
हालैंड के बिना उतरी नॉर्वे पर फ्रांस का शुरुआती हमला, डेम्बेले ने 19 मिनट में दागे दो गोल
नॉर्वे ने स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड को आराम देते हुए पूरी तरह बदली हुई टीम उतारी, लेकिन फ्रांस ने शुरुआती 20 मिनट में ही दो गोल कर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया।
बोस्टन स्टेडियम में खेले जा रहे ग्रुप-I के इस अहम मुकाबले की शुरुआत फ्रांस के लिए धमाकेदार रही। छठे मिनट में किलियन एम्बाप्पे की सहायता से ओस्मान डेम्बेले ने पहला गोल दागा, और इसके कुछ ही देर बाद एम्बाप्पे का शॉट क्रॉसबार से टकराकर नॉर्वे की मुश्किलें बढ़ा गया। 19वें मिनट में डेम्बेले ने अपना दूसरा गोल कर फ्रांस को 2-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, नॉर्वे ने तुरंत पलटवार करते हुए 21वें मिनट में एक गोल वापस ले लिया, जिससे स्कोर 2-1 हो गया और मैच में रोमांच लौट आया।
यह टक्कर उस समय और भी चौंकाने वाली बन गई जब नॉर्वे के कोच स्टॉले सोलबाकेन ने अपनी पूरी प्लेइंग इलेवन बदल दी। एर्लिंग हालैंड, मार्टिन ओडेगार्ड और अलेक्जेंडर सोरलोथ जैसे सितारे बेंच पर बैठे रहे, जबकि पिछले मैच के केवल एक खिलाड़ी फ्रेडरिक ऑर्सनेस को ही शुरुआती लाइनअप में जगह मिली। गोलकीपर ओर्जन नाइलैंड की जगह एगिल सेल्विक को उतारा गया। इस फैसले ने दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों को निराश किया, जो एम्बाप्पे और हालैंड के बीच सीधी टक्कर देखने को बेताब थे।
इस बड़े फेरबदल के पीछे के कारणों को लेकर अलग-अलग भौगोलिक नजरिए सामने आए। यूरोपीय मीडिया ने इसे मुख्य रूप से खिलाड़ियों की थकान प्रबंधन की रणनीति बताया, क्योंकि 2026 विश्व कप में लंबी यात्राएं और हर तीन दिन में मैच का कार्यक्रम शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। वहीं, लैटिन अमेरिकी विश्लेषकों ने संभावित रणनीतिक लाभ की ओर इशारा किया: यदि नॉर्वे दूसरे स्थान पर रहता है तो उसे अगले दौर में कोस्टा डि आइवर और फिर संभवतः ब्राजील का सामना करना पड़ेगा, जबकि ग्रुप विजेता बनने पर जर्मनी जैसी मजबूत टीम से भिड़ंत हो सकती है। हालांकि, नॉर्वे के कोच ने सार्वजनिक रूप से केवल खिलाड़ियों को तरोताजा रखने की बात कही।
दोनों टीमें पहले ही छह-छह अंकों के साथ अगले दौर में प्रवेश कर चुकी थीं, लेकिन गोल अंतर के आधार पर फ्रांस शीर्ष पर था। इस मैच का नतीजा सीधे तौर पर ग्रुप विजेता का फैसला करेगा। फ्रांस के कोच डिडिए डेसचैम्प्स अपनी मां के निधन के कारण मौजूद नहीं थे, और उनकी अनुपस्थिति में गाय स्टीफन ने टीम की कमान संभाली। मैच के शुरुआती 21 मिनट तक फ्रांस का दबदबा साफ दिखा, लेकिन नॉर्वे के त्वरित जवाबी गोल ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह आसान जीत नहीं होगी।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
पेरू में केइको फुजीमोरी की जीत: 50,000 से कम वोटों के अंतर से राष्ट्रपति चुनाव का नतीजा तय
8 भाषाएँ · 49 स्रोत
Economy & Markets सेयूरोप में चीन का कारखाना अधिग्रहण: टैरिफ से बचने की नई रणनीति
3 भाषाएँ · 6 स्रोत
Technology सेWhatsApp में अब बिना नंबर चैट: यूज़रनेम रिज़र्वेशन शुरू, भारतीय सीईओ ने दी जानकारी
8 भाषाएँ · 29 स्रोत