
यूरोपीय संसद ने 'चैट कंट्रोल' अस्थायी नियमों को 2028 तक बढ़ाया, एन्क्रिप्टेड चैट को बाहर रखा
गुरुवार को हुए मतदान में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन वाली सेवाओं को स्कैनिंग से छूट देने वाला संशोधन पारित हुआ, जबकि विस्तार के विरोधियों को पूर्ण बहुमत नहीं मिला।
यूरोपीय संसद ने 9 जुलाई को एक विवादास्पद मतदान में बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) का पता लगाने के लिए डिजिटल संचार की अस्थायी निगरानी की अनुमति देने वाले नियमों को 3 अप्रैल 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी। इस विस्तार के साथ ही सदन ने एक संशोधन भी पारित किया जो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन वाली सेवाओं, जैसे व्हाट्सएप और सिग्नल, को इस स्कैनिंग के दायरे से बाहर रखता है। यह निर्णय अब यूरोपीय संघ की परिषद (काउंसिल) के पास भेजा जाएगा, जिसके पास तीन महीने के भीतर इस पर अंतिम मुहर लगाने का अधिकार है।
यूरोपीय संसद के भीतर इस मुद्दे पर गहरे मतभेद उभरे। केंद्र-दक्षिणपंथी यूरोपीय पीपुल्स पार्टी (ईपीपी), जिसमें संसद अध्यक्ष रोबर्टा मेत्सोला भी शामिल हैं, और केंद्र-वामपंथी सोशलिस्ट एंड डेमोक्रेट्स (एसएंडडी) के एक हिस्से ने विस्तार का समर्थन किया, इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया। वहीं, ग्रीन्स, वामपंथी गठबंधन, यूरोपीय कंज़र्वेटिव्स एंड रिफॉर्मिस्ट्स (ईसीआर) और धुर-दक्षिणपंथी समूहों ने इस कदम की कड़ी आलोचना की। जर्मन और इतालवी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन दलों ने इसे "लोकतांत्रिक कलंक" और "जन निगरानी" की ओर बढ़ता कदम करार दिया। यूरोपीय संघ की परिषद, जो सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व करती है, ने पहले ही इस विस्तार के पक्ष में मतदान किया था और उसके जल्द ही संसदीय संशोधनों को स्वीकार करने की संभावना है।
इस निर्णय का तात्कालिक प्रभाव यह होगा कि मेटा (इंस्टाग्राम, फेसबुक मैसेंजर), गूगल (जीमेल) और माइक्रोसॉफ्ट (स्काइप) जैसी अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियाँ स्वेच्छा से अनएन्क्रिप्टेड संदेशों और फाइलों को CSAM के लिए स्कैन कर सकेंगी। हालाँकि, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड सेवाओं को छूट देने वाला संशोधन मुख्यतः प्रतीकात्मक है, क्योंकि वर्तमान तकनीक से ऐसे संदेशों को स्कैन करना संभव नहीं है। फिर भी, यूरोपीय संसद के सूत्रों के अनुसार, यह संशोधन स्थायी कानून 'चैट कंट्रोल 2.0' पर चल रही बातचीत के लिए एक राजनीतिक संकेत है, जिसमें एन्क्रिप्शन को तोड़ने की अनिवार्यता पर बहस जारी है।
यह अस्थायी व्यवस्था, जिसे 'चैट कंट्रोल 1.0' कहा जाता है, पहली बार 2021 में लागू की गई थी और अप्रैल 2025 में समाप्त हो गई थी। इस दौरान कुछ कंपनियों ने बाल संरक्षण का हवाला देते हुए स्कैनिंग जारी रखी। यूरोपीय आयोग ने 2022 में एक स्थायी विनियमन (CSAR) प्रस्तावित किया, जो प्लेटफार्मों के लिए अनिवार्य स्कैनिंग और संभावित रूप से एन्क्रिप्टेड संचार की निगरानी की बात करता है। यह प्रस्ताव संसद, परिषद और आयोग के बीच त्रिपक्षीय वार्ता में फंसा हुआ है। संसद एन्क्रिप्शन की सुरक्षा पर अडिग है, जबकि परिषद और आयोग कड़े उपायों के पक्ष में हैं।
अब यह मामला यूरोपीय संघ की परिषद के पास है, जो तीन महीने के भीतर संसदीय संशोधनों पर निर्णय लेगी। यदि परिषद संशोधनों को स्वीकार कर लेती है, तो विस्तार कानून बन जाएगा। अस्वीकृति की स्थिति में, दोनों संस्थाओं के बीच सुलह प्रक्रिया शुरू होगी। इस बीच, स्थायी 'चैट कंट्रोल 2.0' कानून पर बातचीत जारी रहेगी, जिसका परिणाम यह तय करेगा कि यूरोप में डिजिटल गोपनीयता और बाल सुरक्षा के बीच संतुलन किस ओर झुकता है।
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