
स्पेन के हाथों सेमीफ़ाइनल में फ्रांस की करारी हार, डेसचैम्प्स का 14 साल का सफ़र ख़त्म, ज़िदान की तैयारी पूरी
डलास में स्पेन ने 2-0 से हराकर फ्रांस की विश्व कप उम्मीदें तोड़ दीं, अब तीसरे स्थान का मुक़ाबला डेसचैम्प्स का आख़िरी मैच होगा और ज़िनेदिन ज़िदान ने चुपचाप अपनी कोचिंग टीम तैयार कर ली है।
एटीएंडटी स्टेडियम में खेले गए पहले सेमीफ़ाइनल में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर लेस ब्लूज़ के विश्व कप जीतने के सपने को तोड़ दिया। मिकेल ओयारज़ाबल ने 22वें मिनट में पेनल्टी पर गोल करके ला फुरिया रोहा को बढ़त दिलाई, जो लुकास डीन के फ़ाउल के बाद मिली थी। दूसरे हाफ़ में पेड्रो पोरो ने 58वें मिनट में दानी ओल्मो के पास पर शानदार फ़िनिश करके स्कोर 2-0 कर दिया। फ्रांस पूरे मैच में सिर्फ़ 10 शॉट लगा सका और उसका एक्सपेक्टेड गोल महज़ 0.3 रहा, जो टूर्नामेंट में उसका सबसे कमज़ोर आक्रामक प्रदर्शन था। कप्तान किलियन एमबापे ने मैच के बाद रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा, “हम मिडफ़ील्ड में तीन के मुक़ाबले दो थे और स्पेन के ख़िलाफ़ यह मुश्किल था। हम तकनीकी रूप से बहुत ढीले थे और खेल को नियंत्रित नहीं कर सके।” फ्रांसीसी अख़बार लेकिप ने एमबापे को 10 में से 3 अंक दिए और टीम को ‘अहंकारी और मैदान में ग़ायब’ करार दिया। यह हार 14 जुलाई को हुई, जिस दिन पेरिस में राष्ट्रीय गौरव का जश्न मनाया जा रहा था, जिससे निराशा और गहरी हो गई।
यह मैच दीदिए डेसचैम्प्स के 14 साल के कार्यकाल का आख़िरी बड़ा मुक़ाबला साबित हुआ। 57 वर्षीय कोच ने जनवरी 2025 में ही घोषणा कर दी थी कि इस विश्व कप के बाद वह पद छोड़ देंगे। डलास में वह अपना 26वाँ विश्व कप मैच खेल रहे थे, जो किसी भी प्रबंधक द्वारा सबसे अधिक है – उन्होंने पश्चिम जर्मनी के हेल्मुट शॉन के 25 मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। डेसचैम्प्स उन तीन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने खिलाड़ी और कोच दोनों के रूप में विश्व कप जीता है। उनके मार्गदर्शन में फ्रांस ने 2018 का ख़िताब जीता, 2022 में उपविजेता रहा और 2014 व 2026 में क्रमशः क्वार्टर व सेमीफ़ाइनल तक का सफ़र तय किया। मैच के बाद डेसचैम्प्स ने कहा, “मैं बेहद ख़ुश हूँ। हमने जो कुछ भी हासिल किया उस पर मुझे गर्व है।” पूर्व स्ट्राइकर ओलिविए जिरू ने कहा कि डेसचैम्प्स “बड़े दरवाज़े से विदाई के हक़दार थे” लेकिन उनका रिकॉर्ड ख़ुद बोलता है। अब शनिवार को मियामी में तीसरे स्थान के लिए होने वाला मुक़ाबला – जो अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच हारने वाली टीम के ख़िलाफ़ होगा – उनका आख़िरी मैच होगा।
डेसचैम्प्स की विदाई के साथ ही ज़िनेदिन ज़िदान के फ्रांस की कमान संभालने का रास्ता साफ़ हो गया है। यूरोपीय और दक्षिण अमेरिकी मीडिया में छपी ख़बरों के अनुसार, ज़िदान और फ्रांसीसी फुटबॉल महासंघ के बीच मार्च से ही मौखिक सहमति बन चुकी है। पत्रकार फ़ाब्रिज़ियो रोमानो ने बताया कि ज़िदान ने पिछले आठ महीनों में किसी अन्य प्रस्ताव पर विचार नहीं किया और केवल राष्ट्रीय टीम का पद चाहते थे। फ्रांसीसी खेल समाचार पत्र ले 10 स्पोर्ट के मुताबिक़, ज़िदान ने चुपचाप अपने विश्वस्त सहायक डेविड बेटोनी और हमीदू मसाइदी को साथ लेकर कोचिंग स्टाफ़ तैयार कर लिया है और माइकल ओलिसे को नंबर 10 की भूमिका में रखकर खेल योजना बना ली है। ज़िदान ने रियल मैड्रिड के साथ तीन चैंपियंस लीग ख़िताब जीते हैं और 1998 में खिलाड़ी के रूप में विश्व कप जीतने का अनुभव रखते हैं।
फ्रांस के लिए यह एक युग का अंत है। टीम में प्रतिभा की कमी नहीं है – एमबापे, उस्मान डेम्बेले और ओलिसे जैसे सितारे मौजूद हैं – लेकिन स्पेन के ख़िलाफ़ सामूहिक प्रदर्शन ने दिखा दिया कि सिर्फ़ नाम काफ़ी नहीं होते। डेसचैम्प्स का एक कथन आज भी गूँजता है: “सिर्फ़ प्रतिभा से नहीं जीता जाता, दिमाग़ से जीता जाता है।” अब ज़िदान के सामने एमबापे जैसे असंतुष्ट सितारे को संभालने और टीम को फिर से ख़िताबी राह पर ले जाने की चुनौती होगी। तीसरे स्थान का मैच डेसचैम्प्स की विदाई का मंच बनेगा, जबकि ज़िदान के आने की औपचारिक घोषणा विश्व कप समाप्ति के बाद होने की उम्मीद है।
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.70 | critical |
|---|---|---|
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | +0.20 | neutral |
| उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस | −0.30 | critical |
La Francia esce dal Mondiale con una sconfitta umiliante; Deschamps lascia tra polemiche e accuse, mentre Zidane attende il suo turno.
The bloc amplifies emotional language and personal drama (accusations, 'pessima figura') to frame the exit as a moral failure, making Zidane's arrival seem like a cleansing renewal.
The bloc omits Deschamps' historic record as the manager with most World Cup appearances, which would soften the narrative of failure.
Zidane já tem acordo verbal com a federação francesa; a saída de Deschamps é apenas um passo burocrático para a nova era.
The bloc treats the succession as a done deal, using sources like Fabrizio Romano to create a sense of inevitability, thereby shifting attention away from the defeat and onto the future.
The bloc omits the harsh criticism of Deschamps and the team's disappointing performance, which would temper the celebratory tone about Zidane.
Deschamps gets a farewell game no one wants, with France managing only 10 shots and 0.3 xG in a flat performance.
The bloc uses cold statistics (shots, xG) to frame the defeat as a factual underperformance, avoiding emotional or moral judgments, which makes the narrative appear objective.
The bloc omits the narrative of Zidane's imminent succession, which is central to other blocs' framing, thereby keeping the focus solely on Deschamps' statistical record.
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