
रूस ने 419 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए, मॉस्को क्षेत्र में शिशु की मौत; यूक्रेन ने उपग्रह केंद्र पर दूसरा हमला किया
यूक्रेन के लंबी दूरी के ड्रोन अभियान ने रूसी ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया, जिससे मास्को में ईंधन की कमी और नागरिक हताहतों की खबरें सामने आईं।
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सोमवार रात से मंगलवार सुबह के बीच देश भर में 419 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया गया, जिनमें मॉस्को क्षेत्र भी शामिल है। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने बताया कि येगोरीवस्क गांव में एक ड्रोन के मलबे से एक निजी घर में आग लग गई, जिसमें एक छह महीने का शिशु अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ गया और तीन अन्य घायल हो गए। वहीं, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने दावा किया कि उनकी सेना ने मॉस्को क्षेत्र के दुबना अंतरिक्ष संचार केंद्र पर एक सप्ताह में दूसरी बार सफल हमला किया, जिसका उपयोग रूसी कब्जे वाली सेनाओं की टोही और समन्वय के लिए किया जाता है।
रूसी पक्ष ने इस हमले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि कीव का यह कृत्य नागरिकों को निशाना बनाने वाला आपराधिक कदम है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर ध्यान देना चाहिए। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि राजधानी की ओर आ रहे 61 दुश्मन ड्रोनों को वायु रक्षा प्रणालियों ने नष्ट कर दिया। दूसरी ओर, ज़ेलेंस्की ने इन हमलों को “लंबी दूरी के प्रतिबंध” करार देते हुए कहा कि यह रूस के दैनिक बमबारी अभियान का जवाब है और दुश्मन के ऐसे अन्य ठिकानों के खिलाफ भी कार्रवाई तैयार की जा रही है।
इस घटनाक्रम के ठोस परिणाम सामने आने लगे हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि यूक्रेनी ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण देश में ईंधन की कमी हो गई है, विशेषकर क्रीमिया में। यूक्रेन ने पिछले सप्ताह 40-दिवसीय अभियान की घोषणा की थी जिसका उद्देश्य रूस पर युद्ध समाप्त करने का दबाव बनाना है। इसी कड़ी में पिछले गुरुवार-शुक्रवार को रूस ने 660 ड्रोन मार गिराने का दावा किया था, जो संघर्ष की शुरुआत के बाद की सर्वाधिक संख्याओं में से एक है।
यह संघर्ष अब साढ़े चार वर्षों में प्रवेश कर चुका है और इसके दीर्घकालिक प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किए जा रहे हैं। रूसी ऊर्जा अवसंरचना पर लगातार हो रहे हमलों से वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की आशंका है, जिस पर दक्षिण एशिया के प्रमुख तेल आयातक देशों, जैसे भारत, की नज़र है। पुतिन ने एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि रूस ने लंबी दूरी के हमलों की पारस्परिक समाप्ति के यूक्रेनी प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है और वह अपने सैन्य अभियान को जारी रखेगा। फिलहाल, किसी भी पक्ष की ओर से शांति वार्ता की कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है और दोनों देशों के बीच लंबी दूरी की मारक क्षमता का प्रदर्शन जारी है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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रूस का दावा है कि उसने रात भर में 419 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया, लेकिन अधिकारियों ने किसी के हताहत होने की सूचना नहीं दी। रिपोर्ट में कीव के लंबी दूरी के ड्रोन अभियान, खासकर ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने पर जोर दिया गया है। पीड़ितों का उल्लेख न होना पूरे प्रभाव पर सवाल खड़े करता है।
यूक्रेन के एक बड़े ड्रोन हमले ने रूसी शहरों को निशाना बनाया, जिसमें 419 ड्रोन मार गिराए गए। हमलों में कम से कम तीन लोग मारे गए, जिनमें एक छह महीने का शिशु भी शामिल है जिसकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। कहानी इसे ज़ेलेंस्की की आक्रामक वृद्धि के रूप में पेश करती है, नागरिक पीड़ा को उजागर करती है।
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