
फ्रांस में 2027 के राष्ट्रपति चुनाव की तारीखें तय, मजदूर दिवस के अगले दिन दूसरा चरण विवाद में
सरकार ने पहला चरण 18 अप्रैल और दूसरा 2 मई को निर्धारित किया, जिसे विपक्ष ने वामपंथी दलों के पक्ष में बताया, जबकि मरीन ल पेन की उम्मीदवारी पर अदालत का फैसला 7 जुलाई को आएगा।
फ्रांसीसी मंत्रिपरिषद ने बुधवार को 2027 के राष्ट्रपति चुनाव की तारीखों को मंजूरी दे दी। सरकारी प्रवक्ता मॉड ब्रेजॉन के अनुसार, पहला चरण 18 अप्रैल और संभावित दूसरा चरण 2 मई को होगा। संवैधानिक प्रावधानों के तहत चुनाव राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कार्यकाल की समाप्ति (14 मई) से 20-35 दिन पहले कराए जाने थे। सरकार ने स्कूली छुट्टियों के कारण मतदान प्रतिशत पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए यह विकल्प चुना, हालांकि दूसरे चरण का दिन अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (1 मई) के ठीक बाद आने से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
विपक्षी दल ‘रिपब्लिकन’ के उम्मीदवार ब्रूनो रतेलो ने इस निर्णय को “तटस्थ नहीं” बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर वामपंथी दलों के हित में तारीख चुनी, क्योंकि 1 मई की रैलियों का राजनीतिक प्रभाव दूसरे चरण के मतदान पर पड़ सकता है। सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनावी मौन की परंपरागत नियम हमेशा की तरह लागू रहेंगे और सभी राजनीतिक दलों से परामर्श के बाद ही तारीखें तय की गई हैं।
चुनावी मैदान में अब तक 30 से अधिक उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। मैक्रों लगातार तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ सकते, ऐसे में उनके खेमे से पूर्व प्रधानमंत्री एडुआर्ड फिलिप और गैब्रियल अटाल मैदान में हैं। वामपंथी ‘अदम्य फ्रांस’ के नेता ज्यां-ल्यूक मेलांशो चौथी बार चुनाव लड़ रहे हैं। दक्षिणपंथी ‘राष्ट्रीय रैली’ की ओर से मरीन ल पेन की उम्मीदवारी यूरोपीय संसद के धन के दुरुपयोग मामले में सजा के कारण अधर में है; अपीलीय अदालत का फैसला 7 जुलाई को आने की उम्मीद है। यदि ल पेन अयोग्य ठहरती हैं, तो पार्टी अध्यक्ष जॉर्डन बार्डेला उम्मीदवार होंगे।
यूरोपीय मीडिया में प्रकाशित जनमत सर्वेक्षणों के अनुसार, पहले चरण में ‘राष्ट्रीय रैली’ सबसे आगे रहने का अनुमान है, जिससे दूसरे चरण में चरम दक्षिणपंथ और चरम वामपंथ के बीच सीधा मुकाबला संभव है। फ्रांसीसी राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केंद्रवादी ताकतों के कमजोर पड़ने और समाज में बढ़ते ध्रुवीकरण को दर्शाता है। सरकार 26 मार्च 2027 तक उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी करेगी, जबकि ल पेन की पात्रता पर अदालत का फैसला आगामी चुनावी परिदृश्य को निर्णायक रूप से प्रभावित करेगा।
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.20 | neutral |
|---|---|---|
| रूसी और सीआईएस प्रेस | 0.00 | neutral |
France questions how to stem the populist drift and revive the fiscal debate, while the possibility of a Lagarde candidacy divides public opinion.
A hierarchy of threats (populism, fiscal crisis, lack of leadership) is built to justify an urgency for reforms and republican unity.
The exact election dates (18 April and 2 May 2027) are not mentioned, nor is the role of European institutions in the French electoral process.
Russia ignores the French elections, deeming them irrelevant to its domestic and foreign policy agenda.
The total omission of a key EU event is presented as natural, implicitly delegitimizing the importance of the French democratic process in the eyes of the Russian public.
No information about the French elections is reported, nor about their possible implications for bilateral relations or European security.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से तेल 90 डॉलर के पार, वैश्विक आपूर्ति पर संकट
8 भाषाएँ · 21 स्रोत
Technology सेचीन के किमी K3 ने AI बाज़ार में मचाई हलचल, कंप्यूट संकट से नए सब्सक्रिप्शन रोके
7 भाषाएँ · 13 स्रोत
Science & Health सेसड़क दुर्घटनाओं में वैश्विक गिरावट, लेकिन निम्न-आय वाले देशों में सुधार नहीं: लैंसेट और WHO
4 भाषाएँ · 9 स्रोत