
यूक्रेन: प्रधानमंत्री स्विरिडेंको का इस्तीफ़ा मंज़ूर, पूरी कैबिनेट बर्ख़ास्त; नए प्रधानमंत्री पर 16 जुलाई को वोट
यूक्रेन की संसद ने प्रधानमंत्री यूलिया स्विरिडेंको और उनके पूरे मंत्रिमंडल का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने इसे 'अद्यतन राजनीतिक रणनीति' का हिस्सा बताया।
यूक्रेन की वेरखोव्ना राडा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री यूलिया स्विरिडेंको के इस्तीफ़े के पक्ष में 258 वोट दिए, जिसके साथ ही संपूर्ण मंत्रिमंडल स्वतः बर्ख़ास्त हो गया। संसदीय प्रक्रिया के अनुसार, नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति तक प्रथम उप-प्रधानमंत्री व ऊर्जा मंत्री डेनिस श्मिहाल कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहेंगे। यूक्रेनी संसद के प्रवक्ता के अनुसार, नए प्रधानमंत्री के लिए मतदान 16 जुलाई को होने की संभावना है।
राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस फेरबदल को 'अद्यतन राजनीतिक रणनीति' का हिस्सा बताते हुए कहा कि प्रत्येक प्राथमिक विदेश नीति दिशा के लिए व्यापक अनुभव वाला एक विशिष्ट व्यक्ति जिम्मेदार होगा। यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, स्विरिडेंको को 'एक प्रमुख साझेदार के साथ संबंधों में नई महत्वपूर्ण भूमिका' का प्रस्ताव दिया गया है, हालांकि यूक्रेनी मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि उन्होंने अमेरिका में राजदूत बनने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। वहीं, विपक्षी दलों ने इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। 'यूरोपीय एकजुटता' के पूर्व राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको और 'बात्किवश्चिना' की नेता यूलिया तिमोशेंको ने संसद में सवाल उठाया कि यदि सरकार इतनी 'शानदार' थी तो उसे क्यों हटाया जा रहा है। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि सरकार वास्तविक निर्णय नहीं लेती थी और भ्रष्टाचार के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई।
पश्चिमी अधिकारियों के हवाले से फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कैबिनेट फेरबदलों ने साझेदारों का भरोसा कम किया है क्योंकि वे इन निर्णयों के उद्देश्यों को नहीं समझ पाते। यूक्रेनी विश्लेषकों का मानना है कि युद्धकाल में चुनावों पर रोक के कारण मंत्रिमंडल में बदलाव ही राजनीतिक नवीनीकरण का संकेत देने का एक प्रमुख साधन बन गया है। कीव स्थित यूरोपीय नीति संस्थान की एक विशेषज्ञ के अनुसार, असली परीक्षा यह होगी कि ज़ेलेंस्की नए मंत्रियों को प्रभावी ढंग से काम करने के लिए पर्याप्त अधिकार सौंपते हैं या नहीं।
स्विरिडेंको ने जुलाई 2024 में पदभार संभाला था और इस दौरान उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों के साथ खनिज निवेश समझौते पर बातचीत की, जो ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ तनातनी के बाद हुआ। यूक्रेनी मीडिया के अनुसार, नए प्रधानमंत्री के प्रमुख दावेदारों में सरकारी ऊर्जा कंपनी नाफ्तोगाज़ के प्रमुख सेर्गेई कोरेत्स्की, वर्तमान कार्यवाहक प्रधानमंत्री डेनिस श्मिहाल, रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव और खारकीव के मेयर इहोर तेरेखोव शामिल हैं। कोरेत्स्की को राष्ट्रपति का करीबी माना जाता है और उनकी नियुक्ति को ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है, विशेषकर रूसी हमलों से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के मद्देनज़र।
यह फेरबदल ऐसे समय में हो रहा है जब यूक्रेन चार वर्षों से अधिक समय से जारी युद्ध, ऊर्जा संकट और भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रहा है। नवंबर 2024 में ऊर्जा क्षेत्र में 10 करोड़ डॉलर के घोटाले के खुलासे के बाद विपक्ष ने 'राष्ट्रीय मुक्ति सरकार' की मांग की थी, लेकिन ज़ेलेंस्की ने तब अपने प्रमुख सहयोगियों को बचाए रखा। अब संसदीय मतदान के बाद सारा ध्यान 16 जुलाई को होने वाले नए प्रधानमंत्री के चुनाव पर केंद्रित है, जिसके बाद अन्य मंत्रियों की नियुक्ति का क्रम भी तय होगा।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.20 | neutral |
|---|---|---|
| अरब लेवांत-मगरिब प्रेस | 0.00 | neutral |
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
Zelensky's critics question the need for the reshuffle, highlighting the lack of explanation.
It gives voice to critical parliamentarians, presenting their perplexity as representative of widespread discontent.
The strategic context of the reshuffle, such as the change in political strategy and ties with the United States, is omitted.
Ukraine is strategically reorienting, with a government change reflecting new priorities in relations with the United States.
By including details on negotiations with the US and Svyrydenko's appointment, it suggests the reshuffle is linked to geopolitical dynamics.
Internal criticism of the reshuffle and the lack of explanation from Zelensky are omitted.
The Ukrainian parliament approved the resignation, an institutional fact.
By reporting only the vote without commentary, it presents the event as a normal procedure.
Strategic context, criticism, and speculation on the successor are omitted.
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