
जापान में भूकंप और दो तूफानों का कहर: एक मृत, कई घायल, लाखों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश
पिछले दो दिनों में आए शक्तिशाली भूकंपों और मेकखाला व हिगोस तूफानों ने जापान में भारी बारिश, भूस्खलन और यातायात अवरोध पैदा किए, जिससे एक की मौत और कई घायल हुए।
जापान के पश्चिमी प्रान्त यामागुची में शुक्रवार को भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से एक मकान ढह गया, जिसमें 70 वर्षीय एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों और क्योदो समाचार एजेंसी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब दो उष्णकटिबंधीय तूफान और मौसमी वर्षा का दबाव पूरे देश में सक्रिय थे। इसके अलावा, गुरुवार और शुक्रवार को उत्तर और मध्य जापान में आए कई भूकंपों—जिनमें इवाते में 7.2 तीव्रता का एक बड़ा झटका भी शामिल है—के कारण कम से कम छह लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, हालांकि किसी सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई।
भूकंपों का सिलसिला गुरुवार सुबह इवाते प्रान्त में 7.2 तीव्रता के झटके से शुरू हुआ, जिसके बाद शुक्रवार को चिबा में 5.8 और यामानाशी में 5.6 तीव्रता के दो और भूकंप आए। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि भौगोलिक दूरी के कारण इन भूकंपों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। यामानाशी का भूकंप विशेष चिंता का विषय इसलिए रहा क्योंकि इसका केंद्र सुप्त ज्वालामुखी माउंट फ़ूजी से मात्र 30 किलोमीटर दूर था, लेकिन प्रारंभिक जाँच में ज्वालामुखीय गतिविधि में कोई असामान्यता नहीं पाई गई। भूकंपों से कई इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हुई, सड़कें बंद रहीं और शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवाएँ अस्थायी रूप से रोकनी पड़ीं।
इस बीच, मेकखाला और हिगोस नामक दो तूफानों ने पूर्वी और पश्चिमी जापान में भारी तबाही मचाई। मौसम एजेंसी के अनुसार, हिगोस शनिवार सुबह कमज़ोर पड़कर अवदाब में बदल गया, जबकि मेकखाला रात तक कांटो क्षेत्र के पास पहुँचा और बाद में एक अतिरिक्त-उष्णकटिबंधीय चक्रवात में तब्दील हो गया। इन तूफानों और एक स्थिर मौसमी वर्षा मोर्चे के कारण नागासाकी, कुमामोतो और सागा प्रान्तों में 500-600 मिलीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे व्यापक बाढ़ और भूस्खलन हुए।
आपदा प्रबंधन एजेंसी ने शुरू में 13 प्रान्तों के 20 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया था, लेकिन बाद में यह संख्या घटाकर लगभग 1.91 लाख कर दी गई। क्योटो के सेइका क्षेत्र में भूस्खलन के बाद सर्वोच्च स्तर-5 की आपात चेतावनी जारी की गई। तूफानों के कारण 200 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं और कांटो, तोहोकू व शिनेत्सु क्षेत्रों में बुलेट ट्रेन सेवाएँ प्रभावित रहीं। प्रधानमंत्री ताकाइची सानाए ने स्थिति से निपटने के लिए एक टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की और कहा कि जीवन की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्थानीय प्रशासन और आपात सेवाएँ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और क्षति आकलन में जुटी हैं। अभी तक किसी परमाणु संयंत्र से असामान्य विकिरण की सूचना नहीं है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी वर्षा और भूस्खलन के जोखिम को देखते हुए सतर्कता बनाए रखने की अपील की है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ
जापान में दो उष्णकटिबंधीय तूफानों से भारी बारिश हो रही है, जिससे भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है और दस लाख लोगों को निकाला गया है। सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी गईं और प्रमुख कारखानों ने काम रोक दिया।
उष्णकटिबंधीय तूफान मेकखाला के शनिवार रात तक पूर्वी जापान के पास पहुंचने का अनुमान है, इसके एक्स्ट्राट्रॉपिकल चक्रवात में बदलने की संभावना है। इस बीच, हिगोस पहले ही बोसो प्रायद्वीप से दूर जा चुका है और कमजोर पड़ गया है, जबकि मौसमी वर्षा मोर्चा क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
ट्रंप ने कतर से उपहार में मिले नए एयर फोर्स वन की पहली उड़ान भरी
10 भाषाएँ · 26 स्रोत
Economy & Markets सेअमेरिका ने T-MEC का दीर्घकालिक नवीनीकरण रोका, वार्षिक समीक्षा से बढ़ी अनिश्चितता
7 भाषाएँ · 33 स्रोत
Technology सेव्हाट्सएप के यूजरनेम फीचर पर भारत सरकार की रोक, तीन दिन में मांगा जवाब
3 भाषाएँ · 10 स्रोत