
अमेरिका ने ईरानी तेल पर 60 दिन की प्रतिबंध छूट दी, शांति वार्ता में प्रगति
अमेरिकी राजकोष विभाग ने होर्मुज जलडमरूमध्य में मुक्त आवागमन और परमाणु निरीक्षकों की वापसी के बदले ईरानी कच्चे तेल की बिक्री को 21 अगस्त तक मंजूरी दी।
अमेरिकी राजकोष विभाग ने सोमवार को एक अस्थायी सामान्य लाइसेंस जारी कर ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल और पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन, आपूर्ति और बिक्री को 21 अगस्त 2026 तक के लिए मंजूरी दे दी। यह कदम पिछले सप्ताह वाशिंगटन और तेहरान के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत उठाया गया, जिसके तहत दोनों पक्ष स्विट्जरलैंड में अंतिम शांति समझौते की दिशा में बातचीत कर रहे हैं। इस घोषणा के तुरंत बाद वैश्विक तेल बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 80 डॉलर प्रति बैरल से गिरकर 77.6 डॉलर पर आ गया, जो युद्ध के चरम पर पहुंचे 126 डॉलर के स्तर से काफी नीचे है।
अमेरिकी पक्ष के अनुसार, राजकोष सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में मुक्त और खुले पारगमन सुनिश्चित करने तथा अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के निरीक्षकों को अपने क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति देने का वचन दिया है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसे “स्थायी परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में पहला कदम” बताया। वहीं, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पुष्टि की कि तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर से प्रतिबंध हटा लिए गए हैं और कुछ जमे हुए वित्तीय संसाधनों को अनफ्रीज किया गया है, हालांकि ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि परमाणु मुद्दे पर केवल संक्षिप्त चर्चा हुई, विस्तृत वार्ता शुरू नहीं हुई। मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान और कतर ने संयुक्त बयान में कहा कि पहले दौर की बातचीत “सकारात्मक माहौल” में हुई और 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है।
जारी लाइसेंस के तहत ईरानी तेल को अमेरिका में आयात करने की भी अनुमति दी गई है, बशर्ते वह बिक्री या डिलीवरी पूरी करने के लिए जरूरी हो। भुगतान अमेरिकी डॉलर में किया जा सकता है। हालांकि, इसमें उत्तर कोरिया, क्यूबा और यूक्रेन के क्रीमिया व पूर्वी क्षेत्रों से जुड़े लेन-देन शामिल नहीं हैं। यह राहत फरवरी के अंत में अमेरिकी-इजरायली हमलों से शुरू हुए युद्ध और उसके बाद लागू हुए अनिश्चित युद्धविराम की पृष्ठभूमि में आई है। युद्ध के दौरान ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई थी। इजरायली नेतृत्व ने समझौते पर गहरी आपत्ति जताई है और दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखने की बात कही है।
अमेरिका ने 1979 की क्रांति के बाद पहली बार ईरान पर प्रतिबंध लगाए थे, जिन्हें बाद में परमाणु कार्यक्रम और आतंकवादी संगठनों को समर्थन के चलते और कड़ा किया गया। 2018 में तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु समझौते (जेसीपीओए) से अमेरिका को अलग कर “अधिकतम दबाव” की नीति अपनाई थी। अब वही ट्रंप प्रशासन 60 दिनों की इस छूट के जरिए एक व्यापक समझौते की नींव रख रहा है। तकनीकी दल स्विट्जरलैंड में आगामी सप्ताहों तक बातचीत जारी रखेंगे, जिसमें परमाणु निगरानी, प्रतिबंधों में और ढील और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर अंतिम सहमति बनाने का प्रयास होगा। अगस्त 2026 की समयसीमा तक या तो स्थायी शांति समझौता होगा या प्रतिबंध छूट समाप्त हो जाएगी।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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अमेरिका ने आखिरकार ईरानी तेल पर दशकों पुराने प्रतिबंधों में ढील दी है, जो उत्पादक शांति वार्ता के माध्यम से तेहरान के लिए एक बड़ी जीत है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में मुक्त पारगमन सुनिश्चित करने और IAEA निरीक्षकों को अनुमति देने का वचन देकर सद्भावना दिखाई है। यह अस्थायी लाइसेंस अंतिम शांति समझौते और सभी अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों को हटाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
अमेरिका ने ईरानी तेल बिक्री के लिए 60 दिन का अस्थायी लाइसेंस जारी किया है, जो तेहरान की परमाणु निरीक्षकों को अनुमति देने और होर्मुज जलडमरूमध्य में मुक्त मार्ग सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता पर सशर्त है। यह कदम मध्य पूर्व युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रही शांति वार्ता का हिस्सा है, जिसमें वाशिंगटन ने छूट की सीमित और प्रतिवर्ती प्रकृति पर जोर दिया है।
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