
विंबलडन में ओसाका का किमोनो: 'किल बिल' से प्रेरित सफ़ेद लिबास में शानदार जीत
नाओमी ओसाका ने विंबलडन में पारंपरिक सफ़ेद किमोनो पहनकर फ्रांस की एल्सा जैकमॉट को 6-1, 7-5 से हराया और फैशन व खेल का अनूठा संगम पेश किया।
कोर्ट 3 की हरी घास पर जब नाओमी ओसाका ने कदम रखा तो दर्शकों की निगाहें उनके खेल से पहले उनके लिबास पर टिक गईं। चार बार की ग्रैंड स्लैम विजेता ने सफ़ेद रेशमी किमोनो पहना था जिस पर सारस और चेरी ब्लॉसम की कढ़ाई की गई थी, और बालों में पारंपरिक कांज़ाशी सजा था। यह प्रवेश विंबलडन के सख़्त श्वेत ड्रेस कोड का पूर्ण सम्मान करते हुए भी एक सांस्कृतिक बयान था। इसके बाद ओसाका ने अपना खेल दिखाया: 79 मिनट में 34 विनर और चार ब्रेक पॉइंट भुनाते हुए फ्रांस की एल्सा जैकमॉट को 6-1, 7-5 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया।
मैच के बाद ओसाका ने बताया कि यह पोशाक उनकी जापानी विरासत और क्वेंटिन टारनटिनो की फिल्म 'किल बिल' से प्रेरित थी। उन्होंने कहा, "जब मैं विंबलडन के बारे में सोचती हूं तो सफ़ेद रंग और परंपरा का ख्याल आता है, और फिर मैं अपनी जापानी संस्कृति में उतरती हूं तो सबसे प्रतिष्ठित सिल्हूट किमोनो ही है।" लूसी लियू के किरदार ओ-रेन इशी का सफ़ेद किमोनो उन्हें बेहद पसंद था। ओसाका ने यह भी स्वीकारा कि ऐसे भड़कीले परिधान पहनने से दबाव बढ़ता है: "मैं यह नहीं कहूंगी कि इससे घबराहट कम होती है, क्योंकि मेरे दिमाग का एक हिस्सा चाहता है कि मैं अच्छा खेलूं ताकि इन्हें पहनती रहूं।"
यह कोई अकेला प्रयोग नहीं है। इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में वे जेलीफिश-प्रेरित पोशाक, चौड़े किनारे वाली टोपी और छतरी के साथ उतरीं, तो फ्रेंच ओपन में सुनहरी ड्रेस और धातुई बॉम्बर जैकेट पहनकर कोर्ट को रैंप में बदल दिया। ओसाका के लिए यह सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि खेल को फिर से आनंददायक बनाने का जरिया है। उन्होंने पहले कहा था, "अब मैं बस मज़े करना चाहती हूं, और चाहती हूं कि यह मेरे लिए रोमांचक हो।"
वैश्विक मीडिया ने इस प्रवेश को अलग-अलग नज़रिए से देखा। यूरोपीय आउटलेट्स ने विंबलडन की कठोर परंपरा और खिलाड़ी की रचनात्मक अभिव्यक्ति के बीच संतुलन को रेखांकित किया, जबकि एशियाई प्रकाशनों ने इसे जापानी सांस्कृतिक पहचान का गौरवपूर्ण प्रदर्शन बताया। लैटिन अमेरिकी और अफ्रीकी मीडिया ने ओसाका को एक वैश्विक फैशन आइकन के रूप में पेश किया, जो खेल की सीमाओं को पार करती हैं। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि ओसाका ने नियमों का पालन करते हुए भी अपनी अलग पहचान बनाई।
अब ओसाका का सामना दूसरे दौर में रूस की अनास्तासिया गासानोवा या कोलंबिया की एमिलियाना अरांगो से होगा। विंबलडन में वे कभी तीसरे दौर से आगे नहीं बढ़ पाई हैं, लेकिन पिछले साल यूएस ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंचने और बेटी के जन्म के बाद शीर्ष 20 में वापसी ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया है। यह जीत उसी लय को आगे बढ़ाने का पहला कदम है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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नाओमी ओसाका ने एक बार फिर विंबलडन को एक फैशन रनवे में बदल दिया, एक सफेद किमोनो में कोर्ट में प्रवेश किया जो उनकी जापानी विरासत और फिल्म किल बिल को श्रद्धांजलि देता था। यह पोशाक, जो टूर्नामेंट के सख्त ऑल-व्हाइट ड्रेस कोड का सम्मान करती थी, एक आइकन के रूप में उनकी छवि को मजबूत करती है जो खेल, पहचान और विघटनकारी शैली को जोड़ती है। पहले दौर में उनकी जीत ने कठोर परंपराओं पर व्यक्तिगत अभिव्यक्ति की विजय की कहानी को और बल दिया।
नाओमी ओसाका ने एक सुंदर ऑल-व्हाइट किमोनो में विंबलडन कोर्ट पर कदम रखकर दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया, चतुराई से टूर्नामेंट के ड्रेस कोड का पालन करते हुए अपनी जापानी सांस्कृतिक जड़ों को प्रदर्शित किया। टोक्यो की एक डिजाइनर के साथ सहयोग से बनी यह पोशाक, ग्रैंड स्लैम में शानदार फैशन स्टेटमेंट की उनकी प्रवृत्ति को जारी रखती है। परंपरा को आधुनिक अंदाज के साथ मिलाने की उनकी क्षमता ने व्यापक प्रशंसा प्राप्त की।
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