
दक्षिण अमेरिका में ध्रुवीय लहर की वापसी, एशिया में मानसून सक्रिय: वैश्विक मौसम का बदलता परिदृश्य
अर्जेंटीना और ब्राज़ील में भीषण ठंड कम होने के साथ ही भारत में भारी बारिश की चेतावनी और मेक्सिको में मानसूनी प्रभाव से मौसम प्रणालियों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है।
दक्षिणी गोलार्ध में सर्दी की पकड़ ढीली पड़ रही है, जबकि उत्तरी गोलार्ध के कई हिस्सों में मानसून और तापमान की चरम स्थितियाँ बनी हुई हैं। अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स प्रांत में पिछले सप्ताह तक शून्य से नीचे तापमान और व्यापक पाला पड़ने के बाद अब उत्तरी हवाओं के कारण तापमान में 2°C से 4°C तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसे स्थानीय मौसम विज्ञानी 'जुलाई की गर्मी' कह रहे हैं। इस बदलाव से कृषि क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि पाले का खतरा कम होगा और मिट्टी में नमी लौटेगी।
दक्षिण अमेरिका के अन्य भागों में विपरीत रुझान देखने को मिल रहे हैं। ब्राज़ील के रियो ग्रांडे डो सुल राज्य के लिए नागरिक सुरक्षा विभाग ने पाँच दिनों के 'गंभीर मौसम' का अलर्ट जारी किया है, जिसमें 90 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार वाली आँधी, ओलावृष्टि और भारी बारिश की आशंका है। यह चेतावनी 16 से 20 जुलाई तक प्रभावी रहेगी। वहीं कोलंबिया में बोगोटा और कार्टाजेना जैसे शहरों में 80% तक वर्षा की संभावना के साथ 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएँ चलने का अनुमान है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
एशिया में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के 14 राज्यों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। मेघालय और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 'अत्यधिक भारी वर्षा' का रेड अलर्ट है, जबकि असम, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। दूसरी ओर, दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों में मानसून की धुरी के उत्तर की ओर खिसकने के कारण 18-19 जुलाई तक हल्की बारिश की ही उम्मीद है, जिससे उमस भरी गर्मी जारी रहेगी।
उत्तरी अमेरिका में मेक्सिको का मानसून सक्रिय हो गया है, जिससे जलिस्को और युकातान प्रायद्वीप में भारी बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। युकातान में अधिकतम तापमान 40°C तक पहुँचने का अनुमान है, जबकि मेक्सिको सिटी और पुएब्ला में न्यूनतम तापमान 8°C तक गिर सकता है। रूस की राजधानी मॉस्को में 17-18 जुलाई से बारिश थमने और तापमान में बढ़ोतरी का पूर्वानुमान है, जिससे वहाँ भी मौसम साफ होने की संभावना है।
अगला महत्वपूर्ण मोड़ 22 जुलाई के आसपास आ सकता है, जब अर्जेंटीना में एक नया ध्रुवीय मोर्चा प्रवेश करेगा और तापमान फिर से गिरकर शून्य से नीचे जा सकता है। भारत में मानसून की सक्रियता पर नज़र रखनी होगी, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव खरीफ फसलों की बुआई और जलाशयों के जलस्तर पर पड़ेगा।
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
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| रूसी और सीआईएस प्रेस | 0.00 | neutral |
भारत क्षेत्रीय चेतावनियों और व्यावहारिक सलाह के साथ मानसून की निगरानी करता है।
IMD के अधिकार और सटीक संख्यात्मक डेटा की प्रस्तुति के माध्यम से विश्वसनीयता बनाई जाती है।
लैटिन अमेरिका चरम और अप्रत्याशित मौसम का वर्णन करता है, चेतावनियों और पूर्वानुमानों को बारी-बारी से प्रस्तुत करता है।
आधिकारिक चेतावनियों (Defesa Civil, SMN) और विपरीत घटनाओं (गर्मी/ठंड) के वर्णन का उपयोग तात्कालिकता और तैयारी की आवश्यकता की भावना पैदा करता है।
रूस एक आश्वस्त करने वाले स्वर में मास्को में बारिश के अंत की घोषणा करता है।
पूर्वानुमान को हाइड्रोमेटोरोलॉजिकल सेंटर के अधिकार के आधार पर, बिना भावनात्मक जोर के, एक निश्चितता के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
रूसी ब्लॉक दक्षिण अमेरिका और भारत में चरम मौसम की घटनाओं को छोड़ देता है, एक स्थानीयकृत और सौम्य तस्वीर पेश करता है जो गंभीर मौसम के वैश्विक संदर्भ के विपरीत है।
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