
तेल कीमतों में नरमी से यूरोप में मुद्रास्फीति में गिरावट, फ्रांस में दर 2% से नीचे
जून 2026 में फ्रांस, इटली और जर्मनी में उपभोक्ता मूल्य वृद्धि दर घटी, जिसका प्रमुख कारण अमेरिका-ईरान समझौते के बाद ऊर्जा कीमतों में आई नरमी है।
फ्रांस में जून में वार्षिक मुद्रास्फीति दर घटकर 1.8% पर आ गई, जो मई के 2.4% से काफी नीचे है और चार महीने की लगातार वृद्धि के बाद पहली गिरावट है। राष्ट्रीय सांख्यिकी संस्थान इनसी के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से ऊर्जा कीमतों, विशेषकर पेट्रोलियम उत्पादों, में तीव्र मंदी के कारण हुई। इटली में भी इसी अवधि में मुद्रास्फीति 3.2% से घटकर 3% पर आ गई, जबकि जर्मनी में यह 2.6% से गिरकर 2.3% हो गई। तीनों अर्थव्यवस्थाओं में यह राहत अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते से जुड़ी है, जिसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम हुआ और वैश्विक तेल कीमतों में गिरावट आई।
ऊर्जा क्षेत्र में मूल्य वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ने के बावजूद, सालाना आधार पर कीमतें अब भी ऊंची बनी हुई हैं। फ्रांस में ऊर्जा कीमतें जून में सालाना 11.2% बढ़ीं, जो मई के 16.6% से कम है। इटली में पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधनों की कीमतों में मासिक गिरावट दर्ज की गई, लेकिन बिजली और गैस की नियामक कीमतों में तेजी आई। जर्मनी में ऊर्जा मुद्रास्फीति मई के 6.6% से घटकर 3.4% रह गई, जिसमें सरकारी ईंधन छूट का भी योगदान रहा। हालांकि, यह छूट 30 जून को समाप्त हो गई, जिससे जुलाई में कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
उपभोक्ता संगठनों ने राहत को अपर्याप्त बताया है। इटली के उपभोक्ता संघ के अनुसार, पिछले चार महीनों में कीमतों में 2% की वृद्धि से एक औसत परिवार पर सालाना 493 यूरो का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। फ्रांस में खाद्य और सेवाओं की कीमतों में मामूली नरमी आई, लेकिन कोर मुद्रास्फीति (ऊर्जा और खाद्य को छोड़कर) जर्मनी में 2.5% और इटली में 1.6% पर स्थिर रही, जो अंतर्निहित दबाव को दर्शाती है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) के लिए यह आंकड़े मिश्रित संकेत हैं: मुद्रास्फीति में गिरावट से ब्याज दरों में और वृद्धि का दबाव कम हुआ है, लेकिन कोर मुद्रास्फीति का स्तर अब भी सतर्कता की मांग करता है।
फ्रांसीसी केंद्रीय बैंक और इनसी दोनों का अनुमान है कि आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति फिर से बढ़ सकती है। इनसी के पूर्वानुमान के अनुसार, दिसंबर तक वार्षिक दर 2.7% तक पहुंच सकती है, क्योंकि ऊर्जा कीमतों का प्रभाव धीरे-धीरे विनिर्मित वस्तुओं और सेवाओं में फैलता है। जर्मनी में कॉमर्जबैंक के मुख्य अर्थशास्त्री ने भी जुलाई में ईंधन छूट समाप्त होने के बाद मुद्रास्फीति बढ़ने की चेतावनी दी है।
अगला महत्वपूर्ण संकेत जुलाई के मुद्रास्फीति आंकड़े होंगे, जब जर्मन ईंधन छूट का प्रभाव समाप्त हो जाएगा और होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्ण रूप से खुलने की स्थिति स्पष्ट होगी। ईसीबी की अगली मौद्रिक नीति बैठक में इन आंकड़ों का विश्लेषण कर भविष्य की ब्याज दर दिशा तय की जाएगी।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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अर्जेंटीना में, निजी परामर्शदाता जून की मुद्रास्फीति 2% से नीचे रहने का अनुमान लगा रहे हैं, जो मार्च के शिखर से गिरावट को जारी रखते हुए खाद्य और पेय पदार्थों की कीमतों में कमी से प्रेरित है। बाजार-उन्मुख लैटिन अमेरिकी प्रेस इसे क्षेत्र में मूल्य दबावों में ढील का संकेत मानता है।
फ्रांसीसी मुद्रास्फीति जून में अप्रत्याशित रूप से गिरकर 1.8% हो गई, लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के कारण एक नए मुद्रास्फीति संकट का जोखिम अभी टला नहीं है। महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस सतर्क बना हुआ है, यह नोट करते हुए कि गिरावट मुख्य रूप से ऊर्जा से प्रेरित है और अंतर्निहित दबाव बने हुए हैं।
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