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अर्थव्यवस्था और बाजारबुधवार, 1 जुलाई 2026

यूरोपीय संघ ने सस्ते चीनी पैकेज और स्टील पर एक साथ कसा शिकंजा, उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर

एक जुलाई से छोटे ई-कॉमर्स पैकेजों पर प्रति मद 3 यूरो का नया शुल्क और स्टील आयात कोटा में 47% की कटौती लागू, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में हलचल तेज।

यूरोपीय संघ ने एक जुलाई से दो अलग-अलग मोर्चों पर व्यापार रक्षा उपायों को सख्त कर दिया है, जिसका केंद्र चीन से आने वाला सस्ता माल है। पहला कदम गैर-यूरोपीय संघ देशों से आने वाले 150 यूरो तक के ई-कॉमर्स पैकेजों पर 3 यूरो का सीमा शुल्क है, जो हर अलग सीमा शुल्क मद पर लागू होगा। दूसरा, इस्पात आयात पर सुरक्षा उपायों को कड़ा करते हुए तय कोटे से अधिक आयात पर शुल्क 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया और कुल आयात कोटा 2024 के स्तर से 47% घटाकर 1.83 करोड़ टन कर दिया गया। यूरोपीय आयोग के अनुसार, 2025 में 590 करोड़ छोटे पैकेज यूरोपीय संघ में दाखिल हुए, जिनमें 90% से अधिक चीन से थे, जबकि वैश्विक इस्पात अतिक्षमता 62 करोड़ टन तक पहुंच गई है।

नए पैकेज शुल्क की बनावट ऐसी है कि एक ही लिफाफे में अलग-अलग श्रेणी के उत्पाद होने पर शुल्क कई गुना बढ़ जाता है। मसलन, एक टी-शर्ट, एक जोड़ी जूते और एक छाता होने पर 9 यूरो का शुल्क लगेगा, जबकि तीनों एक ही श्रेणी के होते तो सिर्फ 3 यूरो। यह राशि कई सस्ते उत्पादों की कीमत से भी अधिक पड़ सकती है। इटली में तो इस शुल्क पर 22% वैट जुड़ने से प्रति मद प्रभावी लागत 3.66 यूरो हो जाती है। कानूनी रूप से यह शुल्क विक्रेता या आयातक पर देय है, लेकिन प्लेटफॉर्म इसे उपभोक्ता मूल्य या शिपिंग खर्च में शामिल कर सकते हैं।

इस कदम से सबसे अधिक प्रभावित चीनी प्लेटफॉर्म शीन, टेमू और अलीएक्सप्रेस होंगे, जो अब तक इस छूट का लाभ उठाकर यूरोपीय बाजार में कम कीमत पर सामान बेचते थे। बेल्जियम का लीज हवाई अड्डा, जो यूरोप में हवाई मार्ग से आने वाले कुल ई-कॉमर्स पैकेजों का लगभग 30% संभालता है, वहां के संचालक भारी अनिश्चितता की बात कर रहे हैं। कनाडा पोस्ट ने तो नए नियमों के चलते ऑस्ट्रिया, फ्रांस, जर्मनी, इटली समेत 12 यूरोपीय संघ देशों के लिए पैकेज सेवाएं स्थगित कर दी हैं। दूसरी ओर, स्विट्जरलैंड इस स्थिति में एक वैकल्पिक पारगमन केंद्र के रूप में उभर सकता है, क्योंकि वह यूरोपीय संघ से बाहर है और उस पर यह शुल्क लागू नहीं होता।

इस्पात मोर्चे पर, यूरोपीय संघ ने कोटा लगभग आधा कर दिया है और अब आयातकों को यह प्रमाणित करना होगा कि इस्पात की ढलाई और कास्टिंग कहां हुई, ताकि मूल स्थान को छिपाने की कोशिशों को रोका जा सके। यूरोपीय आयोग का कहना है कि 80% इस्पात आयात मुक्त व्यापार समझौते वाले देशों से आता है, जिन्हें नए शुल्क से छूट दी गई है, लेकिन उन्हें भी एंटी-ट्राएंगुलेशन जांच से गुजरना होगा। इससे यूरोपीय कारखानों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन विनिर्माताओं के लिए कच्चा माल महंगा होने का जोखिम भी है।

ये सभी उपाय अस्थायी हैं और जुलाई 2028 तक लागू रहेंगे, जब तक यूरोपीय सीमा शुल्क संहिता का व्यापक सुधार पूरा नहीं हो जाता। भारत जैसे दक्षिण एशियाई बाजारों के लिए यह घटनाक्रम एक संकेत है कि सस्ते चीनी आयात से निपटने के लिए सीमा शुल्क ढांचे को और अधिक सख्त बनाने की वैश्विक प्रवृत्ति बढ़ रही है। अगला ध्यान देने योग्य कदम नवंबर में प्रस्तावित यूरोपीय सीमा शुल्क डेटा हब का संचालन है, जो फ्लैट शुल्क की जगह माल के मूल्य और मूल स्थान के आधार पर सामान्य शुल्क लगाएगा।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 4 भाषाएँ

32%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेसदक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस
महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस/ भूमध्यसागरीय
व्यावहारिकतासंदेह

यूरोपीय संघ ने 150 यूरो से कम मूल्य के गैर-यूरोपीय संघ पार्सल पर प्रति सीमा शुल्क वर्गीकरण तीन यूरो का एक समान शुल्क लगाया है, जिसका उद्देश्य यूरोपीय खुदरा विक्रेताओं के लिए समान प्रतिस्पर्धा की स्थिति बहाल करना और उपभोक्ताओं की बेहतर सुरक्षा करना है। यह कदम मुख्य रूप से चीनी कम लागत वाले प्लेटफार्मों को प्रभावित करता है, लेकिन लीज हवाई अड्डे जैसे केंद्रों पर लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों के बीच परिचालन प्रभाव और सीमा शुल्क जाम के जोखिम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस
चेतावनीव्यावहारिकता

यूरोपीय संघ ने चीन से आने वाले कम मूल्य के पार्सल पर तीन यूरो का शुल्क लगाया है, जो उन ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों के लिए एक और झटका है जिन्होंने अत्यधिक कम कीमतों पर बेचने के लिए सीमा शुल्क छूट का उपयोग किया। यह कदम संयुक्त राज्य अमेरिका में डी मिनिमिस छूट की समाप्ति के बाद उठाया गया है और खुदरा विक्रेताओं और नीति निर्माताओं की शिकायतों को बढ़ाता है, जबकि चीनी प्लेटफार्मों की मुख्य प्रतिस्पर्धी बढ़त कम होती जा रही है।

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बुधवार, 1 जुलाई 2026

यूरोपीय संघ ने सस्ते चीनी पैकेज और स्टील पर एक साथ कसा शिकंजा, उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर

एक जुलाई से छोटे ई-कॉमर्स पैकेजों पर प्रति मद 3 यूरो का नया शुल्क और स्टील आयात कोटा में 47% की कटौती लागू, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में हलचल तेज।

यूरोपीय संघ ने एक जुलाई से दो अलग-अलग मोर्चों पर व्यापार रक्षा उपायों को सख्त कर दिया है, जिसका केंद्र चीन से आने वाला सस्ता माल है। पहला कदम गैर-यूरोपीय संघ देशों से आने वाले 150 यूरो तक के ई-कॉमर्स पैकेजों पर 3 यूरो का सीमा शुल्क है, जो हर अलग सीमा शुल्क मद पर लागू होगा। दूसरा, इस्पात आयात पर सुरक्षा उपायों को कड़ा करते हुए तय कोटे से अधिक आयात पर शुल्क 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया और कुल आयात कोटा 2024 के स्तर से 47% घटाकर 1.83 करोड़ टन कर दिया गया। यूरोपीय आयोग के अनुसार, 2025 में 590 करोड़ छोटे पैकेज यूरोपीय संघ में दाखिल हुए, जिनमें 90% से अधिक चीन से थे, जबकि वैश्विक इस्पात अतिक्षमता 62 करोड़ टन तक पहुंच गई है।

नए पैकेज शुल्क की बनावट ऐसी है कि एक ही लिफाफे में अलग-अलग श्रेणी के उत्पाद होने पर शुल्क कई गुना बढ़ जाता है। मसलन, एक टी-शर्ट, एक जोड़ी जूते और एक छाता होने पर 9 यूरो का शुल्क लगेगा, जबकि तीनों एक ही श्रेणी के होते तो सिर्फ 3 यूरो। यह राशि कई सस्ते उत्पादों की कीमत से भी अधिक पड़ सकती है। इटली में तो इस शुल्क पर 22% वैट जुड़ने से प्रति मद प्रभावी लागत 3.66 यूरो हो जाती है। कानूनी रूप से यह शुल्क विक्रेता या आयातक पर देय है, लेकिन प्लेटफॉर्म इसे उपभोक्ता मूल्य या शिपिंग खर्च में शामिल कर सकते हैं।

इस कदम से सबसे अधिक प्रभावित चीनी प्लेटफॉर्म शीन, टेमू और अलीएक्सप्रेस होंगे, जो अब तक इस छूट का लाभ उठाकर यूरोपीय बाजार में कम कीमत पर सामान बेचते थे। बेल्जियम का लीज हवाई अड्डा, जो यूरोप में हवाई मार्ग से आने वाले कुल ई-कॉमर्स पैकेजों का लगभग 30% संभालता है, वहां के संचालक भारी अनिश्चितता की बात कर रहे हैं। कनाडा पोस्ट ने तो नए नियमों के चलते ऑस्ट्रिया, फ्रांस, जर्मनी, इटली समेत 12 यूरोपीय संघ देशों के लिए पैकेज सेवाएं स्थगित कर दी हैं। दूसरी ओर, स्विट्जरलैंड इस स्थिति में एक वैकल्पिक पारगमन केंद्र के रूप में उभर सकता है, क्योंकि वह यूरोपीय संघ से बाहर है और उस पर यह शुल्क लागू नहीं होता।

इस्पात मोर्चे पर, यूरोपीय संघ ने कोटा लगभग आधा कर दिया है और अब आयातकों को यह प्रमाणित करना होगा कि इस्पात की ढलाई और कास्टिंग कहां हुई, ताकि मूल स्थान को छिपाने की कोशिशों को रोका जा सके। यूरोपीय आयोग का कहना है कि 80% इस्पात आयात मुक्त व्यापार समझौते वाले देशों से आता है, जिन्हें नए शुल्क से छूट दी गई है, लेकिन उन्हें भी एंटी-ट्राएंगुलेशन जांच से गुजरना होगा। इससे यूरोपीय कारखानों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन विनिर्माताओं के लिए कच्चा माल महंगा होने का जोखिम भी है।

ये सभी उपाय अस्थायी हैं और जुलाई 2028 तक लागू रहेंगे, जब तक यूरोपीय सीमा शुल्क संहिता का व्यापक सुधार पूरा नहीं हो जाता। भारत जैसे दक्षिण एशियाई बाजारों के लिए यह घटनाक्रम एक संकेत है कि सस्ते चीनी आयात से निपटने के लिए सीमा शुल्क ढांचे को और अधिक सख्त बनाने की वैश्विक प्रवृत्ति बढ़ रही है। अगला ध्यान देने योग्य कदम नवंबर में प्रस्तावित यूरोपीय सीमा शुल्क डेटा हब का संचालन है, जो फ्लैट शुल्क की जगह माल के मूल्य और मूल स्थान के आधार पर सामान्य शुल्क लगाएगा।

स्रोतों में मतभेद

अर्थव्यवस्था और बाजार · 5 स्रोत · 4 भाषाएँ

32%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

समर्थक80%
न्यूनत्र20%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 4 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेसदक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस
महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस/ भूमध्यसागरीय
व्यावहारिकतासंदेह

यूरोपीय संघ ने 150 यूरो से कम मूल्य के गैर-यूरोपीय संघ पार्सल पर प्रति सीमा शुल्क वर्गीकरण तीन यूरो का एक समान शुल्क लगाया है, जिसका उद्देश्य यूरोपीय खुदरा विक्रेताओं के लिए समान प्रतिस्पर्धा की स्थिति बहाल करना और उपभोक्ताओं की बेहतर सुरक्षा करना है। यह कदम मुख्य रूप से चीनी कम लागत वाले प्लेटफार्मों को प्रभावित करता है, लेकिन लीज हवाई अड्डे जैसे केंद्रों पर लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों के बीच परिचालन प्रभाव और सीमा शुल्क जाम के जोखिम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस
चेतावनीव्यावहारिकता

यूरोपीय संघ ने चीन से आने वाले कम मूल्य के पार्सल पर तीन यूरो का शुल्क लगाया है, जो उन ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों के लिए एक और झटका है जिन्होंने अत्यधिक कम कीमतों पर बेचने के लिए सीमा शुल्क छूट का उपयोग किया। यह कदम संयुक्त राज्य अमेरिका में डी मिनिमिस छूट की समाप्ति के बाद उठाया गया है और खुदरा विक्रेताओं और नीति निर्माताओं की शिकायतों को बढ़ाता है, जबकि चीनी प्लेटफार्मों की मुख्य प्रतिस्पर्धी बढ़त कम होती जा रही है।

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