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लेबनान-इज़राइल समझौता: अमेरिकी कूटनीति के दोहरे मानक और बेरूत में आंतरिक टकराव की आशंकाफ्रांस, इटली और अर्जेंटीना में जून में मुद्रास्फीति में गिरावट, ऊर्जा कीमतों में नरमी से राहतरोज़मर्रा के आहार में छिपा सेहत का राज: फाइबर, प्रोटीन और हाइड्रेशन से मेटाबॉलिज्म पर नियंत्रणरूसी फिगर स्केटर्स की तटस्थ दर्जे के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वापसीरूस ने 419 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए, मॉस्को क्षेत्र में शिशु की मौतगुलाबी पर्सनैलिटी और पीले मिनियंस: जुलाई 2026 में दो आइकॉनिक किरदारों की वापसीमार्टिनेली का अंतिम क्षणों में गोल: ब्राजील ने जापान को हराकर 88 साल बाद नॉकआउट में पिछड़ने के बाद जीत दर्ज कीब्राजील के प्रतिद्वंद्वी का फैसला: कोस्टा डि आइवरी और नॉर्वे आमने-सामने, फ्रांस की स्वीडन से कड़ी टक्करलेबनान-इज़राइल समझौता: अमेरिकी कूटनीति के दोहरे मानक और बेरूत में आंतरिक टकराव की आशंकाफ्रांस, इटली और अर्जेंटीना में जून में मुद्रास्फीति में गिरावट, ऊर्जा कीमतों में नरमी से राहतरोज़मर्रा के आहार में छिपा सेहत का राज: फाइबर, प्रोटीन और हाइड्रेशन से मेटाबॉलिज्म पर नियंत्रणरूसी फिगर स्केटर्स की तटस्थ दर्जे के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वापसीरूस ने 419 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए, मॉस्को क्षेत्र में शिशु की मौतगुलाबी पर्सनैलिटी और पीले मिनियंस: जुलाई 2026 में दो आइकॉनिक किरदारों की वापसीमार्टिनेली का अंतिम क्षणों में गोल: ब्राजील ने जापान को हराकर 88 साल बाद नॉकआउट में पिछड़ने के बाद जीत दर्ज कीब्राजील के प्रतिद्वंद्वी का फैसला: कोस्टा डि आइवरी और नॉर्वे आमने-सामने, फ्रांस की स्वीडन से कड़ी टक्कर
भू-राजनीति और राजनीतिसोमवार, 29 जून 2026

दक्षिणी सीरिया में इज़रायली घुसपैठ के खिलाफ ग्रामीणों का प्रतिरोध, अरब जगत ने की निंदा

आबिदीन गांव में इज़रायली सेना के प्रवेश के बाद स्थानीय लोगों ने पथराव किया, जिसके बाद इज़रायल ने गोलाबारी की; सीरिया और क्षेत्रीय देशों ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया।

दक्षिणी सीरिया के दरा प्रांत के आबिदीन गांव में रविवार को इज़रायली सैनिकों के प्रवेश के बाद ग्रामीणों ने सड़कें जाम कर पथराव किया, जिसके जवाब में इज़रायली बलों ने तोपखाने और हेलीकॉप्टर से गोलाबारी की। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इज़रायली सेना ने गांव के निकट तंबू लगाकर स्थायी चौकी बनाने का प्रयास किया, लेकिन निवासियों के प्रतिरोध के कारण उसे रात में ही तंबू जलाकर पीछे हटना पड़ा। गोलाबारी से कोई हताहत नहीं हुआ, परंतु दहशत के कारण अनेक परिवारों ने रात में पलायन किया; सोमवार सुबह संयुक्त राष्ट्र विस्थापन पर्यवेक्षक बल (यूएनडीओएफ) के गश्ती दल के गांव में पहुंचने के बाद लोगों की वापसी शुरू हुई। यह घटना दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के शासन के पतन के बाद से इज़रायल द्वारा कुनेइत्रा और दरा प्रांतों में लगातार बढ़ रही घुसपैठ और हवाई हमलों की श्रृंखला का ताज़ा मामला है।

सीरियाई विदेश मंत्रालय ने सोमवार को ‘कठोरतम शब्दों’ में इन घुसपैठों और गोलाबारी की निंदा करते हुए इसे सीरियाई संप्रभुता और 1974 के विस्थापन समझौते का ‘घोर उल्लंघन’ बताया। सऊदी अरब, कतर, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्की की सरकारों ने भी अलग-अलग बयानों में इज़रायली कार्रवाइयों की कड़ी आलोचना की और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन तथा नागरिकों को आतंकित करने की बात कही। इन सभी देशों ने 1974 के समझौते के पालन और सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति समर्थन दोहराया। हमास के प्रवक्ता ने भी इस आक्रमण को फलस्तीन और लेबनान के विरुद्ध आक्रामकता का विस्तार बताते हुए आबिदीन के लोगों के प्रतिरोध की सराहना की।

इज़रायली सैन्य अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी सीरिया में ये अभियान सीमा के निकट सशस्त्र समूहों, विशेषकर हिज़्बुल्लाह, को स्थापित होने से रोकने के लिए हैं। शनिवार को इज़रायली सेना ने ‘सुरक्षा क्षेत्र’ में कुछ सशस्त्र लोगों को मार गिराने का दावा किया, हालांकि स्थानीय प्रशासन ने किसी संगठित सशस्त्र उपस्थिति से इनकार किया है। एक इज़रायली अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि बफर ज़ोन पर कब्ज़ा अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। वहीं, स्थानीय अधिकारियों और निवासियों का कहना है कि ये घुसपैठ वास्तव में सीमावर्ती गांवों में नई सैन्य वास्तविकता थोपने और कृषि भूमि पर कब्ज़े का प्रयास है।

दिसंबर 2024 में असद शासन के अंत के तुरंत बाद इज़रायल ने 1974 के विस्थापन समझौते को समाप्त घोषित करते हुए गोलान पहाड़ियों के सीरियाई हिस्से में स्थित असैन्यीकृत बफर ज़ोन पर कब्ज़ा कर लिया था। तब से इज़रायली बल दर्जनों गांवों में प्रवेश कर चुके हैं, घरों की तलाशी ले चुके हैं और नागरिकों को गिरफ्तार कर चुके हैं। आबिदीन की घटना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहला मौका है जब किसी आबाद गांव में स्थानीय स्तर पर सामूहिक प्रतिरोध के कारण इज़रायली सेना को बिना चौकी स्थापित किए पीछे हटना पड़ा।

क्षेत्रीय प्रतिक्रियाओं और यूएनडीओएफ की सक्रियता के बावजूद, इस मामले में तत्काल किसी ठोस कूटनीतिक पहल के संकेत नहीं हैं। इज़रायल ने बफर ज़ोन में अपनी दीर्घकालिक उपस्थिति के संकेत दिए हैं, जबकि सीरियाई अंतरिम सरकार और अरब देश अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। फिलहाल दक्षिणी सीरिया में तनाव बरकरार है और स्थानीय आबादी का प्रतिरोध भविष्य में और व्यापक टकराव की आशंका पैदा कर रहा है।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

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लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अरब लेवांत-मगरिब प्रेसईरानी और संबद्ध प्रेस
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
आक्रोशचेतावनीपीड़ितभाव

दमिश्क और सहयोगी सरकारें दारा और कुनेइत्रा में इज़रायली घुसपैठ की कड़ी निंदा करती हैं, इसे संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन बताती हैं। आबिदीन गांव में जन प्रतिरोध ने कब्ज़ा करने वाली सेनाओं को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया, जो आक्रामकता के प्रति लोगों के इनकार को दर्शाता है। ये हमले नागरिकों को आतंकित करते हैं और स्थिरता को कमज़ोर करते हैं, जिससे तत्काल अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप आवश्यक हो जाता है।

ईरानी और संबद्ध प्रेस/ शासन
आक्रोशप्रतिशोधवादचेतावनी

ज़ायोनी शासन का दक्षिणी सीरिया में सैन्य प्रवेश सीरियाई क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन और एक खतरनाक वृद्धि है। आबिदीन के लोगों का प्रतिरोध, जिन्होंने कब्ज़ाधारियों का सामना किया, इज़रायली विस्तारवाद की क्षेत्रीय अस्वीकृति का प्रतीक है। तेहरान और उसके सहयोगी इन बार-बार होने वाली आक्रामकताओं को रोकने के लिए वैश्विक दबाव की मांग करते हैं जो क्षेत्रीय तनाव को बढ़ावा देती हैं।

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लेबनान-इज़राइल समझौता: अमेरिकी कूटनीति के दोहरे मानक और बेरूत में आंतरिक टकराव की आशंका·फ्रांस, इटली और अर्जेंटीना में जून में मुद्रास्फीति में गिरावट, ऊर्जा कीमतों में नरमी से राहत·रोज़मर्रा के आहार में छिपा सेहत का राज: फाइबर, प्रोटीन और हाइड्रेशन से मेटाबॉलिज्म पर नियंत्रण·रूसी फिगर स्केटर्स की तटस्थ दर्जे के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वापसी·रूस ने 419 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए, मॉस्को क्षेत्र में शिशु की मौत·गुलाबी पर्सनैलिटी और पीले मिनियंस: जुलाई 2026 में दो आइकॉनिक किरदारों की वापसी·मार्टिनेली का अंतिम क्षणों में गोल: ब्राजील ने जापान को हराकर 88 साल बाद नॉकआउट में पिछड़ने के बाद जीत दर्ज की·ब्राजील के प्रतिद्वंद्वी का फैसला: कोस्टा डि आइवरी और नॉर्वे आमने-सामने, फ्रांस की स्वीडन से कड़ी टक्कर·लेबनान-इज़राइल समझौता: अमेरिकी कूटनीति के दोहरे मानक और बेरूत में आंतरिक टकराव की आशंका·फ्रांस, इटली और अर्जेंटीना में जून में मुद्रास्फीति में गिरावट, ऊर्जा कीमतों में नरमी से राहत·रोज़मर्रा के आहार में छिपा सेहत का राज: फाइबर, प्रोटीन और हाइड्रेशन से मेटाबॉलिज्म पर नियंत्रण·रूसी फिगर स्केटर्स की तटस्थ दर्जे के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वापसी·रूस ने 419 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए, मॉस्को क्षेत्र में शिशु की मौत·गुलाबी पर्सनैलिटी और पीले मिनियंस: जुलाई 2026 में दो आइकॉनिक किरदारों की वापसी·मार्टिनेली का अंतिम क्षणों में गोल: ब्राजील ने जापान को हराकर 88 साल बाद नॉकआउट में पिछड़ने के बाद जीत दर्ज की·ब्राजील के प्रतिद्वंद्वी का फैसला: कोस्टा डि आइवरी और नॉर्वे आमने-सामने, फ्रांस की स्वीडन से कड़ी टक्कर·
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सोमवार, 29 जून 2026

दक्षिणी सीरिया में इज़रायली घुसपैठ के खिलाफ ग्रामीणों का प्रतिरोध, अरब जगत ने की निंदा

आबिदीन गांव में इज़रायली सेना के प्रवेश के बाद स्थानीय लोगों ने पथराव किया, जिसके बाद इज़रायल ने गोलाबारी की; सीरिया और क्षेत्रीय देशों ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया।

दक्षिणी सीरिया के दरा प्रांत के आबिदीन गांव में रविवार को इज़रायली सैनिकों के प्रवेश के बाद ग्रामीणों ने सड़कें जाम कर पथराव किया, जिसके जवाब में इज़रायली बलों ने तोपखाने और हेलीकॉप्टर से गोलाबारी की। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इज़रायली सेना ने गांव के निकट तंबू लगाकर स्थायी चौकी बनाने का प्रयास किया, लेकिन निवासियों के प्रतिरोध के कारण उसे रात में ही तंबू जलाकर पीछे हटना पड़ा। गोलाबारी से कोई हताहत नहीं हुआ, परंतु दहशत के कारण अनेक परिवारों ने रात में पलायन किया; सोमवार सुबह संयुक्त राष्ट्र विस्थापन पर्यवेक्षक बल (यूएनडीओएफ) के गश्ती दल के गांव में पहुंचने के बाद लोगों की वापसी शुरू हुई। यह घटना दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के शासन के पतन के बाद से इज़रायल द्वारा कुनेइत्रा और दरा प्रांतों में लगातार बढ़ रही घुसपैठ और हवाई हमलों की श्रृंखला का ताज़ा मामला है।

सीरियाई विदेश मंत्रालय ने सोमवार को ‘कठोरतम शब्दों’ में इन घुसपैठों और गोलाबारी की निंदा करते हुए इसे सीरियाई संप्रभुता और 1974 के विस्थापन समझौते का ‘घोर उल्लंघन’ बताया। सऊदी अरब, कतर, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्की की सरकारों ने भी अलग-अलग बयानों में इज़रायली कार्रवाइयों की कड़ी आलोचना की और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन तथा नागरिकों को आतंकित करने की बात कही। इन सभी देशों ने 1974 के समझौते के पालन और सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति समर्थन दोहराया। हमास के प्रवक्ता ने भी इस आक्रमण को फलस्तीन और लेबनान के विरुद्ध आक्रामकता का विस्तार बताते हुए आबिदीन के लोगों के प्रतिरोध की सराहना की।

इज़रायली सैन्य अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी सीरिया में ये अभियान सीमा के निकट सशस्त्र समूहों, विशेषकर हिज़्बुल्लाह, को स्थापित होने से रोकने के लिए हैं। शनिवार को इज़रायली सेना ने ‘सुरक्षा क्षेत्र’ में कुछ सशस्त्र लोगों को मार गिराने का दावा किया, हालांकि स्थानीय प्रशासन ने किसी संगठित सशस्त्र उपस्थिति से इनकार किया है। एक इज़रायली अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि बफर ज़ोन पर कब्ज़ा अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। वहीं, स्थानीय अधिकारियों और निवासियों का कहना है कि ये घुसपैठ वास्तव में सीमावर्ती गांवों में नई सैन्य वास्तविकता थोपने और कृषि भूमि पर कब्ज़े का प्रयास है।

दिसंबर 2024 में असद शासन के अंत के तुरंत बाद इज़रायल ने 1974 के विस्थापन समझौते को समाप्त घोषित करते हुए गोलान पहाड़ियों के सीरियाई हिस्से में स्थित असैन्यीकृत बफर ज़ोन पर कब्ज़ा कर लिया था। तब से इज़रायली बल दर्जनों गांवों में प्रवेश कर चुके हैं, घरों की तलाशी ले चुके हैं और नागरिकों को गिरफ्तार कर चुके हैं। आबिदीन की घटना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहला मौका है जब किसी आबाद गांव में स्थानीय स्तर पर सामूहिक प्रतिरोध के कारण इज़रायली सेना को बिना चौकी स्थापित किए पीछे हटना पड़ा।

क्षेत्रीय प्रतिक्रियाओं और यूएनडीओएफ की सक्रियता के बावजूद, इस मामले में तत्काल किसी ठोस कूटनीतिक पहल के संकेत नहीं हैं। इज़रायल ने बफर ज़ोन में अपनी दीर्घकालिक उपस्थिति के संकेत दिए हैं, जबकि सीरियाई अंतरिम सरकार और अरब देश अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। फिलहाल दक्षिणी सीरिया में तनाव बरकरार है और स्थानीय आबादी का प्रतिरोध भविष्य में और व्यापक टकराव की आशंका पैदा कर रहा है।

स्रोतों में मतभेद

भू-राजनीति और राजनीति · 4 स्रोत · 2 भाषाएँ

0%कम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

निंदक100%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अरब लेवांत-मगरिब प्रेसईरानी और संबद्ध प्रेस
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
आक्रोशचेतावनीपीड़ितभाव

दमिश्क और सहयोगी सरकारें दारा और कुनेइत्रा में इज़रायली घुसपैठ की कड़ी निंदा करती हैं, इसे संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन बताती हैं। आबिदीन गांव में जन प्रतिरोध ने कब्ज़ा करने वाली सेनाओं को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया, जो आक्रामकता के प्रति लोगों के इनकार को दर्शाता है। ये हमले नागरिकों को आतंकित करते हैं और स्थिरता को कमज़ोर करते हैं, जिससे तत्काल अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप आवश्यक हो जाता है।

ईरानी और संबद्ध प्रेस/ शासन
आक्रोशप्रतिशोधवादचेतावनी

ज़ायोनी शासन का दक्षिणी सीरिया में सैन्य प्रवेश सीरियाई क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन और एक खतरनाक वृद्धि है। आबिदीन के लोगों का प्रतिरोध, जिन्होंने कब्ज़ाधारियों का सामना किया, इज़रायली विस्तारवाद की क्षेत्रीय अस्वीकृति का प्रतीक है। तेहरान और उसके सहयोगी इन बार-बार होने वाली आक्रामकताओं को रोकने के लिए वैश्विक दबाव की मांग करते हैं जो क्षेत्रीय तनाव को बढ़ावा देती हैं।

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