणों के प्रतिरोध का सामना करना पड़ा, जिसके बाद गोलाबारी और पलायन हुआ; सीरिया और क्षेत्रीय देशों ने इसकी कड़ी निंदा की।

रविवार को दक्षिणी सीरिया के दर्रा प्रांत के आबिदीन गाँव में इज़रायली सेना की एक टुकड़ी ने तंबू लगाकर स्थायी सैन्य चौकी बनाने का प्रयास किया, तो स्थानीय निवासियों ने सड़कें जाम कर और पत्थर फेंककर उसे रोक दिया। स्थानीय प्रशासन और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इज़रायली बलों ने चेतावनी के तौर पर गोलियाँ चलाईं और बाद में गाँव के बाहरी इलाके में तोपखाने से छह गोले दागे, साथ ही रोशनी वाले फ़्लेयर छोड़े जिससे कई घरों में आग लग गई। रात तक अधिकांश ग्रामीण पलायन कर पड़ोसी बस्तियों में चले गए, जबकि इज़रायली सेना अपने तंबू जलाकर बिना चौकी स्थापित किए पीछे हट गई। यह पहला अवसर है जब किसी आबाद गाँव के भीतर इस स्तर का जनप्रतिरोध देखा गया, जिसे स्थानीय अधिकारी इज़रायल की विस्तारवादी नीति के ख़िलाफ़ एक प्रतीकात्मक मोड़ मान रहे हैं।

सीरिया के विदेश मंत्रालय ने ‘कड़ी से कड़ी शब्दों’ में इस घुसपैठ और गोलाबारी की निंदा करते हुए इसे सीरियाई संप्रभुता और 1974 के विस्थापन समझौते का ‘घोर उल्लंघन’ बताया, और संयुक्त राष्ट्र तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ठोस कार्रवाई की माँग की। वहीं इज़रायली सैन्य प्रवक्ता ने दावा किया कि यह कार्रवाई ‘सुरक्षा क्षेत्र में सशस्त्र लड़ाकों को ख़त्म करने’ के लिए की गई, और रक्षा मंत्री यिसराइल कात्स ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इज़रायल दक्षिणी सीरिया के बफ़र ज़ोन में ‘अनिश्चित काल’ तक बना रहेगा। स्थानीय सीरियाई अधिकारियों ने इज़रायली आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा कि क्षेत्र में हिज़बुल्लाह या किसी सशस्त्र समूह की मौजूदगी का कोई सबूत नहीं है, और ये घुसपैठें नागरिकों को आतंकित करने तथा नई सैन्य वास्तविकता थोपने का प्रयास हैं।

क्षेत्रीय प्रतिक्रियाओं में सऊदी अरब, क़तर, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्की ने अलग-अलग बयानों में इज़रायली कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय क़ानून और 1974 के समझौते का खुला उल्लंघन बताया। सभी ने सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति समर्थन दोहराया और इज़रायल से समझौते का पालन करने को कहा। हमास ने भी इसे ‘फ़लस्तीन, लेबनान और पूरे उम्माह के ख़िलाफ़ आक्रमण का विस्तार’ करार दिया। ग़ौरतलब है कि दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के शासन के पतन के बाद से इज़रायल ने 1974 के विस्थापन समझौते को समाप्त घोषित कर बफ़र ज़ोन पर क़ब्ज़ा कर लिया था, और तब से क़ुनेइत्रा व दर्रा में लगभग रोज़ाना घुसपैठ, घरों की तलाशी, गिरफ़्तारियाँ और कृषि भूमि को समतल करने की घटनाएँ सामने आ रही हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, आबिदीन की घटना इज़रायल की सीमित सुरक्षा कार्रवाइयों से आगे बढ़कर दक्षिणी सीरिया में व्यापक सैन्य उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति को उजागर करती है, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्रोतों के मुताब� एक नया सुरक्षा ढाँचा थोपना है। इससे विस्थापित हो रहे नागरिकों की मानवीय पीड़ा के साथ-साथ 1974 के समझौते का प्रभावी अंत भी स्पष्ट होता है, जो अंतरराष्ट्रीय संधियों के एकतरफ़ा उल्लंघन की मिसाल पेश करता है। दक्षिण एशिया के संदर्भ में यह घटनाक्रम विवादित सीमाओं पर एकपक्षीय सैन्य क़ब्ज़े की प्रवृत्ति को बल दे सकता है, हालाँकि इसका प्रत्यक्ष प्रभाव फ़िलहाल सीरिया तक सीमित है। फ़िलहाल, सीरियाई सरकार ने संयुक्त राष्ट्र से विस्थापन समझौते को लागू कराने की अपील की है, लेकिन इज़रायली रक्षा मंत्री के अनिश्चितकालीन उपस्थिति के बयान के मद्देनज़र ठोस अंतरराष्ट्रीय क़दम की संभावना कम नज़र आती है।

स्रोतों में मतभेद

भू-राजनीति और राजनीति · 3 स्रोत · 2 भाषाएँ

0%कम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

निंदक100%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अरब लेवांत-मगरिब प्रेसईरानी और संबद्ध प्रेस
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
आक्रोशचेतावनी

दमिश्क और अंकारा ने कुनेइत्रा और दारा में इज़रायली घुसपैठ की कड़ी निंदा की है, इसे सीरियाई संप्रभुता और 1974 के विघटन समझौते का खुला उल्लंघन बताया है। वे आक्रामकता रोकने के लिए तत्काल अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करते हैं, जो उनके अनुसार नागरिकों को आतंकित करती है और क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालती है।

ईरानी और संबद्ध प्रेस/ शासन
आक्रोशचेतावनीप्रतिशोधवाद

तेहरान और उसके सहयोगी इन घुसपैठों की ज़ायोनी आक्रामकता के रूप में निंदा करते हैं जो अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानून का उल्लंघन है, और विश्व समुदाय से कब्ज़ा करने वाले शासन को पीछे हटने के लिए मजबूर करने की मांग करते हैं। इस बढ़त को एक व्यापक अस्थिर करने वाली साजिश के हिस्से के रूप में चित्रित किया गया है जो सीरियाई प्रतिरोध और संप्रभुता को कमजोर करती है।

यह समाचार यहाँ छपा

3 स्रोत · 2 भाषाएँ

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

Economy & Markets से

वैश्विक ऑटो बाजार में चीनी कंपनियों की धमक: BYD टेस्ला को पीछे छोड़ने को तैयार, यूरोपीय दिग्गज संकट में

3 भाषाएँ · 13 स्रोत

Technology से

भारत ने व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर रोका, टेलीग्राम और सिग्नल पर भी शिकंजा

4 भाषाएँ · 16 स्रोत

Science & Health से

नींद की अवधि और गुणवत्ता: कम या ज्यादा सोना दोनों ही बढ़ा सकते हैं जैविक उम्र और हृदय जोखिम

4 भाषाएँ · 6 स्रोत

और पढ़ें