
अंतिम क्षणों में मार्टिनेली का गोल, जापान पर ब्राज़ील की नाटकीय वापसी
कासेमीरो के बराबरी के गोल और गैब्रियल मार्टिनेली के इंजरी टाइम विजयी प्रहार ने ब्राज़ील को विश्व कप के प्री-क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचाया, जबकि कोच आंचेलोटी ने नेमार को संभावित अतिरिक्त समय के लिए बचाकर रखा।
ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में सोमवार रात ब्राज़ील ने जापान को 2-1 से हराकर 2026 फ़ीफ़ा विश्व कप के अंतिम-16 में जगह बना ली, लेकिन यह जीत आख़िरी साँस तक लटकी रही। काइशू सानो के पहले हाफ़ के गोल ने पाँच बार की विश्व विजेता टीम को चौंका दिया था, मगर दूसरे हाफ़ में कासेमीरो के हेडर और फिर इंजरी टाइम के पाँचवें मिनट में स्थानापन्न गैब्रियल मार्टिनेली की फ़िनिशिंग ने स्कोर पलट दिया। यह मुक़ाबला ब्राज़ील के लिए टूर्नामेंट का अब तक का सबसे कठिन इम्तिहान साबित हुआ, जिसमें टीम को पहली बार पिछड़ने के बाद वापसी करनी पड़ी।
पहले हाफ़ में जापान की अनुशासित रक्षा ने ब्राज़ील के मिडफ़ील्ड संयोजन को बेअसर कर दिया। ब्राज़ीलियाई मीडिया के अनुसार, कोच कार्लो आंचेलोटी ने मध्यांतर पर रणनीति बदली: लुकास पाकेता की जगह एंड्रिक को उतारकर टीम ने दोनों विंग खोल दिए, जिससे विनीसियस जूनियर बाईं ओर और रायान दाईं ओर चौड़ाई में खेल सके। इस बदलाव ने क्रॉस की संख्या बढ़ाई और 56वें मिनट में कासेमीरो ने एक ऐसे ही क्रॉस पर हेडर से बराबरी दिलाई। स्पेनिश भाषा की रिपोर्टों में बताया गया कि आंचेलोटी ने इस गोल को ‘योजना बदलने वाला क्षण’ बताया, क्योंकि इसके बाद उन्होंने नेमार को उतारने का विचार टाल दिया।
नेमार का बेंच पर बैठे रहना मैच के बाद चर्चा का केंद्र बना। इंडोनेशियाई और भारतीय सूत्रों ने आंचेलोटी के हवाले से बताया कि उन्होंने स्टार फ़ॉरवर्ड को अतिरिक्त समय के लिए सुरक्षित रखा था। योजना थी कि यदि 60-65 मिनट तक बराबरी नहीं हुई तो नेमार मैदान में उतरते, लेकिन कासेमीरो के गोल के बाद कोच ने टीम की संरचना से छेड़छाड़ नहीं करना चाहा। ब्राज़ीलियाई प्रेस ने इस फ़ैसले को आंचेलोटी के ‘ठंडे दिमाग़’ का सबूत बताया, जो दबाव में भी सामूहिकता पर भरोसा बनाए रखता है।
मैच के बाद आंचेलोटी ने खिलाड़ियों की मानसिक मज़बूती की तारीफ़ की। उन्होंने कहा, “हमने धैर्य नहीं खोया। जापान बहुत संगठित और तीव्र टीम है, लेकिन हमने अपना नियंत्रण बनाए रखा।” ब्राज़ीलियाई और स्पेनिश दोनों मीडिया ने उनके इस बयान को रेखांकित किया कि “पीड़ा सामान्य है” और यह आधुनिक फ़ुटबॉल का हिस्सा है। कासेमीरो, जिन्हें पहले हाफ़ में पीला कार्ड मिला था और जापान के गोल के लिए आलोचना झेलनी पड़ी, को आंचेलोटी ने दोषमुक्त ठहराया और उनके प्रदर्शन को ‘निर्णायक’ कहा। फ़ीफ़ा ने कासेमीरो को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना।
इस जीत के साथ ब्राज़ील ने अंतिम-16 में प्रवेश किया, जहाँ उसका सामना रविवार को न्यू जर्सी में कोटे डी आइवर और नॉर्वे के बीच होने वाले मुक़ाबले के विजेता से होगा। टीम को राफ़िन्हा की चोट से वापसी का इंतज़ार है, जबकि कासेमीरो और पाकेता की शारीरिक स्थिति पर मेडिकल जाँच के बाद ही स्थिति साफ़ होगी।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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ब्राजील ने कष्ट सहा लेकिन मानसिक दृढ़ता दिखाते हुए वापसी की, एंसेलोटी ने बताया कि उन्होंने नेमार को संभावित अतिरिक्त समय के लिए बेंच पर रखा, और इस जीत से टीम बाकी विश्व कप के लिए और मजबूत हो गई।
एंसेलोटी की शांति और सामरिक निर्णय जापान के खिलाफ ब्राजील की वापसी की कुंजी थे, कोच ने टीम के धैर्य और विकल्पों की प्रशंसा की।
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